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महिला के पेट से निकले एक फुट स्पंज के टुकड़े, डॉक्टर ने कहा - खा लिया होगा

आंतड़ियों की सर्जरी कर टीचर की जान बचाई गई।

Danik Bhaskar | Jan 25, 2018, 01:03 AM IST
37 वर्षीय स्कूल टीचर 37 वर्षीय स्कूल टीचर

जालंधर. शहर की एक गायनेकॉलोजिस्ट द्वारा ऑपरेशन के दौरान 37 वर्षीय स्कूल टीचर के पेट में 1 फीट लंबा स्पंज छोड़ने का मामला सामने आया है। तीन महीने स्पंज पेट में आंतड़ियों से चिपका रहा। आंतड़ियों की सर्जरी कर टीचर की जान बचाई गई। टीचर और उनके पति ने गायनेकॉलोजिस्ट डॉ. रूचि भार्गव के खिलाफ पुलिस में दिसंबर 2017 में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने इलाज में लापरवाही के लिए मामला सिविल सर्जन को सौंप दिया है।

पुलिस ने जांच के बाद मामला सिविल सर्जन को सौंपा

- सिविल सर्जन द्वारा गठित बोर्ड ने टीचर और उनके पति के बयान दर्ज किए। रसूलपुर गांव निवासी टीचर मनदीप कौर के पति कुलजिंदर सिंह ने बताया कि सितंबर 2016 में न्यू जवाहर नगर स्थित भार्गव हॉस्पिटल में इलाज शुरू हुआ था।

- 27 जुलाई 2017 मनदीप को हॉस्पिटल में दाखिल किया गया और 28 जुलाई को सिजेरियन से जुड़वां लड़का और लड़की पैदा हुए। ऑपरेशन के दिन ही वह ठीक महसूस नहीं कर रही थी।

- 2 सितंबर को डिस्चार्ज करने के बाद भी दर्द नहीं गया और पेट की बाईं ओर उभार आ गया।

- हम हॉस्पिटल दोबारा गए तो डॉ. रुपिंदर भार्गव ने कहा कि सिजेरियन के बाद ऐसा उभार आ जाता है। डरने की कोई बात नहीं। मनदीप का पेट खराब रहने लगा। कुछ भी खाती हजम नहीं होता। तबीयत बिगड़ती जा रही थी।

30*13 सेमी का था स्पंज

- अक्टूबर में डॉ. विजय नंदा को दिखाया तो उन्होंने सीटी स्कैन कराने को कहा। हमने शहर के कई प्राइवेट हॉस्पिटलों में दिखाया तो डॉक्टरों ने कहा कि पेट में अनपचा खाना जमा हो गया है उसे सर्जरी कर निकालना होगा।

- हमें किसी पर विश्वास नहीं हुआ तो हमने डीएमसी लुधियाना के डॉ. सतपाल सिंह विर्क को दिखाया उन्होंने कहा कि तुरंत ऑपरेशन करना होगा।

- 7 नवंबर को दाखिल किया और 8 को ऑपरेशन कर दिया। ऑपरेशन के बाद हमें बताया गया कि पेट से 30*13 सेमी का स्पंज निकला है जो कि पिछली सर्जरी में पेट में ही छूट गया था।

- आंतों से चिपकने से आंतों को काटकर रिपेयर करना पड़ा। पति ने कहा कि -हम चाहते हैं डॉक्टर का लाइसेंस कैंसिल हो।

डाक्टरों ने नहीं सुनी बात : मनदीप

मनदीप ने बताया कि सिजेरियन के ठीक बाद से शुरू हुई दर्द अगले कई दिन तक जारी थी। मुझे लग रहा था कि मेरे पेट में कुछ है। मगर डॉ. रूचि और डॉ. रुपिंदर भार्गव ने मेरी बात पर यकीन नहीं किया कि मेरे पेट में कोई चीज छूट गई है। वे हमेशा कहते रहे सब ठीक है।

मरीज ने स्पंज खा लिया होगा : डॉ. रुपिंदर

भास्कर ने सिजेरियन करने वालीं डॉ. रुचि भार्गव से बात करने की कोशिश की लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। उनके पति और सर्जन डॉ. रुपिंदर भार्गव ने बताया कि सर्जरी के बाद निकला मैटीरियल मरीज ने खा लिया होगा। वह उनकी आंतड़ियों से निकला है। मरीज और उनके परिवार वालों के खिलाफ मैं मानहानि का केस करूंगा।

पति मनदीप पति मनदीप
गायनिकॉलोजिस्ट डॉ. रूचि भार्गव और उनके पति डॉ. रुपिंदर गायनिकॉलोजिस्ट डॉ. रूचि भार्गव और उनके पति डॉ. रुपिंदर