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एक्ट में बदलाव, अब विधायक भी बन सकेंगे काॅर्पोरेशन और बोर्ड के चेयरमैन

कैबिनेट के फैसले: पंजाब स्टेट लैजिस्लेचर एक्ट 1952 में अहम संशोधनों को मंजूरी

Danik Bhaskar | Jun 28, 2018, 03:10 AM IST
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चंडीगढ़. पंजाब मंत्रिमंडल ने पंजाब स्टेट लैजिस्लेचर (प्रीवेंशन ऑफ डिस क्वालीफिकेशन) एक्ट, 1952 में कुछ महत्वपूर्ण संशोधनों को स्वीकृति दे दी। इससे विधायकों के लिए ‘लाभ के पद’ की और कई नई श्रेणियां भी अपने पास रखने का रास्ता साफ हो गया है। इन संशोधनों के साथ विधायकों को लाभ के पदों के कई और मामलों में अयोग्य नहीं ठहराया जा सकेगा। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इन संशोधनों का उद्देश्य वर्तमान समय के प्रशासनिक उलझनों को दूर करना है। इसके लिए नया सेक्शन-1 ए शामिल किया गया है। इसमें ‘ज़रूरी भत्ते’ ‘संवैधानिक संस्था’ और ‘असंवैधानिक’ को परिभाषित किया गया है। इस एक्ट की धारा-2 के तहत लाभ के पद की और श्रेणियों को शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि ऐसा बोर्ड, कार्पोरेशन और अन्य पदों पर चहेते विधायकों को एडजस्ट करने के लिए किया गया है।

एक्ट में जोड़ा नया उपबंध: सेक्शन-1(ए) के अनुसार ‘लाजि़मी भत्ता’ का मतलब उस राशि से होगा, जो दैनिक भत्ते (ऐसा भत्ता विधानसभा सदस्य को मिलने वाले दैनिक भत्ते की राशि से अधिक नहीं होगा, जिसके लिए वह पंजाब लैजिस्लेचर असेंबली (मैंबर के वेतन एवं भत्ता) एक्ट 1942 के तहत हकदार है) के रूप में एक पद संभालने के लिए भुगतान योग्य होगी। पद के कामकाज के दौरान विधायक द्वारा किये गए खर्च का प्रतिफल यकीनी बनाने के लिए यात्रा भत्ता, हाउस रैंट भत्ता या यात्रा भत्ता शामिल किया गया है। वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा है कि ऐसा इसलिए किया गया है ताकि विधायकों को बोर्ड और कार्पोरेशन का चेयरमैन और अन्य पद दिए जा सकें। इससे पहले ये पद लाभ के पद में शामिल थे।

ये भी नहीं माने जाएंगे लाभ के पद

एक्ट की धारा-2 को संशोधित करते हुए, इसमें कई नए पदों को शामिल किया गया है। जो ये हैं...
-(जे) एक मंत्री (मुख्यमंत्री सहित), राज्य मंत्री या उपमंत्री, एक्स ओफिशो का पद।
-(के) चेयरमैन, उप चेयरमैन, डिप्टी चेयरमैन, राज्य योजना बोर्ड का पद।
- (एल) विधानसभा में मान्यता प्राप्त ग्रुप, मान्यता प्राप्त पार्टी (प्रत्येक नेता और प्रत्येक डिप्टी नेता) का पद।
-(एम) चीफ़ व्हिप, डिप्टी चीफ़ व्हिप या विधानसभा में व्हिप का पद।
-(एन) यूनिवर्सिटी या यूनिवर्सिटियों से संबंधित किसी और संस्था में सिंडिकेट, सीनेट, एग्जीक्युटिव कमेटी, काउंसिल या कोर्ट का मैंबर या चेयरमैन का पद।
-(ओ) किसी भी मामले में आंकड़े इकठ्ठा करने या जांच करने के मकसद से या सार्वजनिक महत्व के किसी भी मामले में या किसी अन्य अथॉरिटी या सरकार को सलाह देने के मकसद से अस्थायी तौर पर स्थापित कमेटी (चाहे यह एक मैंबर आधारित हो या अधिक मैंबर) के मैंबर या चेयरमैन का पद, अगर इस तरह का पद प्राप्त व्यक्ति लाजि़मी भत्ते के अलावा किसी भी तरह के सेवा फल के लिए हकदार न हो।
-(पी) क्लॉज (ओ) में दर्शाए गई किसी भी ऐसी संस्था के अलावा कोई भी संवैधानिक या असंवैधानिक संस्था के चेयरमैन, डायरैक्टर या मैंबर का पद, अगर इस तरह का पद प्राप्त व्यक्ति लाजि़मी भत्ते के अलावा किसी भी तरह के सेवा फल के लिए हकदार न हो।