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रोजाना वेबसाइट पर देख सकेंगे शहर में जहरीली गैसों का स्तर, दिए मशीनों के आॅर्डर

BhaskarNews | Last Modified - Nov 18, 2017, 06:04 AM IST

जालंधर समेत तीन शहरों में बनेंगे मॉनिटरिंग स्टेशन, प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने दिए मशीनों के आॅर्डर।
  • रोजाना वेबसाइट पर देख सकेंगे शहर में जहरीली गैसों का स्तर, दिए मशीनों के आॅर्डर
    डेमो फोटो

    जालंधर.शहर की हवा में प्रदूषण की जांच अब लोकल स्तर पर हो सकेगी। अमृतसर, मंडी गोबिंदगढ़ और लुधियाना के बाद अब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड जालंधर में भी सीएएक्यूएम स्टेशन (कंटीन्यूज एम्बिएंट एयर क्वॉलिटी मॉनिटरिंग स्टेशन) बनाने जा रहा है। स्टेशन में रोजाना हवा के प्रदूषण की जांच कर रिपोर्ट ऑनलाइन अपलोड की जाएगी।

    स्मॉग से निपटने के लिए प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड जालंधर समेत तीन शहरों में स्टेशन स्थापित करने जा रहा है। शुक्रवार को बोर्ड के चेयरमैन काहन सिंह पन्नू ने बताया कि जालंधर में निगम होने के चलते इसके प्रदूषण की जांच पहले मेनुअल तरीके से की जा रही थी। अब अत्याधुनिक तकनीक से लैस मॉनीटरिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने डीसी से सर्किट हाउस में सौ स्कवेयर मीटर जमीन की मांग की है। जालंधर के अलावा पटियाला और खन्ना के लिए भी मशीनें खरीदी जा रही हैं। एक स्टेशन की कीमत 80 लाख रुपये है।

    ऑर्डर दिए जा चुके हैं और दिसंबर तक इन स्टेशंस को स्थापित कर दिया जाएगा। इस संबंध में डीसी वीके शर्मा ने बताया कि एक बार स्टेशन स्थापित हो जाएं तो जनता शहर में प्रदूषण के स्तर को वेबसाइट पर देख सकेगी। स्मॉग के कारण नवंबर के पहले हफ्ते में शहर की हवा की एयर क्वाॅलिटी इंडेक्स 335 तक पहुंच गया था। अक्टूबर में यह 187 रिकॉर्ड किया गया था।

    फिलहाल 48 घंटे बाद रिपोर्ट आती है : संदीप बहल
    प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के वरिष्ठ पर्यावरण इंजीनियर संदीप बहल ने बताया कि फिलहाल हम मेनुअल मॉनिटरिंग कर रहे हैं। शहर में स्थापित तीन डस्ट कलेक्टर मशीनों से सैंपल लैब में लाए जाते हैं और उनके टेस्ट कर प्रदूषण की जांच होती है। यह रोजाना नहीं होता बल्कि 48 घंटे बाद एक एरिया की रिपोर्ट आती है।

    मौजूदा स्थिति
    मौजूदा टेस्ट में आरएसपीएम, नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड की हवा में मात्रा ही रिकॉर्ड की जाती है। इससे पहले प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के डस्ट कलेक्टर हवा में सिर्फ दो जहरीली गैसेस और हवा में धूल के कणों की मात्रा की जांच कर पाते थे। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के बाकी जहरीली गैसों की स्थिति की कोई जानकारी नहीं है। नया स्टेशन लगने पर पीएम 10, पीएम 2.5, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन के ऑक्साइड, बेंजीन, अमोनिया, कार्बन मोनोआक्साइड, ओजोन के अलावा हवा की गति, दिशा, सोलर रेडिएशन, तापमान और आर्द्रता भी स्टेशन में रिकॉर्ड होगी।

    सर्किट हाउस में स्टेशन लगाने पर सवाल
    जालंधर वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य सुरिंदर सैनी ने बताया कि सर्किट हाउस तो शहर के पॉश एरिया में स्थापित है। उसके साथ लगती बारादरी में हरियाली का स्तर शहर में सबसे ज्यादा है। ऐसे में इस स्टेशन को आबादी के बीच स्थापित किया जाना चाहिए। इससे पहले बोर्ड ने जो तीन मशीनें लगाई हैं उन्हें शहीद उधम सिंह नगर स्थित ईएसआई अस्पताल, निगम दफ्तर और तेग बहादुर नगर में लगाया गया है। उन तीन मशीनों के लिए चुनी गई जगहों पर भी सवाल खड़े होते रहे हैं। मशीनों को पेड़ों के बीच और आबादी से दूर लगाया गया है। इससे प्रदूषण की सही मात्रा का पता नहीं चलता।

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Web Title: Level Of Toxic Gases In The City Will Be Seen On The Website
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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