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बंद के मद्देनजर 5 हजार पुलिस जवान तैनात, खुले रहेंगे अस्पताल, सरकारी दफ्तर और केमिस्ट शॉप्स

एससीएसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ शहर में भी सोमवार को बंद रहेगा। इंटरनेट सेवाएं इतवार शाम से अगले...

Bhaskar News Network | Last Modified - Apr 02, 2018, 03:10 AM IST

एससीएसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ शहर में भी सोमवार को बंद रहेगा। इंटरनेट सेवाएं इतवार शाम से अगले 30 घंटे के लिए बंद कर दी गई हैं। सोमवार को होने वाले पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के 10वीं और 12वीं के प्रेक्टिकल रद्द कर दिए गए हैं। सभी स्कूल-कालेज बंद रहेंगे। रोड ट्रांसपोर्ट बंद रहेगी। सरकारी और प्राइवेट बसें नहीं चलेंगी। ऑटोज भी बंद रहेंगे। मेडिकल सेवाएं बहाल रहेंगी। अस्पताल भी खुले रहेंगे। सरकारी दफ्तर खुले रहेंगे लेकिन बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट को एहतियातन बंद करने की घोषणा कर दी गई है। प्रदेश कांग्रेस ने बंद को समर्थन दिया है।

पुलिस कमिश्नर पीके सिन्हा और डीसी वरिंदर शर्मा ने पुलिस फोर्स के साथ सिटी में फ्लैग मार्च निकाला। डीसी ने एसएसपी के साथ कस्बों में भी कई जगह मीटिंग की और संगठनों से अपील की है कि वे बंद को शांतमय ढंग से पूरा करें। उन्होंने बताया कि शहर और कस्बों में सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस फोर्स बढ़ा दी गई है। शहर में सुऱक्षा की जिम्मेदारी 5000 पुलिस बल के जवानों के कंधों पर रहेगी।

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जरूरत के मुताबिक होगा ट्रैफिक डायवर्ट| नकोदर चौक और बूटा मंडी में भी धरना लगेगा। अली मोहल्ला, कंपनी बाग चौक, दानिशमंदा, गड़ा, रामामंडी में भी प्रदर्शन की आशंका है। करतारपुर, भोगपुर, फिल्लौर, नूरमहल, शाहकोट, नकोदर में भी कई संगठनों ने बंद का समर्थन किया है। -भास्कर

न सफाई होगी, न कूड़ा उठेगा

नगर निगम की यूनियनों ने बंद का समर्थन दिया है और निगम प्रशासन को एक दिन पहले ही कह दिया था कि वे 2 अप्रैल को काम नहीं करेंगे। शहर में सफाई नहीं होगी और घरों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने का काम भी बंद रहेगा। सफाई सेवक भी कंपनी बाग चौक में प्रदर्शन करेंगे।

स्कूल-कॉलेजों में छुट्‌टी, प्रेक्टिकल 11 को

शिक्षा विभाग की तरफ से सभी सरकारी, एडिड और प्राइवेट स्कूलों को बंद रखने के आर्डर जारी कर दिए गए हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी) सतनाम सिंह ने बताया कि सोमवार को 10वीं व 12वीं कक्षा की होने वाली प्रेक्टिकल परीक्षाएं रद की गई हैं। ये परीक्षाएं अब 11 अप्रैल को पहले के तय समय व परीक्षा सेंटर में होंगी। अधिकतर स्कूलों से पेरेंट्स को सोशल मीडिया और एसएमएस से सूचित कर दिया गया था। बाद में सरकारी तौर पर ऑर्डर जारी कर दिए गए।

चलती रहेगी लाइफ लाइन, एंबुलेंस

दलित संगठनों ने बंद में लाइफ लाइन से जुड़ी जरूरी सेवाओं को बंद से बाहर रखा है। मेडिकल सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। एंबुलेंस सेवा चलती रहेगी और प्रदर्शन की तैयारी कर रहे संगठनों से अपील की है कि वे जिंदगी से जुड़ी सेवाओं में कहीं भी रुकावट पैदा न करें। अस्पताल भी खुले रहेंगे और दवा की दुकानें भी बंद के असर से बाहर रहेंगी।

रोडवेज की 1704 व सभी प्राइवेट बसें रहेंगी बंद

सोमवार शहर समेत सूबे की पूरी ट्रांसपोर्ट ठप रहेगी। पंजाब रोडवेज की 1740 बसों समेत पीआरटीसी व प्राइवेट ऑपरेटर चक्का जाम रखेंगे। सिटी में चलने वाले प्राइवेट ऑपरेटर पहले ही बंद को समर्थन दे चुके हैं। पंजाब रोडवेज ने रविवार को ही दिल्ली जाने वाली बसें रोक लीं। जालंधर बस स्टैंड में रोजाना 2300 के करीब प्राइवेट व सरकारी बसों से लोग सफर करते हैं। ट्रांसपोर्ट बंद होने के कारण अब लोगों के पास रेलवे ही एकमात्र रास्ता बचा है। इससे ट्रेनों में काफी भीड़ रहने की संभावना है।

नेताओं की अपील- शांति से करें विरोध, लोगों को न हो परेशानी

विधायक सुशील रिंकू ने कहा कि दलितों से हो रही धक्केशाही के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन लोगों को परेशान नहीं होने देंगे। संघर्ष कर रहे साथियों से अपील है कि वे मेडिकल सेवाओं को प्रभावित न होने दें।

सफाई मजदूर फेडरेशन के प्रधान चंदन ग्रेवाल ने कहा कि जरूरी सेवाओं में रुकावट पैदा नहीं होने देंगे। जिन स्टूडेंट्स को परेशानी होगी, उनसे भी माफी चाहते हैं और दुकानदारों से मिल रहे सहयोग के लिए धन्यवादी हैं।

अकाली नेता सेठ सतपाल मल ने कहा कि - एंबुलेंस, अस्पताल और दवाइयों की दुकानों को बंद में शामिल नहीं करेंगे और साथियों से भी अपील है कि वे जीवन से जुड़ी सेवाओं में सहयोग करें।

ट्रांसपोर्ट रहेगी ठप, बैंक भी एहतियातन तौर पर रहेंगे बंद

सुप्रीम कोर्ट का आदेश ‘एससी/एसटी एक्ट’ के तहत अरेस्ट से पहले जांच हो

एससी एसटी एक्ट के तहत अगर किसी दलित के खिलाफ कोई व्यक्ति गैर दलित, जातिसूचक शब्द या किसी तरह का छूआछूत व अत्याचार करता है तो उसे पहले गिरफ्तार करने की पावर पुलिस के पास थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि पहले जांच होगी और फिर गिरफ्तारी होगी। हालांकि अब केंद्र सरकार आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका भी लगाने जा रही है। दलित संगठनों का कहना है कि कोर्ट ने ये फैसला लेकर एससी एसटी एक्ट को कुंद करने की शुरुआत कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते वक्त संसद की स्टैंडिंग कमेटी की रिपोर्ट का हवाला भी दिया था, जिसमें लिखा है कि एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग हो रहा है। दलितों पर अत्याचार के झूठे और फर्जी केस दर्ज हो रहे हैं। ऐसे में जो केस दर्ज करवाते हैं, उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई का प्रावधान नहीं है। विजय सांपला के मंत्रालय सोशल जस्टिस एंड इंपावरमेंट ने तब कहा था कि दुरुपयोग की स्थिति में इंडियन पीनल कोड की धाराओं का इस्तेमाल किया जाए।

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