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650 का ट्रैक सूट लेने पर कॉलेज ने रद्द किया पेपर, कॉलेज जबरदस्ती थाेप रहा ट्रेक सूट

ट्रैक सूट खरीदने पर कॉलेज प्रबंधन द्वारा नंबर कम लगाने की धमकी भी दी गई है।

Danik Bhaskar | Nov 25, 2017, 05:43 AM IST

अबाेहर. एक तरफ पंजाब सरकार खिलाड़ियों विद्यार्थियों को बेहतरीन प्रदर्शन करने पर अलग-अलग सुविधाएं उपलब्ध करवाती रहती है, वहीं अबोहर के सियोन कॉलेज में बीए भाग प्रथम की परीक्षा में फिजीकल एजुकेशन के प्रेक्टिकल पेपर को महज इस कारण रोक दिया गया है कि पहले छात्र उनके द्वारा थोपा गया 650 रुपए का ट्रैक सूट खरीदें। ट्रैक सूट खरीदने पर कॉलेज प्रबंधन द्वारा नंबर कम लगाने की धमकी भी दी गई है।

खास बात ये है कि इस कॉलेज में ऐसे जरूरतमंद परिवारों के बच्चे पढ़ रहे हैं, जिनके लिए कॉलेज की फीस भर पाना भी मुश्किल है। स्कूली बच्चों ने डीसी से मांग रखी है कि या तो इस कॉलेज को बंद करवाया जाए या फिर इनकी नीयत में सुधार करवाया जाए। विद्यार्थियों ने दर्द भरे शब्दों में कहा कि कॉलेज के मालिक सुशील गर्ग में तो इतनी अकड़ है कि उन्होंने इस समस्या का समाधान करने की बजाय शुक्रवार को पेपर ही रद्द करवा दिया। उन्होंने भास्कर से इस समस्या को मुख्यमंत्री और पंजाब कांग्रेस प्रधान तक पहुंचाकर उनके हस्तक्षेप की मांग रखी। साथ ही विद्यार्थियों ने कहा कि कॉलेज में उन्होंने जिस दिन से प्रवेश लिया है, उसी दिन से वह लूट का शिकार हो रहे हैं।

जबरदस्ती ट्रैक सूट दिया तो सख्त कार्रवाई : डीसी
डीसीईशा कालिया ने कहा की ऐसा कोई नियम नहीं है कि कॉलेज प्रबंधन विद्यार्थियों पर ट्रैक सूट जबरन थोपे। जिला शिक्षा अधिकारी से इस मामले की जांच करवा लेंगे और अगर कॉलेज प्रबंधन कसूरवार पाया गया तो सख्त कार्रवाई करवाऊंगी।

कॉलेज का खरीदा हुआ ट्रैक सूट ही होगा मान्य
हालांकि कुछ विद्यार्थी इस परीक्षा को देने के लिए ट्रैक सूट पहनकर आए थे, लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने उस ट्रैक सूट को वैध नहीं माना और यह फरमान जारी कर दिया कि कॉलेज द्वारा दिया जा रहा ट्रैक सूट किसी विद्यार्थी ने पहना तो उनके कोई भी नंबर नहीं लगाए जाएंगे।

मालिका बोला सूट स्कूल से लेना जरुरी है
कॉलेज के मालिक सुशील गर्ग ने कहा कि ट्रैक सूट स्कूल से ही लेना जरुरी है। ऐसा सरकारी नियमों के अनुसार हम कर रहे हैं, लेकिन किसी के नंबर कम लगाने की कोई धमकी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि वह नियमों के अनुसार कार्य कर रहे हैं। गर्ग के इस जवाब को टटोलने के लिए जब विद्यार्थियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मालिक झूठ बोल रहे हैं। विद्यार्थियों ने कहा अब ज्यादा से ज्यादा ये हो सकता है कि कॉलेज का मालिक हमारी जान ले लें।