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हंस और टीनू के हारने के बाद अब 81 साल के अटवाल पर शिअद का दांव

Dainik Bhaskar

Mar 17, 2019, 03:25 AM IST

Jalandhar News - जालंधर लोकसभा सीट पर 17 बार चुनाव हुए, जिनमें एक बार उप चुनाव सहित कुल 13 बार कांग्रेस उम्मीदवार जबकि दो बार अकाली दल...

Jalandhar News - after the loss of hans and tinnu now the battle of shaid at the atwal of 81 years
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जालंधर लोकसभा सीट पर 17 बार चुनाव हुए, जिनमें एक बार उप चुनाव सहित कुल 13 बार कांग्रेस उम्मीदवार जबकि दो बार अकाली दल और दो बार जनता दल के उम्मीदवार जीत चुका है। इस बार अकाली दल ने कांग्रेस का मुकाबला करने के लिए 81 साल के लोकसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल को चुनाव मैदान में उतारा है। अकाली दल की मानें तो रिजर्व सीट होने के कारण चरणजीत अटवाल को दलित भाईचारे की वोट के सिख चेहरा होने का भरपूर लाभ मिलेगा। अकाली दल पहले पद्मश्री हंसराज हंस को स्टार चेहरे के रूप में शामिल कर चुका है, लेकिन हंसराज कांग्रेस के साथ वाल्मीकि भाईचारे की वोट लेने में भी कामयाब नहीं हुए थे और पिछली बार पवन टीनू चुनाव मैदान में थे, जिन्हें सिख वोट और शहरी वोट न मिलने के कारण हार का सामना करना पड़ा था।

वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस की तरफ से लोकसभा सीट के लिए चौधरी संतोख सिंह अब तक प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। वे पांच साल तक लोगों के बीच तो रहे लेकिन कोई बड़ी योजना शहर के लिए नहीं ला पाए, लेकिन आदमपुर एयरपोर्ट पर आकर वे अपना हक जताते हैं। सूबे की कांग्रेस सरकार ने भी दो साल से पंजाब को कोई बड़ा फंड नहीं दिया है।

1 गुड पॉइंट
कार्यकर्ताओं में दिखी सुखबीर के साथ फोटो खिंचवाने की होड़। - भास्कर

टर्निंग पॉइंट

दलित भाईचारे और सिख वोटरों को लुभाने के लिए पार्टी की कोशिश

समागम में नहीं पहुंचे मक्कड़ ग्रुप से नाराज अकाली लीडर सुखबीर बोले- बड़ा परिवार है, नाराज मेंबर्स को मना लेंगे

दो दिन पहले मक्कड़ ग्रुप के साथ कमलजीत सिंह भाटिया, बलजीत सिंह नीलामहल, एचएस वालिया और डा. अमरजीत सिंह थिंद के साथ हुए विवाद के बाद सभी नेताओं ने मीटिंग का बॉयकाट किया। मक्कड़ ने उन्हें कैंट हल्के के किसी कार्यक्रम में हिस्सा न लेने की चेतावनी दी थी। इसके बाद नाराज टकसाली नेताओं और कई अन्य बड़े नेताओं ने इस कार्यक्रम से किनारा किए रखा। इस पर पूछे गए सवाल पर सुखबीर ने कहा- जहां बड़ा परिवार होता है, वहां छोटी-मोटी परेशानियां आती रहती हैं। जल्द ही सभी नाराज नेताओं को मना लिया जाएगा।

आम दिनों में जब एक साधारण व्यक्ति आसानी से सुखबीर बादल के पास नहीं जा सकता, अब चुनाव में उसे खुद सुखबीर के पास खड़ा करके फोटो शूट करवाया जा रहा है। नेशनल हाईवे पर स्थित पैलेस में हलका कैंट वर्करों के साथ रखी मीटिंग में हजारों आम वर्करों ने सुखबीर के साथ फोटो खिंचवाई। अंदाज ऐसा रहा जैसे सभी सुखबीर के खासम-खास हों। सुखबीर बादल ने खुद सभी वर्करों के कंधे पर हाथ रखकर चेहरे पर स्माइल लाते हुए फोटो खिंचवाईं। खास बात यह रही कि जिस वर्कर की पहली, दूसरी और तीसरी बार भी फोटो ठीक नहीं आई, उसने 6-6 बार सुखबीर के साथ खड़े रहकर फोटो खिंचवाई।

