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3 घंटे ब्लिडिंग के बाद हुआ मासूम का जन्म, डॉक्टर ने बच्चेदानी उल्टी डाल दी थी अंदर

बहू के खून से भरी बाल्टी देख बेहोश हुई सास, 3 घंटे ब्लडिंग के बाद हुआ मासूम का जन्म

Bhaskar News | Last Modified - Mar 14, 2018, 03:55 AM IST

  • 3 घंटे ब्लिडिंग के बाद हुआ मासूम का जन्म, डॉक्टर ने बच्चेदानी उल्टी डाल दी थी अंदर
    पति लवदीप औरनी पत्नी और बच्चे के सथ।

    होशियारपुर (अमृतसर).होशियारपुर सिविल अस्पताल की लापरवाही की वजह से एक मामला सामने आया है। यहां दशमेश नगर के लवदीप ने पत्नी की डिलीवरी के लिए सिविल अस्पताल में सुबह 10.30 बजे एडमिट कराया। रात 8.29 पर बच्चे ने जन्म लिया, लेकिन डिलीवरी के दौरान बच्चेदानी बाहर आने की वजह से ब्लीडिंग नहीं रुक रही थी। जल्दबाजी में गायनेकोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति में डॉक्टर ने बच्चेदानी को उल्टी डाल दी इस दौरान आंत भी क्षतिग्रस्त होने से खून का बहाव और तेज हो गया जब शरीर में दो ग्राम खून बचा तो पीड़िता को रात 11 बजे अमृतसर रेफर कर दिया गया। अमृतसर स्थित जीएनडीएच के डॉक्टर ने सोमवार रात ऑपरेट कर महिला की जान बचाई, फिलहाल मां और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।

    उधर, सिविल सर्जन डाॅ. रेनू सूद ने कहा कि जिले में गायनी डॉक्टर नहीं है। एमबीबीएस महिला डॉक्टर्स ही डिलीवरी करवाती हैं। गायनी डॉक्टर के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। वहीं, डीएसपी सिटी सुखविन्दर सिंह ने लोगों को भरोसा दिलाया कि जो कमेटी की रिपोर्ट आएगी उसी के हिसाब से अगली कार्रवाई की जाएगी।

    खून से भर गई थी बाल्टी

    - लवदीप कुमार उर्फ लवली ने बताया कि उसकी शादी टांडा की रहने वाली संगीता से 19 अप्रैल 2017 को हुई थी। रविवार को सुबह 10:30 बजे प्रसव पीड़ा शुरू होते ही उसने सिविल अस्पताल में भर्ती करा दिया।

    - शाम 7 बजे उसे ऑपरेशन थियेटर ले जाया गया। 8:30 बजे उसे यह बताया गया कि उसे लड़का हुआ है। वह परिजनों के साथ खुशी मनाने लगा, लेकिन रात 11 बजे अचानक डॉक्टरों ने उससे कहा कि संगीता का खून 2 ग्राम रह गया है उसे तुरंत अमृतसर ले जाया जाए।

    - लवदीप ने कहा कि जब उसने पत्नी को अस्पताल में भर्ती कराया था तो उस वक्त खून 9 ग्राम था, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही के चलते उसका सारा खून बह गया।

    - लवदीप ने बताया कि डिलीवरी के दौरान बच्चेदानी बाहर आ गई थी, चूंकि ब्लीडिंग हो रही थी इसलिए वहां रखी बाल्टी खून से भर गई थी। लवदीप ने कहा कि उसे अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था। दूसरी तरफ लवदीप की मां ममता रानी खून से भरी बाल्टी देखर वहीं बेहोश हो गई।

    खून देने के लिए रखी शर्त- पहले दो ब्लड डोनर्स लेकर आओ

    -लवदीप ने बताया कि जब संगीता की तबीयत सीरियस हो गई तो उसे यह कहा गया कि आप खून का इंतजाम करें, ताकि खून चढ़ाकर उसे अमृतसर भेजा जाए।

