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लड़की लिफ्ट के बहाने लोगों से करती थी ऐसा काम, ब्वायफ्रेंड भी होता था साथ

हाईवे पर लिफ्ट मांगने के लिए खड़ी होती थी। बाइक पर लगाते थे फर्जी नंबर।

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 04:54 AM IST
डेमोफोटो डेमोफोटो

जालंधर. हाईवे पर लिफ्ट लेने के बहाने लोगों को लूटने के मामले में लड़की और उसके पार्टनर को अदालत ने 10-10 साल कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर तीन महीने की कैद और काटनी होगी। आरोपी सुमन कौर करतारपुर के गांव जमालपुर की रहने वाली है तो उसका पार्टनर फगवाड़ा के शहीद उधम सिंह नगर का। सुमन कौर हाईवे पर लिफ्ट मांगने के लिए खड़ी होती थी। कार या बाइक सवार कोई व्यक्ति रुकता तो उसका पार्टनर दातर दिखाकर लूट लेता था।

दोनों अपनी बाइक पर फर्जी नंबर लगाकर लूटपाट करते थे ताकि अगर कोई नंबर नोट कर भी ले तो पुलिस उन्हें पकड़ न पाए। दोनों ने भोगपुर एरिया में लूट की दो वारदातें करने की बात मानी थी। लोगों से लूटे गए पैसे से दोनों ऐश की जिंदगी जी रहे थे। थाना भोगपुर में धारा 379-बी के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच पूरी कर चार्जशीट फाइल की थी।

बाइक पर लगाते थे फर्जी नंबर
ASI बरजिंदर सिंह टीम के साथ एरिया में बीते साल 14 अक्टूबर को गश्त पर थे। इस दौरान उन्हें सूचना मिली कि पठानकोट हाईवे पर एक महिला अपने दोस्त के साथ मिलकर लिफ्ट मांगकर शिकार को रोकती है और उसका साथी हथियार दिखाकर लूट लेता है। दोनों आरोपियों को किशनगढ़ चौक के पास देखा गया था।

पुलिस ने रेड की तो दोनों ने भागने की कोशिश की। लेडी कांस्टेबल सरबजीत कौर ने सुमन कौर और एएसआई ने हवलदार सुखविंदर सिंह और नरिंदर सिंह ने सन्नी को पकड़ लिया। उनसे मिली बाइक पर फर्जी नंबर लगा था। पुलिस ने इनके पास से 50 हजार रुपये और सोने के गहने बरामद किए थे।

अपराध का ग्राफ काफी बढ़ गया
IPC की धारा 379 बी में जुर्म साबित होने पर आरोपी को कम से कम 10 साल और अधिक से अधिक 14 की कैद हो सकती है। बता दें कि पहले पुलिस छीनाझपटी या इससे जुड़े संगीन अपराध के तहत आईपीसी की 356 या 382 इस्तेमाल करती थी। चूंकि इसके तहत होने वाले अपराध का ग्राफ काफी बढ़ गया था, इसलिए सरकार ने इस धारा में संशोधन करने का फैसला लिया था। स्नैचिंग के मामलों में सबसे ज्यादा महिलाएं प्रभावित हो रही हैं।

2014 में सरकार ने इस जुर्म को कठोर बनाते हुए 379-ए और 379-बी बनाई थी ताकि स्नैचिंग में धारा 379-बी का इस्तेमाल कर आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद राज्य पुलिस ने इसी धारा के तहत केस दर्ज करने शुरू कर दिए हैं।


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