जालंधर

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बिल्ला मर्डर केस: कोर्ट में इकलौता गवाह मुकरा, अारोपी बनाया गया एक्सपोर्टर राजन कोचर बरी

फैसले आने के बाद नए सिरे से भी जांच शुरू हो सकती है कि बिल्ला को आखिर किसने और क्यों गोलियां मारीं?

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 02:47 AM IST
फ्लैशबैक: बैंक के बाहर लग्जरी गाड़ी में बैठे अनिल के पास हेलमेट पहने आया था शूटर। फ्लैशबैक: बैंक के बाहर लग्जरी गाड़ी में बैठे अनिल के पास हेलमेट पहने आया था शूटर।

जालंधर. 3 जून 2016 को कंपनी बाग चौक के पास इलाहाबाद बैंक के बाहर हुए पाल गारमेंट्स के मालिक अनिल बिल्ला मर्डर केस में कोर्ट का फैसला आ गया है। जिसमें कोर्ट ने आरोपी एक्सपोर्टर वरिंदर सिंह उर्फ राजन कोचर को बरी कर दिया है। भीड़-भाड़ वाले इलाके में गाड़ी में बैठे बिल्ला को शूटर तीन गोलियां मारकर फरार हो गए थे। कोई चश्मदीद गवाह न होने और एक मात्र गवाह के बयान बदलने के बाद पुलिस का पक्ष कमजोर पड़ गया। राजन की पत्नी ने भी राजन को कातिल नहीं माना था।

36 मिनट में पूरी की गई 400 मीटर की दूरी बनी मिस्ट्री

- सीसीटीवी कैमरे से क्लियर हुआ था कि 49 साल का बिल्ला 3 जून 2016 को सुबह 6 बजकर 35 मिनट पर फॉरच्यूनर गाड़ी में नामदेव चौक के पास स्थित रमाडा होटल आए थे। होटल से गाड़ी में 9 बजकर 34 मिनट पर निकले थे।

- उनकी गाड़ी को कंपनी बाग के सामने इलाहाबाद बैंक के पास कैश जमा करवाने आए ग्राहक ने 10 बजकर 10 मिनट पर खड़ा देखा था। गाड़ी में हेलमेट पहने एक शख्स बिल्ला के साथ वाली सीट पर बैठा था।

- 10 बजकर 20 मिनट पर बैंक गार्ड ने गाड़ी का शीशा और खून देख कर शोर मचाया था। खबर मिलने पर तब के एसएचओ परमजीत सिंह 10 मिनट में क्राइम सीन पर पहुंचे थे।

- एसएचओ बॉडीगार्ड बिल्ला को सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी मौत हो गई थी। होटल से लेकर क्राइम सीन 400 मीटर की दूरी पर था। वहां पहुंचने में एक मिनट ही लगता है, मगर इस दौरान बिल्ला 36 मिनट कहां था कि पुलिस आज तक पता नहीं लगाई पाई।

राजन ने कहा- माथे पर लगा दाग हट गया

सेशन जज एसके गर्ग की कोर्ट ने फैसला सुनाया तो राजन ने कहा कि पिछले दो साल से वह और उसकी फैमिली परेशान रही। माथे पर लगा दाग हट गया है। राजन को पुलिस ने दो जुलाई 2016 को पकड़ा था और वह 28 मार्च 2017 तक जेल में रहा था। उसे जमानत मिल गई थी। उसके खिलाफ नशे का एक अलग मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

क्राइम सीन पर बिल्ला को देखने नहीं आया राजन

बिल्ला का मर्डर जिस गाड़ी में हुआ था, वह राजन कोचर की पार्टनरशिप में चलने वाली फर्म के नाम पर थी। पुलिस ने 2 जुलाई को राजन को संदिग्ध मानकर पकड़ा था और बिल्ला की पत्नी ममता मनकोटिया की स्टेटमेंट पर राजन को आरोपी बनाया था। पुलिस ने पैसे के लेनदेन को मर्डर का कारण बताया था।

