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बरामद शीशियां थीं खाली, डिफेंस ने पूछा तो एएसआई बोला- चूहे पी गए, आरोपी बरी

Jalandhar News - एडिशनल सेशन जज शाम लाल की कोर्ट ने मेडिकल नशे की खेप रखने के आरोप में पकड़े गए रेडियो कॉलोनी के राहुल गोयल को बरी कर...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 03:10 AM IST
बरामद शीशियां थीं खाली, डिफेंस ने पूछा तो एएसआई बोला- चूहे पी गए, आरोपी बरी
एडिशनल सेशन जज शाम लाल की कोर्ट ने मेडिकल नशे की खेप रखने के आरोप में पकड़े गए रेडियो कॉलोनी के राहुल गोयल को बरी कर दिया है। ट्रायल के दौरान कोर्ट में बरामद की गई नशे की खेप में सील बंद शीशियां पेश की गईं पर वह खाली थीं।

बचाव पक्ष के एडवोकेट दर्शन सिंह दयाल ने एएसआई किरपाल सिंह से पूछा कि सिरप कहां गया तो उनका जबाव था, चूहे पी गए। मालखाने के रिकॉर्ड मंे भी इस बात का कोई जिक्र नहीं था। सबूतों के अभाव में राहुल को बरी कर दिया गया। पुलिस रिकाॅर्ड के अनुसार 2 जनवरी 2013 की रात एंटी नारकोटिक्स सेल के एएसआई किरपाल सिंह ने भरत नगर के आशु अरोड़ा को मेडिकल नशे के साथ पकड़ने का दावा किया था। थाना रामामंडी में उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था। उसकी निशानदेही पर पतारा से भी मेडिकल नशा बरामद किया था।

कोर्ट में साबित किया कि एएसआई ने गलत तरीके से की बरामदगी

डिफेंस की दलील-दुश्मनी को लेकर एएसआई ने फंसाना चाहा

डिफेंस के एडवोकेट दर्शन सिंह दयाल ने कोर्ट में दलील दी कि 2 जनवरी की दोपहर एएसआई उनके क्लांइट की शॉप पर मेडिसिन लेने आया था। पैसे मांगने पर भड़क गया और दवा फेंककर चला गया था। सारा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया था। दलील दी गई कि इस दुश्मनी को लेकर एएसआई ने उसके क्लाइंट को फंसाना चाहा। जहां पर रेड की गई थी कि वह एरिया देहात पुलिस का था। एएसआई को पहले ही एसपी रैंक के अधिकारी झूठा करार दे चुके हैं। कोर्ट में पेश की गई नशे की खेप में न तो मालखाने का नंबर था और शीशियों में दवा थी। एएसआई से सवाल पूछा तो उसने कहा कि सिरप चूहे पी गए। थाने के मुंशी को बुलाया गया तो उसने पेश किए गए रिकाॅर्ड में यह बात कहीं नहीं लिखी थी कि सिरप चूहे पी गए हैं। एडवोकेट ने दलील दी कि एएसआई ने सारा मामला फर्जी बनाया है। उनके क्लांइट की शॉप से किसी तरह का कोई नशा नहीं मिला था। बरामदगी किसी अन्य शॉप से हुई थी। एडवोकेट की दलील से सहमत होते हुए राहुल को बरी कर दिया गया।

नेहा ने की थी सीपी को शिकायत

आशु से लव मैरिज करने वाली नेहा ने आरोप लगाया था कि उसके पति को फंसाया गया है। नेहा की शिकायत पर तब के सीपी गौरव यादव ने जांच एडीसीपी नवजोत सिंह माहल (अब एसएसपी खन्ना) को सौंपी थी। जांच में आशु को क्लीनचिट देते हुए कहा गया था कि एएसआई ने गलत तरीके से बरामदगी की है। रिपोर्ट में कहा गया था यह माल राहुल गोयल का है। इसलिए राहुल पर नशा तस्करी का नया केस थाना आदमपुर में दर्ज किया गया पर उसे बेल मिल गई थी।

पति के लिए आवाज उठाने वाली नेहा ने कर ली थी खुदकुशी

आशु के माथे से नशा तस्करी का कलंक हट गया पर पति के लिए आवाज उठाने वाली नेहा ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। 2 जनवरी 2013 को आशु पकड़ा गया और 30 अप्रैल 2013 को जेल से बाहर आया था। उसने नेहा संग भरत नगर में रहना शुरू किया था। एक महीने बाद उसने नई लव स्टोरी शुरू कर दी। यह बात नेहा को पता चली तो वह बेवफाई बर्दाश्त न कर पाई और उसने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। थाना रामामंडी में आशु को आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज कर अरेस्ट किया गया था। यह वाला मामला अभी अंडर ट्रायल है।

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