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दुनिया को सीधा रास्ता दिखाने के लिए पुणे से 2000 किमी उलटी कार चलाकर वाघा बॉर्डर पहुंचे इंजीनियर संतोष

अपने घर, शहर और देश को साफ सुथरा रखने, कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बेटियों को बेटों की तरह पढ़ने और आगे बढ़ने के मौके...

Danik Bhaskar | Feb 02, 2018, 04:15 AM IST
अपने घर, शहर और देश को साफ सुथरा रखने, कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बेटियों को बेटों की तरह पढ़ने और आगे बढ़ने के मौके देने का संदेश लेकर पुणे से इंजीनियर संतोष जालंधर पहुंचे। भास्कर से बातचीत में संतोष ने कहा, उल्टी दुनिया को सही रास्ता दिखाने के लिए उन्होंने उल्टी कार चलाने का फैसला किया। बुधवार रात 8 बजे जालंधर पहुंचे संतोष राजेशिंके वीरवार दोपहरबाद 4 बजे वाघा बॉर्डर पहुंचे। संतोष ने बताया कि 2000 किलोमीटर दूर स्थित पुणे से जब वाघा तक आने की बात घरवालों को बताई तो उन्होंने काफी विरोध किया।

परिवार ने पहले किया विरोध पर अब मिलने लगा है सहयोग

संतोष ने कहा, अभी तक फ्यूल पर ही 52000 से ज्यादा खर्च आ चुका है। साथ में एक दोस्त बाइक पर आगे चलते हैं ै।

लक्ष्य पूरा करने के लिया रखा चार

महीने का समय

फैमिली का कहना था कि रास्ते में कुछ भी हो सकता है। पूरे सफर के लिए चार महीने का समय रखा है और उम्मीद यही है कि तय समय में लक्ष्य पूरा हो जाएगा। संतोष के साथ उनका दोस्त अजय पवार भी है जो गाड़ी के आगे बाइक पर चलता है। अभी तक दोनों का पेट्रोल-डीजल पर ही 52000 से ज्यादा खर्च आ चुका है।

अपनी जेब से कर रहे हैं यात्रा का सारा खर्च

संतोष ने बताया कि पिछले साल अपने बेटे के साथ पुणे-मुंबई के बीच उल्टी कार ड्राइव की थी। तब 200 किलोमीटर का छोटा सफर था पर इससे कान्फिेडेंस काफी बढ़ गया। परिवार में अब प|ी और बेटा-बेटी का भी सहयोग मिलने लगा है। उन्होंने कहा कि पुणे-वाघा तक के सफर में खर्च बहुत ज्यादा आया है पर फिलहाल वह सारा खर्च अपनी जेब से कर रहे हैं।