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आश्वासन पर कर्मियों ने खोली सांझी रसोई, वेतन मिलने पर आज फिर जड़ेंगे ताला

सिद्धू रसोई ठीक तरीके से चलने की बात कहते हुए अपनी पीठ थपथपाते नजर रहे हैं।

Danik Bhaskar | Nov 30, 2017, 05:29 AM IST

गुरदासपुर. सोमवार और मंगलवार को बंद सांझी रसोई बुधवार को खुली और गरीब लोगों ने खाने का लुत्फ भी उठाया। रसोई में काम करने वाले कर्मियों ने कहा उन्हें बुधवार को रसोई शुरू करने और उनका वेतन देने का आश्वासन दिया गया था। बुधवार को रसोई शुरू करने वाले कर्मियों ने कहा उनके साथ छल हुआ और अधिकारियों ने अपना वादा पूरा नहीं किया। इसके चलते वह वीरवार को दोबारा तालाबंदी कर रसोई को बंद करेंगे। दूसरी ओर रसोई बंद होने उपरांत भी डीसी गुरलवलीन सिंह सिद्धू रसोई ठीक तरीके से चलने की बात कहते हुए अपनी पीठ थपथपाते नजर रहे हैं।

कर्मचारियों को जून माह से वेतन नहीं दिया गया। नाराज कर्मियों ने सोमवार मंगलवार को रसोई बंद रखी। मंगलवार को एडीसी गुरमीत सिंह मुल्तानी ने रसोई कर्मियों को बुलाकर आश्वासन दिया कि बुधवार को रसोई शुरू करो वह खुद मौके पर आकर उनका वेतन रिलीज कराएंगे। एडीसी के आश्वासन पर कर्मियों ने बुधवार को रसोई शुरू की, लेकिन शाम तक ना तो एडीसी पहुंचे ना ही कोई दूसरा मुलाजिम। उनका रसोई बंद करने का समय दोपहर तीन बजे है। अधिकारियों के इंतजार में वह शाम करीब साढ़े चार बजे तक बैठे रहे लेकिन कोई नहीं आया। इससे नाराज कर्मियों ने का आक्रोश फिर फूट पड़ा। रसोई कर्मी लखबीर ने बताया कि अधिकारियों ने उनके साथ छल किया। वीरवार को वह दोबारा रसोई पर ताला जड़ेंगे।

अंगीठी नहीं होने देंगे ठंडी
सहायककमिश्नर (शिकायत) अमित गुप्ता ने बताया कि जल्द ही कर्मियों को वेतन रिलीज कराया जाएगा। इसके लिए प्रयास चल रहे हैं और साझी रसोई की अंगीठी ठंडी नहीं होने देंगे।

अपनी पीठ ठोंक रहे डीसी
दोदिन सांझी रसोई बंद रही बावजूद डीसी सिद्धू अपनी पीठ ठोंक रहे हैं। उनका कहना है कि रसोई सफलतापूर्वक चल रही है। अभी तक 23,467 लोगों ने रसोई में खाना खाया है।

काम भी गया और वेतन भी नहीं मिला
साझी रसोई में शुरूआत के समय सात कर्मी काम करते थे। इनमें पांच महिलाएं और दो पुरुष थे। तीन माह काम करने उपरांत तीन महिलाओं को काम से हटा दिया। इन महिलाओं को अभी तक वेतन के नाम पर फूटी कोड़ी भी नहीं दी गई है। यह महिलाएं काम जाने के साथ ही वेतन नहीं मिलने से परेशान हैं।