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स्टूडेंट्स को महिला सशक्तिकरण के प्रति किया जागरूक

दृढ़ता एवं शक्ति से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। यह बात सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के मकसूदां कैंपस में आयोजित...

Danik Bhaskar | Feb 02, 2018, 04:10 AM IST
दृढ़ता एवं शक्ति से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। यह बात सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के मकसूदां कैंपस में आयोजित शी वॉक शी टॉक के पांचवें चरण में सोच एजुकेशनल सोसायटी की अध्यक्ष अंजली दादा ने कही। इस सेमिनार में स्टूडेंट्स को महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक किया गया।

इससे पहले सेमिनार में जैसमीन टूर, तनप्रीत परमार, मनिंदर मिनहास एवं डॉ. सुकृति मुख्य मेहमान रहे। अंजलि दादा ने कहा कि वह समाज सेवा में विश्वास रखती हैं जिसके चलते उन्होंने घर से कदम उठाए। इसी के साथ अंजलि दादा ने स्टूडेंट्स को अपने आरामदायक क्षेत्र से बाहर निकलने की अपील की और अपने काम खुद करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि ज्यादातर लड़कियां समाज में बात करने से झिझकती हैं जोकि आत्मनिर्भर बनने से दूर होगी।

सीटी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर मनबीर सिंह एवं मकसूदां कैंपस डायरेक्टर डॉ. जसदीप कौर धामी ने मुख्य मेहमान अंजली दादा का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए इस तरह के सोमिनार आयोजित करवाते रहेंगे।

सेमिनार

सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में ‘शी वॉक शी टॉक’ का पांचवां चरण, सोच एजुकेशनल सोसायटी की अध्यक्ष अंजली दादा ने की शिरकत

आरामदायक सोच से बाहर निकल आत्मनिर्भर बनने की दी सीख

2008 में सोच एजुकेशनल सोसायटी संस्था की शुरुआत की थी अंजलि दादा ने, अब पांच वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर चला रही हैं।

पांच वोकेशनल सेंटर चला रही हैं अंजलि दादा

अंजलि दादा ने कहा कि वह बच्चों में समाज सेवा के प्रति जागरुकता की शिक्षा मुहैया करवा रही हैं, ताकि स्टूडेंट्स में इंसानियत जीवित रहे। उन्होंने 2008 में अपनी सोच एजुकेशनल सोसायटी संस्था की शुरुआत की। वे पिछले कई वर्षों से पांच वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर चला रही हैं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं। पंजाब, हरियाणा एवं हिमाचल में भी वे 80 से 90 परिवारों को आत्मनिर्भर बना चुकी हैं।