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सरकार ने फंड नहीं दिया, टीचर्स ने बच्चों के लिए यूनिफाॅर्म, दरियां खिलौने अपनी जेब से जुटाए

bhaskar news | Last Modified - Nov 15, 2017, 06:22 AM IST

बरामदे में ही दरियों पर बैठा दिया। 3 से 6 साल के बच्चों को पहले दिन खेल-खेल में पढ़ाया गया।
  • सरकार ने फंड नहीं दिया, टीचर्स ने बच्चों के लिए यूनिफाॅर्म, दरियां खिलौने अपनी जेब से जुटाए
    पठानकोट /गुरदासपुर/ रोपड़/ होशियारपुर.आंगनबाड़ी वर्करों के विरोध के बीच बाल दिवस पर सरकार ने राज्यभर के सरकारी स्कूलों में बिना तैयारी प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू कर दीं। सरकार ने इसके लिए कोई अतिरिक्त फंड भी नहीं दिया। टीचर्स ने खुद बंदोबस्त करके बच्चों के लिए यूनिफार्म, दरियां-गद्दे और खिलौनों का इंतजाम किया। बैठने की व्यवस्था होने से कुछ स्कूलों में पहले दिन क्लासें मर्ज कर काम चलाना पड़ा। कहीं बरामदे में ही दरियों पर बैठा दिया। 3 से 6 साल के बच्चों को पहले दिन खेल-खेल में पढ़ाया गया।
    विरोध में बैठी आंगनबाड़ी वर्कर्स अपने सेंटर के बच्चों को प्री-प्राइमरी में नहीं भेज रही हैं। इससे प्राइमरी स्कूलों के टीचर्स को खुद मोहल्लों, गांवों में जाकर बच्चों को स्कूल लाना पड़ रहा है। पठानकोट समेत पूरे सूबे में आंगनबाड़ी वर्कर्स ने बाल दिवस को काला दिवस के रूप में मनाया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
    ये सुविधाएं : प्री-प्राइमरी कक्षाओं में बच्चों को मिड डे मील, मेडिकल चेकअप, स्कॉलरशिप, फ्री बुक्स, बैग, खिलौने बैठने के लिए बढ़िया फर्नीचर उपलब्ध कराया जाएगा। प्री-प्राइमरी कक्षाएं शुरू करने का उद्घाटन शिक्षा मंत्री अरुणा चौधरी ने मोहाली में किया। वह फेज-7 के एलीमेंट्री स्कूल में पहुंची थीं। हैरानी ये है कि स्कूल टाइम 10 से 3 बजे का है लेकिन मंत्री के स्वागत के लिए बच्चों को ठंड में सुबह आठ बजे ही बुला लिया गया। बच्चे शिक्षामंत्री का इंतजार करते रहे लेकिन मंत्री जी पौने ग्यारह बजे पहुंचीं। मीडिया ने जब मंत्री से सवाल किया तो उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया। अफसर भी जवाब देने से बचते रहे।
    टीचर्स बोले-आंगनबाड़ी वर्करों के बिना छोटे बच्चे संभालना मुश्किल
    स्कूलप्रबंधकों का कहना है कि इतने छोटे बच्चों को संभालना मुश्किल है, क्योंकि कुछ बच्चे इतने छोटे हैं कि उन्हें खाना भी नहीं खाना आता। जब तक आंगनबाड़ी वर्कर्स उनका साथ नहीं देंगी बच्चों को संभालना उनके बस का काम नहीं है।

    पठानकोट के डीईओ (एलीमेंट्री) कुलवंत सिंह का कहना है कि प्राइमरी स्कूलों में करीब 3 हजार बच्चों ने दाखिला लिया है। इनकी पढ़ाई का जिम्मा शिक्षा विभाग का होगा। आंगनबाड़ी वर्कर्स फीडिंग से लेकर घर तक छोड़ने और टीकाकरण समेत 5 तरह के काम पहले की तरह ही करेंगी। उन्हें कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। पठानकोट के एलिमेंटरी स्कूल ढाकी में छोटे बच्चों के साथ बड़ों ने भी इंजॉय किया।
    पेरेंट्स की भी दिक्कत- सेंटर करीब था, स्कूल दूर हो गया
    रोपड़के शामपुरा स्कूल में नए दाखिल हुए 12 बच्चों में से एक बच्चे की माता फरजाना ने बताया, उनका 5 साल का बच्चा माधोदास कालोनी के आंगनबाड़ी सेंटर में पढ़ता था। उसे आज प्राइमरी स्कूल शामपुरा में लेकर आई हूं। पहले आंगनबाड़ी सेंटर घर के पास था लेकिन अब घर से करीब एक किलोमीटर दूर तक बच्चे को रोजाना छोड़ने और लेकर आना पड़ेगा।
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Web Title: Teachers Uniforms For Children
(News in Hindi from Dainik Bhaskar)

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