चंदन ग्रेवाल को अकाली दल से जोड़ने की कवायद

गत दिनों सुखबीर बादल ने पंजाब सफाई मजदूर यूनियन के प्रधान और आम आदमी पार्टी के नेता रहे चंदन ग्रेवाल से मुलाकात की थी। अकाली दल चंदन को अकाली दल में लाकर शहरी वोट बैंक मजबूत करना चाह रहा है, लेकिन चंदन ग्रेवाल ने अभी तक अकाली दल को स्पष्ट नहीं किया कि वे पार्टी जॉइन करेंगे या नहीं।

महिला सीटों पर बैठे रहे नेता

मीटिंग के दौरान महिलाओं को लिए जो सीटें लगाई गई थीं उन पर पुरुष नेता बैठे रहे। इस मौके सर्बजीत सिंह मक्कड़, इंद्र इकबाल सिंह अटवाल, शहरी प्रधान कुलवंत सिंह मन्नण, गुरप्रताप सिंह पन्नू, परमिंद्र कौर पन्नू, गुरमीत सिंह बिट्टू, सुखमिंदर सिंह राजपाल, आयूब खान, राजबीर कौर, गुरमेल सिंह, गगनदीप सिंह गग्गी, गगनदीप सिंह नागी, सतिंदर सिंह, जतिंदर सिंह, मनसिमरन सिंह मक्कड़, विशाल लूंबा, सचिन शर्मा, हरकोमल सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरप्रताप सिंह, इकबाल सिंह ढींडसा आदि मौजूद रहे।

2 बैड पॉइंट्स
चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन... अकाली दल की वर्कर मीटिंग के दौरान नेशनल हाईवे पर चुनाव आचार संहिता का खुलकर उल्लंघन हुआ। पार्टी की झंडियां और होर्डिंग लगाए गए थे।

धुक्का-मुक्की हुई तो सुखबीर ने कहा- अनुशासन की कमी

लोकसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल को उम्मीदवार घोषित करके सुखबीर ने कहा कि पिछले दो साल से कैप्टन सरकार ने पंजाब के लोगों के लिए कुछ नहीं किया और जो चुनावी वादे किए थे, सरकार उन्हें भी पूरा नहीं कर पा रही। उन्होंने सभी को पार्टी की मजबूती के लिए एकमंच पर एकत्रित होकर काम करने के निर्देश भी दिए। करीब 10 मिनट के भाषण के बाद सुखबीर बादल ने 3 घंटे तक लगातार खड़े रहकर वर्करों को खुश करने के लिए फोटो शूट भी करवाया। वर्करों के साथ राउंड टेबल पर चर्चा करने के लिए 20-20 कुर्सियां लगाई गई थीं लेकिन धक्का-मुक्की के बाद खुद सुखबीर ने कार्यक्रम में अनुशासनहीनता की बात कही और हॉल के बाहर गेट पर खड़े हो गए। फिर सभी को लाइन में लगकर फोटो करवाने के लिए कहा। करीब एक घंटे बाद सुखबीर दोबारा हाल में दाखिल हुए और बाकी वर्करों के साथ मंच पर फोटो शूट करवाया।

चरणजीत सिंह अटवाल तीन बार विधायक, 2 बार सांसद

अकाली उम्मीदवार चरणजीत सिंह अटवाल 1969 में लुधियाना वेस्ट से अकाली-जनता दल के जॉइंट कैंडिडेट बने पर 1977 में विधानसभा हलका दाखा-लुधियाना से कामयाबी मिली। 1985 में रोपड़ लोकसभा सीट से सांसद, 1997 में कूमकलां से विधायक बने। 2004 में फिल्लौर से सांसद, 2012 में पायल से विधायक बने। अटवाल यूएनओ में 3 बार देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्ल्ड की दूसरी सबसे बड़ी आर्गेनाइजेशन पॉलिटिकल इंटर पार्लियामेंट्री यूनियन, जिसमें 170 देश मेंबर हैं, उसमें सेशन का वाइस प्रधान के साथ सेशन के प्रधान भी रहे हैं। इसके अलावा इंटरनल ऑडिट सदस्य चुनाव के माध्यम से चुने गए थे। इसके अलावा 1997 से 2000 तक वेलफेयर ऑफ शेड्यूल कास्ट व बैकवर्ड क्लास सोसायटी के चेयरमैन बने।

जालंधर में वर्कर मीट में पहुंचे शिअद प्रधान सुखबीर बादल बोले- सभी एकजुट होकर काम करें

फैमिली... प|ी इंद्रजीत कौर, बड़ा बेटा इंद्र इकबाल सिंह अटवाल-बहू मनदीप कौर अटवाल, छोटा बेटा जसजीत सिंह अटवाल-बहू धनवंत कौर, बेटी डा. कुलमिंदर कौर, परमिंदर कौर, त्रिप्तजीत कौर।

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