Hindi News »Punjab »Jalandhar» These Are The Ex-Soldiers Of Azad Hind Fauj

ये हैं आजाद हिंद फौज के पूर्व सिपाही, 100 की उम्र में भी पढ़ते हैं अंग्रेजी-उर्दू के पेपर्स

गांव ढाहे के फौजा सिंह 24 साल की उम्र में हो गए थे भर्ती, आज भी अंग्रेजी अखबार पढ़ते हैं।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 26, 2018, 07:15 AM IST

  • ये हैं आजाद हिंद फौज के पूर्व सिपाही, 100 की उम्र में भी पढ़ते हैं अंग्रेजी-उर्दू के पेपर्स
    +3और स्लाइड देखें
    100 साल के फौजा आज भी खुद बांधते हैं पगड़ी

    जालंधर.मैं 1918 में गांव ढाहे में पैदा हुआ। मेरे पिता वतन सिंह फौजी थे। उनके बाद में 24 साल की उम्र में आजाद हिंद फौज में भर्ती हो गया। जब पहली बार नेताजी को मिला तो उनका चेहरे पर इतना जलाल था कि देखा नहीं जा रहा था। उस समय फौज में नियम था कि जो भी फौजी उम्र तथा पद में सबसे छोटा होगा, उसके साथ नेताजी चाय पिएंगे और खाना भी खाएंगे। मैंने भी उनके साथ चाय पी और खाना खाया है।

    सिंगापुर में उनके साथ जेल भी काटी। उस वक्त खाने के लिए चावल तथा पतली दाल मिलती थी। मैंने 5वीं हिमाचल प्रदेश के संतोषगढ़, 8 वीं गांव दसग्राईं और 10वीं श्री आनंदपुर साहिब के खालसा स्कूल करके वजीफा भी लिया। चौथी में मैंने अपने अनपढ़ चाचा को पाठ करना भी सिखाया। श्री आनंदपुर साहिब के स्कूल के बोर्ड पर आज भी मेरा नाम लिखा है। यही नहीं इस स्कूल में मैं अध्यापक भी रहा। आज भी सुबह नहाकर खुद पगड़ी बांधकर पाठ करता हूं। वहीं अंग्रेजी, पंजाबी तथा उर्दू का अखबार पढ़ लेता हूं।

    17 साल से अमेरिका में रह रही बेटी राजिंदर कौर तथा दामाद जसविंदर सिंह ने बताया कि तीन साल पहले वे अमेरिका से आकर पिता की देखरेख कर रहे हैं। कुछ साल पहले तक तो सरकार 15 अगस्त तथा 26 जनवरी के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम में बुलाकर उन्हें सम्मानित करती थी पर कुछ सालों से सेहत ठीक न रहने के कारण वे नहीं जा पा रहे हैं और तब से प्रशासनिक अधिकारी उन्हें घर आकर उनका मान-सम्मान दे जाते हैं। यही नहीं पिता जी ने वहीं गांव के नजदीक गुरुद्वारा भांतपुर साहिब के निर्माण में भी योगदान दिया।

    इंदिरा गांधी से 1972 में 15 अगस्त को मिला था ताम्र पत्र

    उनकी बेटी ने बताया कि 1972 में ही पिता जी को 200 रुपए मासिक पेंशन मिलनी शुरू हुई थी। वहीं इसके साथ राज्य सरकार ने भी मानभत्ता देना शुरू किया। उस साल में ही 15 अगस्त के दिन स्वयं उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें देश के आजादी के पच्चीसवें साल पर ताम्र पत्र भी दिया था। उन्होंने बताया कि पिता जी ने पौंग डैम और भाखड़ा डैम में भी काम किया हुआ है। तब वह नंगल में बीबीएमबी की कॉलोनी के एल ब्लाक में रहते थे और उस वक्त उन्होंने कई युवाओं को नौकरी पर भी रखवाया था।

    5 स्वतंत्रता सेनानी और 15 वीरांगनाएं होंगी सम्मानित

    रोपड़ से महिंदर कौर, गुरदेव कौर, राज रानी, स्वर्ण कौर, महिंदर कौर, ऊषा, प्रीतम कौर, सुरजीत कौर, बिमला देवी, राज कौर, महिंदर कौर, बिमला रानी, गुरचरण कौर, प्रीतम कौर, महिंदर कौर और तहसील आनंदपुर साहिब से अर्जन सिंह, प्रीतम सिंह, तुलसी राम, जीत सिंह और रत्न सिंह सम्मानित होंगे।

    आगे की स्लाइड्स में देखें फोटोज...

  • ये हैं आजाद हिंद फौज के पूर्व सिपाही, 100 की उम्र में भी पढ़ते हैं अंग्रेजी-उर्दू के पेपर्स
    +3और स्लाइड देखें
    मिला ताम्र पत्र।
  • ये हैं आजाद हिंद फौज के पूर्व सिपाही, 100 की उम्र में भी पढ़ते हैं अंग्रेजी-उर्दू के पेपर्स
    +3और स्लाइड देखें
    इंदिरा गांधी से 1972 में 15 अगस्त को मिला था ताम्र पत्र
  • ये हैं आजाद हिंद फौज के पूर्व सिपाही, 100 की उम्र में भी पढ़ते हैं अंग्रेजी-उर्दू के पेपर्स
    +3और स्लाइड देखें
    नेताजी की फैमिली
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए Jalandhar News in Hindi सबसे पहले दैनिक भास्कर पर | Hindi Samachar अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Hindi News App, या फिर 2G नेटवर्क के लिए हमारा Dainik Bhaskar Lite App.
Web Title: These Are The Ex-Soldiers Of Azad Hind Fauj
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

More From Jalandhar

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×