Hindi News »Punjab »Jalandhar» Shwet Malik New President Of Punjab Bjp

जेटली के करीबी श्वेत मलिक पंजाब भाजपा के अध्यक्ष, सांपला को एक साल पहले हटाया

सांसद विजय सांपला ने बताया कि मेरे पास काफी जिम्मेदारियां थीं, जिन्हें साथ-साथ निभाना मुश्किल था।

Bhaskar News | Last Modified - Apr 01, 2018, 06:26 AM IST

  • जेटली के करीबी श्वेत मलिक पंजाब भाजपा के अध्यक्ष, सांपला को एक साल पहले हटाया
    श्वेत मलिक के पिता दिवंगत रजिंदर मलिक आरएसएस के प्रचारक रहे हैं।

    चंडीगढ़/अमृतसर/जालंधर/ नई दिल्ली.केंद्रीय मंत्री और पंजाब भाजपा के प्रधान विजय सांपला को तीन साल का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही ओहदे से हटा दिया गया है। हाईकमान ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के करीबी राज्यसभा सांसद श्वेत मलिक को सूबे का नया प्रधान बनाया है। वह आरएसएस के भरोसेमंद माने जाते हैं। पद की दौड़ में राष्ट्रीय सचिव तरुण चुघ और पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया का नाम भी शामिल था। खत्री समुदाय से संबंध रखने वाले मलिक 2007 से 2012 तक अमृतसर के मेयर भी रहे हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी कैंडिडेट रहे जेटली से नजदीकी बढ़ी थी। मलिक को प्रधान बनाने की घोषणा शनिवार को भाजपा प्रधान अमित शाह ने दिल्ली में की।

    तीन माह पहले ही हो गई थी हटाने की तैयारी

    बताया जा रहा है कि करीब तीन माह पहले की सांपला को पद से हटाने की तैयारी हो गई थी, लेकिन आलाकमान ने पहले गुजरात और फिर त्रिपुरा, नगालैंड, मेघालय चुनाव की वजह से फैसले में देरी की। पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में पंजाब में आधार बढ़ाने के लिए यह बदलाव किया है।


    कमल शर्मा को हटा मिली थी जिम्मेदारी

    विधानसभा चुनाव से पहले आलाकमान ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के करीबी कमल शर्मा को हटा अप्रैल 2016 में सांपला को प्रधान बनाया था। मलिक की नियुक्ति से अब सूबे की बागडोर फिर जेटली की करीबी नेता के हाथ आ गई है। सांपला की विदाई में संघ नेताओं, राष्ट्रीय महामंत्री रामलाल और प्रदेश के संगठन मंत्री दिनेश कुमार और कमल शर्मा गुट की बड़ी भूमिका मानी जा रही है।


    गठबंधन से लोकसभा की 6-7 सीटें चाहती है बीजेपी

    भाजपा की रणनीति मलिक के जरिये पंजाब में गुटबाजी खत्म कर अकाली दल पर दबाव बढ़ाने की है। भाजपा की रणनीति बदले हुए जनसांख्यिकीय समीकरण के मद्देनजर सीट शेयरिंग में बदलाव किया है। अभी भाजपा और अकाली दल के बीच लोकसभा की 13 सीटों पर 3:10 का समीकरण है, लेकिन अब भाजपा की रणनीति कम से कम 6-7 सीटों पर लड़ने की है।

    - नवनियुक्त भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्वेत मलिक ने बताया कि मैंने आरएसएस की शाखा से शिक्षा जरूर ली है। लेकिन इतना कहूंगा कि आरएसएस कभी राजनीति में दखल नहीं देता। पार्टी की उम्मीदों पर खरा उतरूंगा।
    - तकनीकी शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बताया कि एससीएसटी एक्ट पर केंद्र का दलित विरोधी चेहरा पहले ही सामने आ चुका था। अब पंजाब से दलित प्रधान को हटाने से भाजपा के दलित विरोधी होने का फिर सबूत मिला है।

    आरएसएस से जुड़ा रहा है मलिक का परिवार

    श्वेत मलिक के पिता दिवंगत रजिंदर मलिक आरएसएस के प्रचारक रहे हैं। मलिक 1994-1999 तक जिला भाजपा युवा मोर्चा के प्रधान, 1999 से 2002 तक राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य रहे। इसके बाद 2016 में उन्हें प्रदेश भाजपा प्रवक्ता, लुधियाना जिला प्रभारी और प्रेसिडेंशियल इलेक्शन आॅफ इंडिया फाॅर पंजाब की भी जिम्मेदारी दी गई थी। 2012 के निगम चुनाव में वह मेयर रहते हुए पार्षद का चुनाव हार गए थे।

    वक्त से पहले पद से हटाने की वजहें...

    - सांपला के प्रधान बनने के बाद विस चुनाव में भाजपा ने 23 सीटों पर गठबंधन कर चुनाव लड़ा था, जबकि सिर्फ तीन उम्मीदवार ही जीत पाए।

    - सांपला पार्टी में गुटबाजी को भी नहीं रोक पाए। पार्टी सूत्र बताते हैं कि उनके खिलाफ बदले की भावना से काम करने की शिकायतें भी मिल रही थीं।

    - सांपला के आने के बाद भी उम्मीद मुताबिक दलितों में पार्टी का आधार नहीं बढ़ पाया। दलितों को लेकर स्थिति जस की तस है।

    सांसद विजय सांपला ने बताया कि मेरे पास काफी जिम्मेदारियां थीं, जिन्हें साथ-साथ निभाना मुश्किल था। मुझे एक साल के लिए प्रधान बनाने की बात हुई थी। पद छोड़ने के लिए मैं पहले ही कह चुका था। अब पूरी तरह अपने हलके पर फोकस करूंगा।

दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Jalandhar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×