आयुष्मान योजना 20 से शुरू, 14 सरकारी अस्पतालों और 20 प्राइवेट अस्पतालों को किया गया शामिल

Jalandhar News - आयुष्मान सरबत सेहत बीमा योजना के जिले में ई वेरिफिकेशन कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके संबंध में सोमवार को डिप्टी...

Aug 06, 2019, 09:10 AM IST
Jalandhar News - ayushman started from scheme 20 14 government hospitals and 20 private hospitals were included
आयुष्मान सरबत सेहत बीमा योजना के जिले में ई वेरिफिकेशन कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके संबंध में सोमवार को डिप्टी कमिश्नर वरिंदर कुमार शर्मा ने सेहत विभाग के अधिकारियों के साथ मीटिंग की। डीसी वरिंदर शर्मा ने बताया पूरे पंजाब में सीएम अमरिंदर सिंह द्वारा 20 अगस्त को स्कीम को शुरू किया जा रहा है। विभाग द्वारा अभी तक 14 सरकारी अस्पतालों और 20 निजी अस्पतालों को शामिल किया गया है।

सेहत विभाग द्वारा योजना के तहत कार्ड बनाने के लिए 100 कॉमन सर्विसिस सेंटरों का गठन किया गया है। जहां पर कोई भी लाभपात्री महज 30 रुपए देकर कार्ड बनवा सकता है। डीसी ने बताया कि इस स्कीम के तहत शामिल किए गए सरकारी और प्राइवेट सेंटरों में ई कार्ड बिना किसी फीस के बनाए जा रहे है। ईकार्ड बनवाने के लिए लाभपात्री अपने साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, राश्न कार्ड या कंस्ट्रक्शन वर्कर रजिस्टर्ड किए गए हैं। डीसी ने सेहत विभाग को निर्देश जारी करते हुए कहा कि बलाक विकास, पंचायत अफसर और सीएचसी के हेड के साथ वेरिफिकेशन के लिए मीटिंग की जाए। अगर किसी व्यक्ति ने अपनी योग्यता इस स्कीम में देखने है तो वे एसएचएपंजाब वेबसाइट या 104 पर संपर्क कर सकता है। इस मौके एडीसी कुलवंत सिंह और जसबीर सिंह, अमित कुमार, राजेश कुमार, चारूमिता, सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदर कौर चावला, डीएमसी डॉ. हरप्रीत कौर मान, जिला प्रोग्राम अफसर अमरजीत सिंह भुल्लर मौजूद रहे।

आयुष्मान स्कीम के संबंध में जानकारी देते डीसी वीके शर्मा। - भास्कर

पढ़ें ये भी... योजना की जानकारी देने काे डीसी ने सुबह 11 बजे बुलाई मीटिंग, 80 में से सिर्फ एक पार्षद आया

मेयर-कमिश्नर को भी आना था, देरी से सूचना के कारण कोई निगम अधिकारी नहीं पहुंचा

जालंधर| सरकारी योजनाओं को लागू करने में जिला प्रशासन की लापरवाही एक बार फिर देखने को मिली। डीसी वरिंदर कुमार शर्मा ने आयुष्मान योजना के वेरिफिकेशन के शुरू किए गए काम को लेकर सोमवार को मीटिंग बुला रखी थी। इसमें स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधि होने के कारण सिटी के सभी 80 पार्षद को शामिल करना था, क्योंकि पार्षद और विधायक स्तर पर सरकारी स्कीमों के अधिकांश लाभपात्री आवेदन करते हैं। बावजूद इसके डीसी की मीटिंग में एक पार्षद पहुंचे। यहां तक कि मेयर जगदीश राजा और कमिश्नर दीपर्व लाकड़ा भी मीटिंग में नहीं पहुंचे। कारण जिला प्रशासनिक कांप्लेक्स में सुबह 11 बजे से होने वाली मीटिंग की सूचना निगम प्रशासन को 10:34 मिनट पर मिली। निगम की एजेंडा ब्रांच के सुपरिंटेंडेंट सुनील खुल्लर ने डीसी ऑफिस की चिट्ठी रिसीव कर मेयर ऑफिस को जानकारी दी। मेयर दफ्तर के स्टाफ ने पार्षदों के बने व्हाट्सएप ग्रुप पर तत्काल सूचना भी दिया, लेकिन सिर्फ एक पार्षद मीटिंग में पहुंचा। हालांकि डीसी दफ्तर से यह चिट्ठी रविवार को ही जारी हो चुकी थी, जो मीटिंग से कुछ मिनट पहले निगम दफ्तर पहुंचा।

पार्षदों के लिए अलग सेशन कराया जाएगा...

डीसी ने कहा कि निगम में चिट्ठी देरी से पहुंचने के मामले को चेक करवाएंगे, आखिर कैसे देरी हुई। वैसे उन्होंने ट्रेनिंग से लौटने के बाद सोमवार को ही जाॅइन किया है। मीटिंग का नोटिस तो पहले ही जारी कर दिया गया था। पार्षद के नहीं आने के कारण निर्देश दिया गया है कि वो निगम दफ्तर में जाकर पार्षदों को जानकारी देने के लिए अलग से एक सेशन करवाएं।

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