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एलपीयू में नेशनल मूट कोर्ट

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय बलदेव राज मित्तल को श्रद्धासुमन भेंट करते हुए...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 03:15 AM IST
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय बलदेव राज मित्तल को श्रद्धासुमन भेंट करते हुए अपने स्कूल ऑफ लॉ के माध्यम से कैंपस में पहली वार्षिक बीआरएम नेशनल मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 29 से 31 मार्च तक आयोजित इस प्रतियोगिता में उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राज शेखर अत्री, अध्यक्ष मानवाधिकार आयोग पंजाब और हरियाणा माननीय न्यायमूर्ति अंसारी, श्रीलंका न्यायालय अपील के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति एएचएमडी नवाज और चेन्नई के सुप्रीम कोर्ट के वकील डॉ. प्रभाकरन ने अपनी उपस्थिति से शोभा बढ़ाई। लवली ग्रुप के चेयरमैन रमेश मित्तल और एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल ने लॉ, विधायिका और लॉ क्षेत्र से आने वाले सभी गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया।

प्रतियोगिता का विषय जनहित याचिका (पीआईएल) के अधीन धारा 377, 309, 497, 375 (2) तथा इंडियन पैनल कोड के अंतर्गत गर्भावस्था के मेडिकल टर्मिनेशन के अधिनियम की धारा तीन में संशोधन करना था। इस आयोजन से देश के प्रतिष्ठित लॉ स्कूल्स, विश्वविद्यालयों के लॉ छात्रों के बीच अकादमिक क्षमता, लॉ अंतरदृष्टि और वकालत की कला को एकीकृत करने का प्रयास किया गया। प्रतिभागियों ने आलेखन तैयार करने और तर्कसंगत प्रस्तुतिकरण के लिए आंकलन किया। प्रतियोगिता में जिन टीमों ने भाग लिया वो भारत के उच्चतम राष्ट्रीय कानून यूनिवर्सिटी और संस्थान जोकि प्रसिद्ध शहरों और राज्यों जैसे कि कोलकाता, पूणे, रांची, बेंगलुरू, लखनऊ, नोएडा, जयपुर आदि शामिल हैं, के विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने के लिए रूपाली गोयल को भी 5000 रुपए तथा बैस्ट स्टूडेंट एडवोकेट का अवॉर्ड दिया गया।

रांची के लॉ स्टूडेंट्स विनर, रुपाली बेस्ट स्टूडेंट एडवोकेट

श्रीलंका के सीनियर जज तथा हाईकोर्ट के जज ने स्टूडेंट्स को दी जानकारी, देश के 20 लॉ स्कूल्स के स्टूडेंट्स ने किया पार्टिसिपेट

अपने केरेक्टर और एक्टिविटिज में फियरलैस रहने के लिए किया मोटिवेट

विजेता टीम एनएलएसयूआरएल, रांची को 25 हजार रुपए नगद पुरस्कार और ट्रॉफी दी गई।

लॉ अधिकारियों ने स्टूडेंट्स को भविष्य में अपने केरेक्टर और एक्टिविटिज में फेयरलैस होकर परफोर्म करने के लिए मोटिवेट किया। उन्होंने बताया कि कानून के विद्यार्थियों का जीवन सदा कानून को समर्पित होना चाहिए और वो सदैव कानून के ही विद्यार्थी होने चाहिए। उन्हें अलर्ट रहना होगा और बदलते समय के साथ तालमेल बनाकर रखना होगा ताकि समाज की उभरती हुई जरूरतों को पूरा किया जा सके। मौके पर एलपीयू चांसलर अशोक मित्तल और लॉ स्कूल के प्रमुख शैलेश हैदी मौके पर मौजूद रहे।