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महिला सुरक्षा के लिए शुरू की 260 दिन की पैदल यात्रा

हांगकांग में रहते हुए जब मैं बिजनेस के सिलसिले में अलग-अलग देशों व जगहों में जाती तो वहां पर भारत को लेकर काफी...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:15 AM IST
हांगकांग में रहते हुए जब मैं बिजनेस के सिलसिले में अलग-अलग देशों व जगहों में जाती तो वहां पर भारत को लेकर काफी बातचीत होती थी। हर कोई भारत में अपनी प|ी या बेटी को लेकर नहीं आना चाहता था, क्योंकि उन्हें यह देश सुरक्षित नहीं लगता था। लेकिन इस बात पर मैं उनसे काफी डिबेट करती थी। हर डिबेट सुबह की खबरें पढ़कर गलत हो जाती थी। जब मैंने बुलंदपुर में दुष्कर्म की खबर पढ़ी तो मुझे काफी दुख हुआ। महिला सुरक्षा को लेकर पैदल यात्रा कर रही सृष्टि बख्शी ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि इस घटना के बाद उन्होंने भारत आकर कुछ करने की सोची और इसमें मेरे पति हरेश बजरानी व पिता रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एके बख्शी ने काफी मदद की। महिला सुरक्षा को लेकर हमने 260 दिन की पैदल यात्रा सितंबर 2017 में शुरू की थी। अभी तक 3295 किलोमीटर का एरिया पैदल कवर कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आज हर महिला के पास मोबाइल है। इसे वह हथियार की तरह प्रयोग कर सकती हैं। सृष्टि ने बताया कि उनकी टीम में 12 लोग शामिल हैं जो उनके साथ हर जगह पर जाकर रिसर्च करते हैं।

बुलंदपुर में दुष्कर्म की खबर ने बदल दी जिंदगी

महिलाओं व लोगों से बातचीत कर फीडबैक लेते हैं। हर राज्य में विभिन्न स्कूलों, गांवों में आंगनबाड़ी की मदद से सेमिनार लगाए जाते हैं। इसमें महिलाओं को सुरक्षित रहने व अपने हक के बारे में जागरूक किया जाता है। हर गांव में उदाहरण के लिए किसी अन्य गांव का केस बताते हैं। लोगों द्वारा बताई समस्याओं को रिकॉर्ड कर डॉक्यूमेंट्री बना रहे हैं, जो कि सितंबर में लांच होगी। लड़कियों में आत्मविश्वास की कमी है, इसलिए वह अपनी आवाज उठा नहीं पातीं। पंजाब में पुलिस आईटी का बहुत ही कम इस्तेमाल करती है। मोहाली में महिलाओं का शिक्षा स्तर बहुत ही कम हैं। यह यात्रा कन्याकुमारी से शुरू होते हुए तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा से पंजाब अब आगे जम्मू कश्मीर जाकर समाप्त होगी।