दलील दी कि न मर्डर की कोई वजह और न चश्मदीद

बचाव पक्ष के एडवोकेट संजीव बांसल ने अदालत में दलील दि कि पुलिस ने ही रिवाॅल्वर की टेंपरिंग कर राजन को फंसाया है क्योंकि शहर में लगातार मर्डर हो रहे थे। किरकिरी से बचने के लिए पुलिस ने ऐसा किया। उधर, बिल्ला की पत्नी ने तो शुरू से लेकर ट्रायल तक राजन को हत्यारा नहीं माना था।

आरोपी बनाने की 3 वजह

1. मर्डर का पता लगने के बाद भी क्राइम सीन पर न आना। राजन ने कहा था कि डिस्क प्रॉब्लम के इलाज के लिए जाते हुए उसे सूचना मिली थी।
2. पुलिस को पता चला था कि शूटर सफेद रंग की एक्टिवा पर आया था। राजन के पास भी सफेद कलर की ही एक्टिवा थी, जो शक की वजह बनी।
3. बिल्ला को 32 बोर के रिवाॅल्वर से गोली मारी गई थी। राजन के पास भी 32 बोर का लाइसेंसी रिवाल्वर था। जांच में टेपरिंग की पुष्टि हुई थी।

और ऐसे फेल हो गई पुलिस थ्योरियां

1. न केस में कोई चश्मदीद था और ही मर्डर का कोई कारण मिला।

2. बिल्ला की पत्नी के नाम से पुलिस ने धारा 161 की स्टेटमेंट खुद लिखी थी।

3. राजन के घर से एएसआई जगरूप सिंह ने रिवाल्वर जब्त किया और बिना सील किए एसएचओ को सौंप दिया था। राजन को रिवाल्वर बेचने वाले असलहा व्यापारी कोहली ने कोर्ट में गवाही दी कि-उसने सही रिवाल्वर बेचा था।

आगे क्या?

फैसले की कॉपी मिलने के बाद पुलिस सुप्रीम कोर्ट जा सकती है। ऐसे में नए सिरे से भी जांच शुरू हो सकती है कि बिल्ला को आखिर किसने और क्यों गोलियां मारीं।

हेलमेट पहने आया शूटर गाड़ी की फ्रंट सीट पर बैठे अनिल के बगल में जाकर बैठ गया। हेलमेट पहने आया शूटर गाड़ी की फ्रंट सीट पर बैठे अनिल के बगल में जाकर बैठ गया।
शूटर ने अनिल से हाथापाई की और 3 गोलियां मारीं। शूटर ने अनिल से हाथापाई की और 3 गोलियां मारीं।
हत्या कर मौके से शूटर भाग गया और लग्जरी गाड़ी में लहू से लथपथ पड़ा मिला था अनिल। हत्या कर मौके से शूटर भाग गया और लग्जरी गाड़ी में लहू से लथपथ पड़ा मिला था अनिल।
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फ्लैशबैक: बैंक के बाहर लग्जरी गाड़ी में बैठे अनिल के पास हेलमेट पहने आया था शूटर।फ्लैशबैक: बैंक के बाहर लग्जरी गाड़ी में बैठे अनिल के पास हेलमेट पहने आया था शूटर।
हेलमेट पहने आया शूटर गाड़ी की फ्रंट सीट पर बैठे अनिल के बगल में जाकर बैठ गया।हेलमेट पहने आया शूटर गाड़ी की फ्रंट सीट पर बैठे अनिल के बगल में जाकर बैठ गया।
शूटर ने अनिल से हाथापाई की और 3 गोलियां मारीं।शूटर ने अनिल से हाथापाई की और 3 गोलियां मारीं।
हत्या कर मौके से शूटर भाग गया और लग्जरी गाड़ी में लहू से लथपथ पड़ा मिला था अनिल।हत्या कर मौके से शूटर भाग गया और लग्जरी गाड़ी में लहू से लथपथ पड़ा मिला था अनिल।
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