    - खून के लिए उसे बोला गया कि आप भाई कन्हैया जी ब्लड बैंक से खून लेकर आएं। इसके लिए कागज तैयार किए गए। बाद में उसे कहा गया कि आप अब अस्पताल की ब्लड बैंक में चले जाओ। जब वह ढूंढता-ढूंढता ब्लड बैंक पहुंचा तो उसे यह कहा गया कि पहले खून का इंतजाम करो फिर खून के बदले खून मिलेगा और उसके लिए ब्लड डोनर्स लेकर आओ।

    - लवदीप ने बताया कि वह खून के लिए इधर-उधर भटकता रहा। जब उन्हें यह आश्वासन दिया गया कि सुुबह दो लोग खूनदान करने आएंगे तब जाकर अस्पताल के ब्लड बैंक से खून मिला।

    - लवदीप ने कहा कि खून देने से पहले बार-बार ब्लड सैंपल गाढ़ा और पतला होने के वजह से काफी समय खराब किया गया। बाद में उसे बोला गया कि आपकी पत्नी अब बचने वाली नहीं, इसे अमृतसर ले जाना पड़ेगा।

    अमृतसर की गायनी डॉक्टर सुजाता ने सपष्ट कहा- बच्चेदानी बाहर आ गई थी, थोड़ी देर हो जाती तो जान चली जाती

    -गंभीर हालत में रविवार देर रात होशियारपुर से अमृतसर के गुरु नानक देव अस्पताल के बेबे नानकी वार्ड में रेफर की गई महिला 29 वर्षीय संगीता को सोमवार को ऑपरेट कर बचा लिया गया।

    - गायनी वार्ड-1 डॉ. सुजाता शर्मा की टीम ने बताया कि अगर थोड़ी देर और हा़े जाती ताे संगीता को बचाना मुश्किल हो जाता था। दरअसल ब्लीडिंग होने से उसके शरीर में मात्र 2 ग्राम खून रह गया था।

    जिम्मेदार सीएमओ के गैर जिम्मेदाराना बयान :

    एंबुलेंस में स्टाफ न भेजने पर बोले-हमारे ड्राइवर ही हैं पूरे ट्रेंड

    सीएमओ विनोद सरीन से जब यह पूछा गया कि संगीता को बिना नर्स के ही अमृतसर रेफर क्यों किया गया तो उन्होंने कहा कि उनका ड्राइवर ट्रेंड है।

    बच्चेदानी बाहर आने पर बोले-परिवार बोल रहा है झूठ

    दूसरी तरफ संगीता के हालत पर उन्होंने कहा कि परिवार झूठ बोल रहा है। डॉक्टर ने रिपोर्ट दी है कि बच्चेदानी बाहर नहीं आई थी। लेकिन जब उनसे गुरु नानक देव अस्पताल के डॉक्टरों की रिपोर्ट के बारे में बताया तो उन्होंने अपनी बात पलटते हुए कहा कि बच्चेदानी थोड़ी बाहर आई थी। बाकी अगर उन्हें शिकायत मिलेगी तो ही वह जांच करवाएंगे।

    गायनेकोलॉजिस्ट के पद हैं खाली

    बता दें कि डॉक्टर मानसी शर्मा ने संगीता की डिलीवरी की है वह एक सामान्य डॉक्टर हैं। गायनेकोलॉजिस्ट की दो पोस्टें लंबे समय से खाली हैं।

    संवेदनहीनता- बिना नर्स, ड्राइवर के भरोसे भेज दिया अमृतसर

    - लवदीप ने बताया कि संगीता को अमृतसर ले जाने के लिए जब उसने कहा ऐसी हालात में वह उसे कैसे लेकर जाएगा? तो वहां पर जो स्टाफ था उन्होंने कहा कि आपको अब ऐसे ही ले जाना पड़ेगा।

    - लवदीप ने बताया कि वहां पर जो स्टाफ नर्सें थीं उनको जब मैंने यह पूछा कि रास्ते में वह खून की बोतल कैसे बदल सकता है तो उन्होंने उसकी एक नहीं सुनी और एक खून की बोतल उसके हाथ में थमा दी। गाड़ी में बोतल टांगने के लिए हुक तक नहीं था।

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Web Title: Irresponsibility Of Civil Hospital And Doctor
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