Hindi News »Punjab News »Jalandhar News» Nurse Seeks Rs 1200 Before Cutting Nadu

हॉस्पिटल में नाड़ू काटने से पहले नर्स ने मांगी 1200 रुपये बधाई, हर डिलीवरी पर वसूली

bhaskar news | Last Modified - Dec 04, 2017, 04:16 AM IST

ये है कानून; नेशनल हेल्थ मिशन के तहत फ्री होती है डिलीवरी।
  • हॉस्पिटल में नाड़ू काटने से पहले नर्स ने मांगी 1200 रुपये बधाई, हर डिलीवरी पर वसूली
    राज बहादुर बच्चे के साथ।

    जालंधर.नेशनल हेल्थ मिशन के तहत सरकारी अस्पतालों में प्रेग्नेंट महिलाओं की डिलीवरी फ्री है पर स्टाफ तब तक नवजात का नाड़ू नहीं काटता जब तक उसे बधाई मिल जाए। नागरा रोड निवासी 28 वर्षीय राज बहादुर ने बताया कि इतवार दोपहर सवा तीन बजे पत्नी नीलम की डिलीवरी के बाद नर्स ने 1200 रुपये मांगे। हमने कहा, हमारे पास नहीं हैं। इस पर उसने कहा, चुपचाप पैसे दे दो वरना बच्ची का नाड़ू नहीं काटेंगे।

    राज बहादुर डर गया 500 रुपये दिए। बच्ची को लेकर जैसे ही वार्ड में पहुंचा तो एक अन्य महिला कर्मचारी आई और बोली, बधाई दो। राज ने जवाब दिया कि मेरे पास और पैसे नहीं हैं। जो थे, दे चुका हूं। जैकेट की ऊपर वाली जेब में नोट देख महिला स्टाफ ने खुद ही निकाल लिए। इसका विरोध करते हुए राजबहादुर ने मदद के लिए ब्लड एसोसिएशन को फोन किया। स्टाफ को जब लगा कि बात अस्पताल से बाहर जा रही है तो मामला रफा-दफा करने की कोशिश होने लगी।

    थोड़ी देर में पहली वाली महिला कर्मचारी ने भी 500 रुपये लौटा दिए। मैंने पैसे बच्ची के पास रख दिए तो आशा वर्कर बोली, मुझे बधाई दे दो। आशा वर्कर ने पैसे उठा लिए। भास्कर टीम जब सिविल अस्पताल पहुंची तो स्टाफ माफी मांगने लगा और राज बहादुर को शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाने लगा।

    रामनगर निवासी प्रदीप ने बताया कि उनकी पत्नी अंजू की डिलीवरी शनिवार को हुई थी। मुझे पता है कि हमसे कोई पैसे नहीं मांग सकता लेकिन वह इतना दबाव बना देती हैं कि आपको पैसे देने ही पड़ते हैं। बेटी की बधाई में नर्स ने 600 रुपये लिए। क्लास फोर ने 100 और आशा वर्कर ने 500 रुपये। फोकल पॉइंट निवासी सत्यवान ने बताया कि जिसका बेटा होता है उनसे ज्यादा पैसे लिए जाते हैं। उनकी पत्नी रेखा ने शनिवार को बेटे को जन्म दिया था। हम गिनती नहीं कर पाए लेकिन 2000 रुपये से ज्यादा दे चुके हैं।

    एमएस की बदली भी करवा चुका है गायनी स्टाफ
    सिविलअस्पताल में यह बात आज भी चर्चा का विषय है कि गायनी वार्ड में बधाई का सिलसिला बड़े अफसर भी बंद नहीं करवा पाए। एक मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने कोशिश की थी तो गायनी विभाग के स्टाफ ने उनका तबादला तक करवा दिया था। उसके बाद किसी ने इसके खिलाफ कार्रवाई की कोशिश नहीं की।

    मामला गंभीर, इस बार सख्त कार्रवाई करेंगे : डॉ. बावा
    अस्पतालके मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. केएस बावा ने बताया कि मामला गंभीर है और पहले भी शिकायतें चुकी हैं। सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच एसएमओ डॉ. सुनील बत्रा को सौंपी है। डॉ. बत्रा ने बताया कि शुरुआती जांच के बाद क्लास फोर कर्मचारी ऊषा को हटा दिया है। परिवार के बयानों के आधार पर जांच की जा रही है।

    सख्त कार्रवाई हो कर्मियों पर : वरदान चड्डा
    मामलेको मीडिया तक पहुंचाने वाले ब्लड एसोसिएशन के प्रधान वरदान चड्डा ने कहा कि राजबहादुर की जब मेरे साथ बात चल रही थी तो स्टाफ ने बीच में ही फोन पकड़कर कहा कि हमने 500 रुपये नहीं लिए। 50-100 ही मांगे थे। सिविल अस्पताल की मैनेजमेंट को ऐसे कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।

    राज बहादुर का कहना है कि 500 देने के बाद ही बच्ची को गोद में उठा पाया।
    नेशनल हेल्थ मिशन के तहत सरकारी अस्पतालों में प्रेग्नेंट महिलाओं का चैकअप से लेकर डिलीवरी या सिजेरियन सब पूरी तरह फ्री है। मरीज को घर से लाने और उन्हें घर तक छोड़ने की जिम्मेदारी सेहत विभाग की होती है। हालांकि अस्पताल को कोई पैसा नहीं लेता लेकिन बधाई के नाम पर लूट जारी है। 108 एंबुलेंस मरीजों को अस्पताल तो लेकर आती है लेकिन उन्हें छोड़ने के लिए अस्पताल एंबुलेंस मुहैया नहीं करवा पा रहा। कुछेक मुलाजिमों की गलती के कारण पूरे अस्पताल की बदनामी हो रही है।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jalandhar News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Nurse Seeks Rs 1200 Before Cutting Nadu
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

Stories You May be Interested in

      रिजल्ट शेयर करें:

      More From Jalandhar

        Trending

        Live Hindi News

        0
        ×