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(डायरेक्टर ऑफ स्टूडियो अंतरा, कोरियोग्राफर व परफोर्मर)

कत्थक हमें भगवान से जोड़ने में भी मदद करता है

Bhaskar News Network | Last Modified - Feb 02, 2018, 04:05 AM IST

कत्थक हमें भगवान से जोड़ने में भी मदद करता है

क्लासिकल डांस में कत्थक का बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान है। कत्थक सीखने से व्यक्ति मानसिक ही नहीं शारीरिक रूप से भी फिट रहता है। नृत्य का सबसे बड़ा नियम यही है कि हमें इसे खुशी से ही पूरा करना होता है। फेस पर बिना स्माइल हम डांस नहीं कर सकते। इसलिए जैसे ही कोई डांस क्लास में एंटर करता है, वह अपनी सारी परेशानियां भूल जाता है। इसे हमें एक हॉबी के साथ-साथ कला की तरह सीखना चाहिए। हर रोज कुछ समय निकाल कर इसका रियाज करना चाहिए। यह हमें भगवान से जोड़ने में मदद करता है। -निधि मित्तल, डायरेक्टर ऑफ स्टूडियो अंतरा, कोरियोग्राफर व परफोर्मर


(डायरेक्टर ऑफ स्टूडियो अंतरा, कोरियोग्राफर व परफोर्मर)

सुमन

(बिजनेस वुमन 3 साल से सीख रही है )

काम के साथ खुद को भी दें समय

कॉन्सेंट्रेशन, कान्फिडेंस बढ़ाता है कत्थक

• khushboo1@dbcorp.in

जालंधर| जीवन में काम तो हमेशा ही करते रहना है, लेकिन काम के साथ साथ खुद को भी समय देना बहुत जरूरी होता है। खास कर जब महिलाओं की बात होती है तो वर्किंग लेडीज को होता है कि वह अपना काम और परिवार संभाल कर ही खुश रहती हैं। कहीं न कहीं व अपनी खुशी को भूल जाती है।

वहीं कुछ लेडीज अपने परिवार काम की खुशी के साथ अपनी खुशी व हॉबी को भी समय देती है। लेडीज की इन हॉबी में डांस भी शामिल रहता है। डांस सीखने से न केवल वह एक कला में निपुण होती है, बल्कि खुद को खुश रखने का तरीका भी सीखती हैं।

भारत के आठ शास्त्रीय नृत्यों में से सबसे पुराना कथक नृत्य है, जिसका उत्पत्ति उत्तर भारत में हुई। कथक एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ ‘कहानी से व्युत्पन्न करना’ है। यह कहानियों को बोलने का साधन है। कहा जाता है कि भगवान कृष्ण को चाहने वालों को कत्थक बहुत पसंद आता है। क्योंकि भगवान कृष्ण की कहानियों को कत्थक के माध्यम से पेश किया जाता है।

डायरेक्टर पलक चौधरी 3 साल से सीख रही है।

हाथ, आंख और पैरों में कोआर्डिनेशन बनाता है

कैलोरी बर्न करने में मदद करता है

शरीर के पोस्चर को सही रखने में मदद करता है

फेस पर ग्रेस आता है

वर्तमान पर कॉन्सेंट्रेशन में मदद करता है

खुद से प्यार करना सिखाता है

आत्मविश्वास के साथ-साथ अंदरूनी शांति मिलती है

दूसरों के साथ एडजस्ट करना सिखाता है

नृत्य के फायदे

तरणजीत भाटिया वर्किंग लेडी 2 साल से सीख रही है।

लाबोनी हाउस वाइफ डेढ़ साल से सीख रही है।

सुनैना बिजनेस वुमन ने पिछले कुछ महीने से शुरू किया।

डॉ. हेम ने पिछले कुछ महीनों से सीखना शुरू किया है।

डॉ. वैशाली 1 महीने पहले शुरू किए सीखना।

जालंधर, शुक्रवार 02 फरवरी, 2018|

गुंजन साइंस टीचर 2 साल से ट्रेनिंग ले रही है।

रूचि जैन

पिछले कुछ महीने से सीख रही है।

हमें बताएं :आप कोई किट्टी पार्टी या फंक्शन करवा रहे हैं तो हमें ९८५५०- ९३४८९ पर सूचित करें।

डॉ. सनिग्धा 2 साल से सीख रही है।

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