Hindi News »Punjab »Jalandhar» Sew Was Washed By 21 Bullet

46 वर्ष पूर्व भारत-पाक युद्ध के दौरान 21 गोलियों से छलनी हो गया था सीना: भीम

दुश्मनों से तब तक लोहा लेते रहे जब तक वह बेहोश नहीं हो गए।

bhaskar news | Last Modified - Dec 18, 2017, 05:17 AM IST

  • 46 वर्ष पूर्व भारत-पाक युद्ध के दौरान 21 गोलियों से छलनी हो गया था सीना: भीम

    फाजिल्का. 1971 के भारत-पाक युद्ध में फाजिल्का सेक्टर में पाक सेना पर पहला अटैक करने वाली भारतीय सेना फोर जाट में बतौर सिपाही तैनात भीम सिंह ने युद्ध की आपबीती सुनाते हुए बताया कि युद्ध के दौरान 3 दिसंबर की रात को दुश्मन की सेना पर किए गए पहले अटैक में हुई मुठभेड़ के दौरान दुश्मन की ओर से की गई अंधाधुंध फायरिंग में 21 गोलियों ने उसका सीना भले ही छलनी कर दिया किंतु इसके बावजूद वो दुश्मनों से तब तक लोहा लेते रहे जब तक वह बेहोश नहीं हो गए।

    अपने सीने, बाजू पैरों में लगी गोलियों के निशान दिखाते हुए उन्होंने बताया कि 1971 के युद्ध के दौरान उनकी 150 जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व डीके घोष कर रहे थे जो युद्ध के दौरान शहीद हो गए किंतु उनकी यूनिट के हर जवान ने अंतिम सांस तक संघर्ष जारी रखा और आखिरकार पाक सेनाओं को खदेडक़र ही सांस लिया।

    कर्नल सूरी की इच्छा अनुसार उनकी अस्थियां रखी जवानों की समाध पर अपने जवानों की इस शहादत को अपने साथ चिर स्थाई बनाने के लिए युद्ध में भाग लेने वाली चार जाट रेजिमेंट के तत्कालीन कमांडिंग अधिकारी कर्नल आरके सूरी ने अपनी इच्छा में जताई थी कि मरणोंपरांत उनकी अस्थियां समाधि में उनके जवानों के साथ रखी जाएं। इस पर उनकी इच्छा को पूरी करते हुए शहीदों की समाधि कमेटी जोकि समाध की देखरेख कर रही ने लगभग एक दशक पूर्व समाध को खोलकर उनके मरणोंपरांत अस्थियां वहां रखी थी।

    बार्डर संवेदन शील होने के बावजूद दिखाई वीरता
    शहादतकी दास्तां केवल अभिमन्यु कुमार विनोद कुमार के पिता तक ही सीमित नहीं है बल्कि 200 से अधिक शहीदों के साहस की गाथा भी इस क्षेत्र में बड़े सम्मान के साथ गाई जाती है। फाजिल्का का अति संवेदनशील बार्डर तीनों ओर से पाकिस्तान से घिरा हुआ है इस क्षेत्र को बचाने के लिए भारत को हमेशा बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ती है परंतु भारतीय सेना ने कीमत की प्रवाह करते हुए हमेशा ही इस क्षेत्र को दुश्मन के कब्जे में जाने से बचाए रखा है। इस क्षेत्र में यह भी मान्यता है कि जो भी व्यक्ति श्रृद्धा से अपना शीश इस समाध पर झुकाता है उसकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। वहीं समझा जाता है कि शहीदों की आत्माएं इस क्षेत्र में वास करती हैं, जो इस क्षेत्र को हर कुदरती मैनमेड आपदाओं से सुरक्षित रखती है।

    रिटा. कर्नल एमएस गिल ने साझी की युद्ध की यादें
    सेवानिवृत्त कर्नल एमएस गिल ने भारत-पाक के बीच हुई जंगों के बारे में अपनी, याद सांझी की। इस मौके अभिनेता सोनू सूद ने भी फिल्मों के द्वारा फौज की बहादुरी के लिए डाले जा रहे योगदान को सांझा किया। इस मौके स्कूली विद्यार्थियों द्वारा देश-भक्त के साथ संबंधित गीत, कोरोग्राफियां पेश की गई।

    पाकिस्तान के सैनिकों के हथियार छीनकर उन्हीं से उन्ही को उतारा था मौत के घाट: अभिमन्यु कुमार
    अभिमन्यु कुमार के अनुसार इनकी रेजिमेंट के मेजर नारायण सिंह ने हाल ही में पाक के जनरल पद से रिटायर हुए राहिल शरीफ के भाई शब्बीर शरीफ को मल युद्ध के दौरान मार गिराया था। इतना ही नहीं मेजर नारायण सिंह ने पाक क्षेत्र में घुसकर पाक सैनिकों के हथियार छीनकर उनको मौत के घाट उतारा था गोलियों से छलनी होने के बावजूद अपनी सरजमीं पर आकर दम तोड़ा था। उस समय मेजर नारायण सिंह का बेटा केवल दो माह का था। मेजर नारायण सिंह के शूर वीरता के किस्से पाकिस्तान में एक पूर्व सैनिक अधिकारी द्वारा लिखी गई किताब में भी दर्ज बताए जाते हैं। मेजर नारायण सिंह को भारत सरकार ने मरणोंपरांत वीर चक्कर से सम्मानित किया गया था।

    तीसरी पीढ़ी कर रही है देश की सेवा
    ऐसी ही एक अनूठी घटना का जिक्र शहीद मांगे राम के पुत्र विनोद कुमार ने रविवार को आसफवाला समाध द्वारा आयोजित समारोह के दौरान बताया कि उनके पिता मात्र 25 वर्ष की आयु में 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान फाजिल्का सेक्टर में पाक सैनिकों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए थे। विनोद कुमार के अनुसार उनके पिता की मौत के समय वह मात्र 1 वर्ष के थे। उन्होंने अपने पिता की शक्ल तो नहीं देखी किंतु अपनी मां छोटी देवी से पिता की बहादुरी के किस्से सुन-सुनकर फौज में भर्ती हो गए अपने पिता के पाक को धूल चटाने के सपने को पूरा करने के लिए कारगिल युद्ध के दौरान पूरे जोश से लड़े कारगिल से पाक से सैनिकों को खदेड़ा। विनोद कुमार के अनुसार कुर्बानी की यह परंपरा तीन पीढियों से चली रही है जिसकी शुरूआत उनके दादा हरी राम ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेकर शुरू की थी।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jalandhar News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: Sew Was Washed By 21 Bullet
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Jalandhar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×