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नई सोच ने 11 लाख से बनवाई गाड़ी, लिफ्ट से उठाए जाएंगे अावारा पशु

​योगेश कौशल | Last Modified - Dec 14, 2017, 06:44 AM IST

अावारा और घायल पशुओं को आसानी से पकड़ने और निर्धारित जगह पर लेजाने के लिए नई सोच संस्था ने एक गाड़ी तैयार करवाई है।
  • नई सोच ने 11 लाख से बनवाई गाड़ी, लिफ्ट से उठाए जाएंगे अावारा पशु

    होशियारपुर.अावारा और घायल पशुओं को आसानी से पकड़ने और निर्धारित जगह पर लेजाने के लिए नई सोच संस्था ने एक गाड़ी तैयार करवाई है। गाड़ी बनवाने पर 11 लाख रुपए खर्च हुए हैं। नई सोच के अध्यक्ष अश्विनी गैंद ने कहा कि तीन साल से वह आवारा पशुओं को पकड़ कर गोशालाओं में छोड़ रहे हैं। इस दौरान संस्था को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पशु पकड़े तो जाते थे और गाड़ी में डालते काफी मशक्कत करनी पड़ती। समय भी बर्बाद होता। इस समस्या के समाधान के लिए दानी सज्जनों से करीब 11 लाख रुपए इकट्ठा किए। इसमें अहम रोल सेठ रोहताश जैन ने निभाया।

    उन्होंने कुराली की एक कंपनी से इस गाड़ी को तैयार भी करवाया। गैंद ने बताया कि गाड़ी के पीछे लिफ्ट लगी है। एक हिस्सा गाड़ी के पीछे है, जिसमें पशुओं को लेजाया जाएगा। उस हिस्से के चारों ओर गार्ड हैं। यहां से उसे लिफ्ट से उठाकर गाड़ी में लेजाया जाएगा। पहले नई सोच पशुओं को गोशालाओं में पहुंचाती थी। अब गांव फलाही के कैटल पाउंड में छोड़ रही है। अश्विनी गैंद ने बताया कि वीरवार सुबह 10 बजे मिनी सचिवालय में डीसी विपुल उज्जवल इस गाड़ी को हरी झंडी देकर रवाना करेंगे। उस समय से ही पशुओं को उठाने का काम शुरू कर दिया जाएगा।

    संस्था के सदस्य बोले-डेयरी वालों ने पशु छोड़े तो उठाकर कैटल पाउंड ले जाएंगे

    प्रधान अश्विनी गैंद ने बताया कि नई सोच संस्था के सदस्य लगातार बढ़ रहे हैं और अवारा पशुओं को पकड़ने में बढ़-चढ़कर सहयोग दे रहे हैं। शहर के लोग भी इस काम में आगे आ रहे हैं। जो नई गाड़ी बनाई गई है, उसमें संस्था के सभी सदस्यों ने मदद की है। उन्होंने कहा कि शहर में एक भी पशु आवारा नहीं रहने देंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि डेयरी वाले पशु सोच समझ कर ही सड़कों पर छोड़ें, अन्यथा वो पशु भी उठा लिए जाएंगे। बता दें कि शहर में कई डेयरी वाले सुबह दूध दोहने के बाद पशुओं को आवारा छोड़ देते हैं और शाम को वह पशु पकड़ कर डेयरी ले आते हैं।

    पशुओं से लोग परेशान, बाहर खड़ी गाड़ियां भी तोड़ देते हैं
    कुछ सालों से शहर में आवारा पशुओं की समस्या लगातार बढ़ रही है। इसके चलते हादसे हो रहे हैं और शहर की ट्रैफिक भी प्रभावित हो रही है। कई लोग इनके हमलों का शिकार हो चुके हैं। यहां तक कि घरों के बाहर खड़े वाहनों से भी तोड़फोड़ करते हैं। तीन दिन पहले ही गाड़ी में बैठी महिला पर सांड ने हमला कर घायल कर दिया। नई सोच के नए प्रयास से लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है।

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Web Title: New Thinking Made Of 11 Million Cars
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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