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हाथ में लठ लेकर गांव में घूमती है ये 60 साल महिला, करती हैं 250 घरों की निगरानी

नौ साल पहले पति की मौत के बाद चौकीदारी की जिम्मेदारी संभाली थी।

Danik Bhaskar | Mar 08, 2018, 04:56 AM IST
60 वर्षीय महिला चौकीदारनी कुलदीप कौर 60 वर्षीय महिला चौकीदारनी कुलदीप कौर

जालंधर. राज्य की पहली 60 वर्षीय महिला चौकीदारनी कुलदीप कौर पूरे गांव की रात में रखवाली करती हैं। कुलदीप नकोदर से कुछ दूरी पर स्थित गांव बंगीवाल में रहती हैं। यह दबंग महिला हाथ में लठ (डांग) लिए 250 घरों की निगरानी करती हैं। उनकी छह बेटियां और दो बेटे हैं। तीन बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि बेटी कर्मजीत कौर, जसप्रीत कौर, बेटा लवप्रीत और सुखविंदर पढ़ रहे हैं।

पति की निधन के बाद गांववासी बने सहारा

- कुलदीप कौर बताती हैं कि गांव में पहले ठाकुरदास चौकीदारी करते थे। 1998 में उनके निधन के बाद यह जिम्मेदारी पति अवतार सिंह करने लगे। उन्होंने 11 साल तक चौकीदारी की।

- आठ अगस्त 2009 को उन्हें हार्ट अटैक आया और तबीयत बिगड़ने पर शहर (जालंधर) ले गए। तब भतीजा भी साथ में था अस्पताल पहुंचने पर उन्हें ठंड लगनी शुरू हुई और आधे घंटे में मौत हो गई।

- बच्चे छोटे थे और उनका पालन-पोषण करना था। गांव वालों ने भरपूर सहयोग दिया और उनकी इच्छा पर चौकीदारी का काम मिल गया।

- कुछ लोगों ने सवाल किया कि एक महिला यह सब कैसे करेगी? छोटे बच्चों की खातिर चौकीदारी करना मंजूर किया और पिछले 9 साल से ढाई सौ घरों की रखवाली कर रही हैं। इसके लिए उन्हें हर महीने 700 रुपए मिलते हैं।

गांव के हर सुख-दुख की बनती है मैसेंजर

- कुलदीप बताती हैं कि गांव में 250 घर हैं और करीब 700-800 लोगों की आबादी है। हर घर के सुख-दुख की मैसेंजर बनने का मौका मिलता है।

- उनके द्वारा ही गांव के सभी लोगों को सुख-दुख से जुड़े संदेश मिलते हैं। गांव में पंचायत लगनी हो तो सरपंच सबसे पहले उन्हें बताते हैं।

- वह पूरे गांव तक सरपंच का मैसेज पहुंचा देती हैं। जरूरत पड़ने पर बेटे भी साथ देते हैं। वह कहती हैं कि जब हर जगह बेअदबी कांड हो रहे थे, तब गुरु घर के आगे पहरा लगता था।

- उनके बेटों के साथ गांव के सभी युवा ठीकरी पहरा देते थे।

कुलदीप कौर कुलदीप कौर