--Advertisement--

पूरी डाइट न मिलने से नेशनल प्लेयर्स का वजन 5 से 8 किलो घटा, एक कमरे में हैं 18 स्टूडेंट्स

खिलाड़ी पैसे की कमी के कारण जूडो सेंटर छोड़ने के बारे कह रहे हैं।

Danik Bhaskar | Dec 20, 2017, 05:08 AM IST
खिलाड़ियों ने बताया कि मैस पर कई महीने से ताला लटका हुआ है। खिलाड़ियों ने बताया कि मैस पर कई महीने से ताला लटका हुआ है।

जालंधर. सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल लाडोवाली रोड में जूडो विंग के खिलाड़ियों को डाइट नहीं मिलने से नेशनल मेडलिस्ट छह खिलाड़ियों का 5 से 8 किलो वजन कम हो गया है। 9 अक्टूबर से स्कूल में शुरू हुए जूडो विंग के खिलाड़ियों को अभी तक सरकार की तरफ से मिलने वाले 125 रुपये रोजाना की डाइट एक दिन भी नहीं मिली। खिलाड़ी घर से पैसे लेकर गुजारा कर रहे हैं। हालात ये हैं कि सभी खिलाड़ी पैसे की कमी के कारण जूडो सेंटर छोड़ने के बारे कह रहे हैं। विंग में कुल 18 बच्चे हैं जिन्हें आज तक स्कूल में डाइट नहीं मिली।

विंग अलाॅट होने के बाद स्कूल मैस में खिलाड़ियों के लिए खाना बनाया जाता है लेकिन सरकारी स्कूल में बनी मैस कई महीने से बंद है। खिलाड़ियों ने बताया कि कई बार वह प्रिंसिपल वरिंदर कौर को डाइट नहीं मिलने के बारे में बता चुके हैं पर अभी तक समस्या का हल नहीं निकला। घर वालों से पैसे लेकर खुद ही रोजाना बाहर से तीनों टाइम का खाना खा रहे हैं। कम पैसों में पेट भर खाना नहीं मिलने के कारण वेट घटने लगा है। प्रैक्टिस भी पूरी तरह से नहीं कर पा रहे। स्टूडेंट्स का आरोप है कि स्कूल के माली मोहनलाल को ही वार्डन बनाया हुआ है। स्कूल में पिछले साल मैस से ही खिलाड़ियों को खाना दिया जाता था लेकिन विंग शुरू होने के बावजूद इस बार मैस शुरू नहीं हो पाई।

18 खिलाड़ी छोटे से कमरे में रहने पर हैं मजबूर
खिलाड़ियों की मानें तो स्कूल के शौचालय ठीक नहीं हैं। बच्चे स्कूल के बाहर बने निगम के शौचालय का इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए भी उन्हें पैसे देने पड़ते हैं। एक ही कमरे में 18 खिलाड़ी रह रहे हैं।

नेशनल व स्टेट गेम्स में जीत चुके मेडल

अबोहर का सिद्धार्थ नेशनल गेम्स में ब्रांज मेडलिस्ट, तरनतारन का महकप्रीत सिंह सिल्वर मेडलिस्ट, नकोदर का मनोज गिल स्टेट सिल्वर मेडलिस्ट, बशीरपुरा का ओम लाहौरिया स्टेट गेम्स में सिल्वर मेडलिस्ट, मोहल्ला गोबिंदगढ़ का अशोक कुमार ब्रांज मेडलिस्ट, गाखलां का आदित्य सिल्वर मेडलिस्ट, बशीरपुरा का सुनील कुमार स्टेट चैंपियनशिप में ब्रांज मेडलिस्ट, शमन, तेजिंदर सिंह, हरमनजीत सिंह, अभि कुमार, सिकंदर, ओम कल्याण, रितिक, प्रियांशु, बलवीर, खुशदीप दुग्गल, सागर है जिन्होंने स्टेट व नेशनल गेम्स में मेडल हासिल किए हैं। देश का नाम रोशन करने वाले प्लेयर्स को खाने के लिए भी तरसना पड़ रहा है। कई खिलाड़ी इसी कारण गेम को हमेशा के लिए छोड़ चुके हैं।

शिक्षा विभाग की नॉलेज में है सारा मामला : प्रिंसिपल
स्कूल में जो भी हालात हैं, उसके बारे शिक्षा विभाग को बताया जा चुका है। मैं डिपार्टमेंट के बाहर होकर काम नहीं कर रही हूं। जब खिलाड़ियों के लिए विंग अलाट हुआ था तब ही चिट्‌ठी के जरिये मैंने विभाग को बताया था कि विंग चलाने के लिए उचित जगह नहीं है, क्योंकि खिलाड़ियों के लिए वॉशरूम नहीं है, लेकिन फिर भी विंग शुरू किया गया। स्कूल में जो भी समस्याएं हैं, उसके बारे में शिक्षा विभाग को लिखित में बताया जा चुका है।- वरिंदरजीत कौर, प्रिंसिपल

मैस स्कूल चलाता है
हमें चंडीगढ़ ऑफिस से जो हिदायतें आती हैं। उन्हें ही स्कूल को लागू करने के लिए कहा जाता है। सरकारी सीनियर सेकेंडरी मॉडल स्कूल को भी उन हिदायतों को लागू करने के लिए कहा गया है। मैस स्कूल वालों ने कमेटी बनाकर चलानी होती है।- हरविंदरपॉल, असिस्टेंट एजु.अफसर, स्पोर्ट्स

डीईओ से जवाब मांगेंगे
डीईओ व एईओ से सारे मामले के बारे में पूछा जाएगा। क्योंकि काफी पुराना विंग चल रहा है। क्या प्रॉब्लम है, इसके बारे में सारी बात क्लियर होने के बाद ही कोई कार्रवाई होगी। मैस शुरू करवाई जाएगी।-परमजीत सिंह, डीपीआई

स्कूल में कोऑपरेटिव मैस
स्कूल को चिट्‌ठी लिखकर मैस चालू करने के लिए कहा था। जवाब में उन्होंने कोऑपरेटिव मैस चलाने के बारे में लिखा है। स्कूल में खिलाड़ियों के लिए वाशरूम का उचित प्रबंध नहीं है। इसके बारे में मुझे पता नहीं था, स्कूल की प्रिंसिपल से जल्द बात की जाएगी। सुविधाएं दी जाएंगी।- नीलम कुमारी, डीईओ

विंग है पर मैस का पता नहीं
स्कूल में खिलाड़ियों के विंग तो काफी समय से अलाॅट हुआ है, लेकिन मैस चालू नहीं। इसके बारे में मैं डीईओ व एईओ से पता करवाता हूं। जल्द मैस शुरू करवा देंगे।- रुपिंदर रवि, स्टेट आर्गेनाइजर स्पोर्ट्स