पॉजिटिव मैसेज / 'लक नहीं हेल्मेट पहनो, जिंदगी के किसी मोड़ पर, फिर मिलेंगे रोड पर'

हेल्मेट पहनने का संदेश देते भारतभ्रमण पर निकले दिल्ली के 38 वर्षीय अंश पी। हेल्मेट पहनने का संदेश देते भारतभ्रमण पर निकले दिल्ली के 38 वर्षीय अंश पी।
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हेल्मेट पहनने का संदेश देते भारतभ्रमण पर निकले दिल्ली के 38 वर्षीय अंश पी।हेल्मेट पहनने का संदेश देते भारतभ्रमण पर निकले दिल्ली के 38 वर्षीय अंश पी।

  • 2 अक्टूबर 2018 को की थी राइड शुरू, कर चुके देश के 29 राज्यों और सभी 7 केंद्र शासित प्रदेशों की यात्रा
  • पेशे से हैं फाइनांशियल प्लानिंग ट्रेनर अंश ले चुके समाजसेवा के लिए जीवनभर शादी नहीं करने का फैसला
  • छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से सिर्फ तन पर पहने कपड़ों पर लगे बैच की वजह से बचे थे

Jun 19, 2019, 10:01 AM IST

जालंधर (हेमंत/बलराज सिंह). दिल्ली के रहने वाले अंश पी के दिल में बस एक ही तमन्ना है कि हर जिंदगी सुरक्षित रहे। इसलिए वह शहर-शहर घूमकर बस एक ही संदेश दे रहे हैं, 'लक पहनो या ना पहनो, पर हेल्मेट जरूर पहनो। जिंदगी के सफर में किसी मोड़ पर फिर होगी मुलाकात रोड पर।' असल में देशभर में घूम चुका यह युवा लोगों को हेल्मेट पहनने के लिए जागरूक करने के मकसद से ही निकला है। अपने इस खास मसकद को वह इतना महत्व देते हैं कि उन्होंने आजीवन शादी नहीं करने तक का फैसला कर रखा है। अपनी इस खास यात्रा के अंतिम पड़ाव में दिल्ली वापसी के दौरान रविवार को अंश जालंधर पहुंचे थे। अपनी बाइक लेकर लगभग 60 हजार किलो मीटर का सफर तय कर चुके अंश ने दैनिक भास्कर के साथ एक खास मुलाकात में अपने अनुभवों के बारे में बात की।

 

ये है अंश का परिवार

38 वर्षीय अंश पी ने बताया कि वह दिल्ली में अपने पिता ईश्वर चंद्र, माता मिन्नी, बड़े भाई हिमांशु और उनके परिवार के साथ रहते हैं। वह 'दी मिस्टिक राइडर्स' ग्रुप के सक्रिय सदस्यों में से एक हैं, जिसका उद्देश्य ही सामाजिक मसले को लेकर मोटरसाइकल यात्राएं करना है। इसी के चलते अंश पी ने 2 अक्टूबर 2018 को दुनिया को अमन का पैगाम देने वाले महात्मा गांधी की जयंती पर दिल्ली से भारत भ्रमण की शुरुआत की। उनका कहना है कि हमें पुलिस चालान के डर से नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट हमेशा पहनकर चलना चाहिए। रोड पर निकलें तो हर वक्त दिल में बस यही बात ध्यान रखनी चाहिए कि घर पर मम्मी-पापा, भाई-बहन और दूसरे पारिवारिक सदस्य इंतजार कर रहे हैं। 

 

सी यू ऑन दी रोड का नाम दिया यात्रा को

वह अपनी इस खास संदेश वाली यात्रा को सी यू ऑन दी रोड का नाम दे देश के 29 राज्यों और सभी 7 केंद्र शासित प्रदेशों की यात्रा कर चुके हैं। बकाैल अंश जैसा कि उनके ग्रुप का उद्देश्य होता है, ठीक उसी तरह वह खुद पहले भी केरल में आई बाढ़ के दौरान दिल्ली, मुंबई व अन्य शहरों से खाद्य सामग्री और अन्य चीजें संग्रहीत करके पहुुंचाते रहे हैं।

 

किस तरह की दिक्कतों का करना पड़ा सामना

जब अंश से यात्रा के दौरान आने वाली दिक्कतों के बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि चूंकि वह अपने दम पर ही ऐसी यात्राएं करते हैं, इसलिए कई बार जेब में पैसा नहीं होने की दिक्कत का भी सामना करना पड़ता है। इसके अलावा सफर के दौरान कई बार गिर जाना, अंधेरे रास्तों में जंगली जीवों और आदिवासियों वगैरह से भी खतरा उठाना पड़ सकता है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ये सब बातें इंसान को कुछ न कुछ सिखाती ही हैं। बकौल अंश पी, 'मैं एक बार छत्तीसगढ़ में नक्सली इलाके में फंसते-फंसते बचा, क्योंकि मेरे तन पर यह खास किस्म की राइडर्स ड्रेस थी। कई बार कुछ लोग सेना जैसे कपड़े पहन लेते हैं, असल में यही सबसे बड़ी दिक्क्त है। नक्सली आम जनता को कुछ नहीं कहते, बशर्ते उनका किसी भी तरह से प्रशासन से सीधा ताल्लुक न हो।

 

कुछ और खास बातें

  • 2014 में गुड़गांव में अमेरिका की एक फाइनांस कंपनी में प्रोसेस ट्रेनर एंड ऑटोमेशन ग्रिड की पोस्ट छोड़ चुके हैं।
  • मौजूदा पेशे से फाइनेंशियल प्लानिंग के टीचर हैं और यात्रा के दौरान जहां भी जाते हैं, वहां से संबंधित विभिन्न कॉलेजों में एक साल पहले ही गेस्ट फैकल्टी के तौर पर सेशन के लिए कांट्रैक्ट साइन कर लेते हैं।
  • इस तरह की पूरे देश की यात्रा पहली बार की है, लेकिन इससे पहले लगभग हर दो-तीन महीने में ऋषिकेश, लेह मनाली वगैरह के लिए बाइक पर ही निकल पड़ते हैं।
  • वह 20 से ज्यादा किताबें लिख चुके हैं। हर सफर के अनुभव पर एक किताब होती ही है।
  • मकसद के लिए अंश जीवनभर शादी नहीं करने का फैसला ले चुके हैं।
  • उनके बड़े भाई वैज्ञानिक हैं, जिन्होंने उनके मकसद को समझा और हमेशा उनका साथ देते हैं।
  • जिस भी शहर में जाते हैं, वहां के राइडर्स क्लब की तरफ से या तो हेल्मेट और बाइक पर स्टीकर लगा दिया जाता है या फिर वर्दी पर बैच लगा दिए जाते हैं।
  • अंश पी का अगला कदम अखंड भारत की यात्रा पर निकलना है, जिसके लिए वह कोशिशें लगाना शुरू कर चुके हैं।
  • अंश का कहना है कि इस राइड के बाद इस रॉयल इनफील्ड बाइक को वह किसी एस्पीरेट फीमेल राइडर को गिफ्ट कर देंगे।

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