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दो बेटियां हैं तो एक की शिक्षा फ्री और दूसरी की लगेगी आधी फीस, ये रहेगी शर्त

सीबीएसई का लेटर आते ही सभी प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दे दिए जाएंगे

Danik Bhaskar | Dec 25, 2017, 06:18 AM IST
डेमोफोटो डेमोफोटो

संगरूर. जिनके घर में बेटा होकर सिर्फ बेटी है। वह अपनी बच्ची को पढ़ा लिखाकर बड़ा अफसर बनाना चाहता हैं, परंतु आर्थिक तंगी निजी स्कूलों में महंगी फीस के डर से ऐसा नहीं कर पा रहे हैं, तो उनके लिए अच्छी खबर है। क्योंकि जिनकी सिर्फ एक बेटी है सेंट्रल बोर्ड आफ स्कूल एजूकेशन सीबीएसई ने उसकी पूरी फीस माफ कर दी है। यदि दो बेटियां हैं तो एक की शिक्षा मुफ्त और दूसरी की आधी फीस लगेगी। बेशर्ते आप के कोई बेटा हो। यह सुविधा लेने के लिए बच्ची का स्कूल में प्रवेश पहली या फिर 6वीं क्लास से एडमिशन जरूरी है। 

 

सीबीएसई ने बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओं अभियान को और मजबूती प्रदान करने के लिए लड़कियों की शिक्षा को मुफ्त और दो बच्चियों के होने पर एक की पढ़ाई में आधा शुल्क लेने का आदेश जारी किया है। सीबीएसई ने अपने विभागीय वेबसाइट पर इस आदेश को अपलोड भी कर दिया है। इसके अलावा सभी डीईओज को भी सर्कुलर जारी किया जा रहा है। यह व्यवस्था केंद्रीय विद्यालय (केवी) स्कूलों के साथ-साथ प्राइवेट स्कूलों पर भी लागू रहेगी। हालांकि बस और मेस की फीस बच्चियों के अभिभावकों को ही वहन करना पड़ेगा। इसके लिए निर्धारित नियमों के तहत जरूरी दस्तावेज देना जरूरी है। 

 

बेटा और बेटी है तो इस योजना का लाभ नहीं 
अगरआपके पास एक बेटा और एक बेटी है तो आपको इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा। मुफ्त शिक्षा के नियमों में एक बेटी या दो बेटियां होना जरूरी है। योजना के तहत पात्र लोगों को इसका लाभ लेने के लिए निर्धारित मापदंडों के तहत प्रमाण पत्र के साथ आवेदन करना होगा। 

 

केंद्र सरकार ने इस योजना को 2008 में ही लागू कर दिया था। देश के दूसरे हिस्सों में चलने वाले सीबीएसई पेटर्न के स्कूलों में यह योजना अनिवार्य थी। लेकिन निजी स्कूलों के लिए इस फैसले को उनके विवेक पर छोड़ दिया था। जिसके चलते अब तक किसी भी स्कूल ने इसका लाभ बच्चियों को नहीं दिया। लेकिन अब नए सर्कुलर से यह सभी स्कूलों में अनिवार्य रहेगा। इसका पालन करना है। 

 

सीबीएसई का लेटर आते ही सभी प्राइवेट स्कूलों को निर्देश दे दिए जाएंगे 
सीबीएसई का लेटर अभी उनके पास नहीं पहुंचा है। लेटर आते ही सभी प्राइवेट स्कूलों को इस संबंधी अवगत करवा दिया जाएगा नियमों की पालना करनी यकीनी बनाई जाएगी। हरकंवलजीतकौर, जिला शिक्षा अधिकारी सेकेंडरी। 

 

यह हैं योजना के नियम 
बच्चीका प्रवेश पहली या 6वीं क्लास में होगा। 6वीं से 12वीं तक योजना लागू रहेगी। पेरेंटस को स्कूल में एक या दो बेटी होने का एफिडेविट देना होगा। एफिडेविट में जिला मजिस्ट्रेट का साइन होना जरूरी है। एफिडेविट कलेक्टोरेट में ही बनेगा।