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बरबरी बकरी: चराने का झंझट नहीं, किसी भी जलवायु में पाल सकते हैं

Jalandhar News - बरबरी प्रजाति की बकरी किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। बड़ी बात है कि इसे चराने का झंझट नहीं है आैर इस पर...

Dainik Bhaskar

Apr 02, 2018, 02:30 AM IST
बरबरी बकरी: चराने का झंझट नहीं, किसी भी जलवायु में पाल सकते हैं
बरबरी प्रजाति की बकरी किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। बड़ी बात है कि इसे चराने का झंझट नहीं है आैर इस पर डेली का 6-7 रुपए खर्च आता है। एक बकरी साल में 10 हजार तक आमदन देती है। चराने का झंझट नहीं होने से इसे शहरों में छतों पर भी पाला जा सकता है। इनकी अन्य खूबी यह भी है कि यह एक बार में तीन से पांच बच्चे देती है।

अगर कोई व्यवसायिक रूप में बकरी पालन शुरू करना चाहता है तो बरबरी बकरी सबसे अच्छी नस्ल है। जमुनापारी नस्ल 22 से 23 महीने में, सिरोही 18 महीने में गाभिन होती है वहीं बरबरी 11 महीने में बच्चे देने के लिए तैयार हो जाती है। यह साल में दो बार दो से तीन बच्चे दे सकती है। वर्तमान समय में खत्म होते चारागाह और चारे की समस्या को देखते हुए यह विधि काफी सहायक हो सकती है।

साल में दो बार दो से पांच बच्चों को जन्म देती हैं

बारबरी बकरी मध्यम कद की होती है लेकिन इसका शरीर काफी गठीला होता है। शरीर पर छोटे-छोटे बाल होते हैं। शरीर पर सफेद रंग के साथ भूरा या सुनहरे रंग का धब्बा होता है। इसकी नाक बहुत ही छोटी और कान खड़े हुए रहते हैं। मैदान के गर्म इलाकों के अलावा इसे पहाड़ के ठंडे इलाकों में भी इसे आसानी से पाला जा सकता है। इस प्रजाति की मादा का वजन 25 से 30 किलो ग्राम होता है। इसकी प्रजनन क्षमता भी काफी अच्छी होती है। इस नस्ल कि खासियत यह है कि यह साल में दो बार बच्चा देती है और 2 से 5 बच्चों को जन्म देती है, जिससे इनकी संख्या बहुत जल्दी बढ़ती है।

रोज लीटर दूध देती हैै...यह बकरियां प्रतिदिन 1 किलो दूध देती हैं आैर गर्मी, बरसात, सर्दी सभी तरह के वातावरण में आसानी से रह सकती हंै। एक साल में एक बरबरी बकरी तैयार करने में तीन हजार रुपए का खर्चा आता है और बाजार में इसकी कीमत करीब दस हजार रुपए तक है।

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