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गर्लफ्रेंड के चक्कर में युवक का किया खौफनाक हाल, काटे दोनों कान और उंगलियां

दोस्त की शादी बारे उसकी गर्लफ्रेंड को बताया तो अगवा कर चलती कार में अधमरा कर फेंका।

Dainik Bhaskar

Dec 29, 2017, 04:32 AM IST
घायल टिंकू। घायल टिंकू।

जालंधर. रात 27 साल के फोटोग्राफर विशाल सिंह उर्फ टिंकू को अगवा कर चलती कार में तेजधार हथियारों से अधमरा कर पठानकोट रोड पर गांव काहनपुर के बाहर फेंक गए। फोटोग्राफर की पूरी खोपड़ी में फ्रैक्चर हैं। एक उंंगली, अगूंठा और कान काटा गया है। हमलावर दो थे। मुख्य आरोपी सतिंदर सिंह बाठ दिल्ली के ट्रांसपोर्टर जसबीर सिंह का बेटा है। टिंकू ने 3 महीने पहले शादी कर चुके सतिंदर की पोल उसकी गर्लफ्रेंड के सामने खोल दी थी। सारा घटनाक्रम एक घंटे के बीच हुआ है। पुलिस ने केस दर्ज कर सतिंदर के घर रेड की लेकिन वह फरार है। 49 सेकेंड का वीडियो वायरल...

खोपड़ी में इतने फ्रैक्चर, डॉक्टर भी नहीं गिन पाए
सत्यम अस्पताल के डॉ. राजेश पसरीचा का कहना है, विशाल की पूरी खोपड़ी फ्रैक्चर है। अंगूठा लटका हुआ था। बायां कान काट हुआ था। सिर में इतने घाव हैं कि अभी हम नहीं बता सकते। हालत नाजुक है। 4 यूनिट खून चढ़ चुका है और 2 और की जरूरत है।

पिता को भी बताया, सतिंदर ने मारा
टींकू के पिता सेवा राम निवासी राज नगर पीडब्ल्यूडी से ड्राइवर रिटायर हैं। बोले- एंबुलेंस में मैंने बेटे से पूछा तो उसने बताया, वह घर आ रहा था। नई सब्डी मंडी के पास उसके स्कूटर को कार में आए सतिंदर ने रोक लिया और उसे कार में बैठा लिया। चलती कार में सिर में तेजधार हथियार से हमले किए और फेंक गए।

नई सब्जी मंडी के सामने रोड पर पुलिस को मिला स्कूटर
एसएचओ के मुताबिक विशाल का स्कूटर नई सब्जी मंडी के सामने नाके के पास मिला। लॉक खुला था मगर चाबी नहीं थी। विशाल की मौसी सुदेश मकसूदां के न्यू पटेल नगर में रहती है और सतविंदर उनका पड़ोसी है। विशाल अनफिट है तो उसकी स्टेटमेंट नहीं हो सकी। सतिंदर के पकड़ने जाने पर ही पता चलेगा।

तीन महीने पहले हुई है आरोपी सतिंदर की शादी

मुख्यारोपी सतिंदर सिंह मूल रूप से गुरदासपुर का रहने वाला है। पिता जसबीर सिंह का दिल्ली में ट्रांसपोर्ट का बिजनेस है। दो साल पहले न्यू पटेल नगर में फैमिली शिफ्ट हुई थी। सतिंदर की मैरिज तीन महीने पहले हुई थी। जब पिता को पता चला कि बेटे ने ऐसा किया है तो वह दिल्ली से जालंधर आ गए।

एंबुलेंस का ड्राइवर भी डर गया, मिन्नतें की तो लाया अस्पताल

जब घटनास्थल पर एंबुलेंस पहुंची तो उसके ड्राइवर ने कहा, इसके साथ अस्पताल कौन जाएगा? उन पर कोई आरोप न लगा दे कि युवक के पास कैश था। सरपंच ने कहा कि तुम जख्मी को उठाकर अस्पताल पहुंचाओ, बाकी हम खुद देख लेंगे। ड्राइवर का तर्क था कि हम जख्मी को केवल सरकारी अस्पताल में ही लेकर जा सकते हैं। विशाल का खून बंद होने का नाम नहीं ले रहा था। किसी तरह ड्राइवर को समझाया कि सरकारी अस्पताल में सिर की चोट का इलाज तो क्या डॉक्टर तक नहीं है। इलाज कैसा होगा। मिन्नतें करने पर ड्राइवर ने उनकी बात मान ली और सत्यम अस्पताल लेकर पहुंचा। जिस तरह से विशाल के हाथ और कान पर तेजधार हथियार के जख्म मिले हैं। उससे साफ है कि वह बचने की पूरी कोशिश कर रहा था और हमलावर ताबड़तोड़ हमले कर रहा था।

हॉस्पिटल में टिंकू। हॉस्पिटल में टिंकू।
हाथ का अंगूठा पूरी तरह लटक गया था। हाथ का अंगूठा पूरी तरह लटक गया था।
आरोपी सतिंदर आरोपी सतिंदर
हॉस्पिटल में टिंकू की हालत काफी खराब है। हॉस्पिटल में टिंकू की हालत काफी खराब है।
टिंकू के रिलेटिव। टिंकू के रिलेटिव।
पुलिस बयान दर्ज करते हुए। पुलिस बयान दर्ज करते हुए।
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घायल टिंकू।घायल टिंकू।
हॉस्पिटल में टिंकू।हॉस्पिटल में टिंकू।
हाथ का अंगूठा पूरी तरह लटक गया था।हाथ का अंगूठा पूरी तरह लटक गया था।
आरोपी सतिंदरआरोपी सतिंदर
हॉस्पिटल में टिंकू की हालत काफी खराब है।हॉस्पिटल में टिंकू की हालत काफी खराब है।
टिंकू के रिलेटिव।टिंकू के रिलेटिव।
पुलिस बयान दर्ज करते हुए।पुलिस बयान दर्ज करते हुए।
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