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गंदा धंधा / टीम का दावा- डाॅ. कंग को रंगे हाथ पकड़ा, सीएम दफ्तर फोन किया तो सिविल सर्जन ने ढाई घंटे बाद टीम भेजी, तब तक डाक्टर फरार



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  • कुड़ी मार रैकेट...गर्भवती को हरियाणा से लाकर भोगपुर में करवाई भ्रूण जांच, महिला दलाल पर अंबाला में केस
Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 02:53 AM IST

जालंधर
कुड़ी मार सूबे के नाम से बदनाम पंजाब में अभी भी लिंग निर्धारण टेस्ट हो रहे हैं। ताजा खुलासा मंगलवार को अंबाला से आई सेहत विभाग की टीम ने किया है। भोगपुर के बाघा अस्पताल के डॉक्टर हरजीत सिंह कंग महज दो हजार रुपए लेकर एक प्रेग्नेंट महिला को बताया कि उसके पेट में कन्या भ्रूण पल रहा है।

 

टीम ने सिविल अस्पताल जालंधर को सूचित किया। सिविल सर्जन दफ्तर के स्टाफ की ढिलाई के कारण डॉ. कंग दोपहर 2 बजे के करीब अस्पताल को ताला लगाकर फरार हो गया।

 

डॉ. कंग के पास प्रेग्नेंट महिला को लाने वाली दलाल को अंबाला पुलिस ने राउंडअप किया है। हरियाणा में दलाल 30 हजार रुपए लेकर गर्भवती महिलाओं के पंजाब में लिंग निर्धारण टेस्ट करवा रहे हैं। हरियाणा से आई टीम ने सिविल सर्जन दफ्तर की कारगुजारी पर नाराजगी जताते कहा कि पंजाब के सीएम ऑफिस तक अप्रोच करने के बाद ही स्थानीय टीम हरकत में आई।

 

अंबाला की दलाल हरजीत कौर ने दसूहा की बीएएमएस डॉ. निरोत्तमा पुरी को 10 हजार रुपए दिए थे। पुरी ने माना कि उन्होंने दो हजार डॉ. कंग को दिए और बाकी के 8 हजार रुपए उसके पर्स में हैं।
 

 

मैं सिविल सर्जन जालंधर से कहता रहा भोगपुर आ जाइए 

अंबाला के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. संजीव सिंगला ने बताया कि डॉ. कंग के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने पर हमने सिविल सर्जन डॉ. जसप्रीत को कॉल कर टीम भेजने को कहा। वह अस्पताल का नाम पूछ रही थीं। हमने कहा कि  आप भोगपुर आ जाएं। उन्होंने टीम भेजने में देर कर दी और डॉ. कंग स्कैनिंग सेंटर को ताला लगा स्टाफ के साथ फरार हो गए। सिविल सर्जन दफ्तर ने सहयोग नहीं किया और न ही एफआईआर दर्ज करवाने के लिए पुलिस को शिकायत दी। हम अब अंबाला में एफआईआर दर्ज करवाएंगे और आरोपियों को पकड़वाएंगे।

 

सीएम दफ्तर से फोन कराया...
अंबाला सीएमओ के पीएनडीटी नोडल अफसर डॉ. अरविंदर ने कहा कि लोकल टीम से सहयोग न मिलने पर सीनियर अफसरों ने पंजाब के सीएम दफ्तर कॉल की। सीएम के ओएसडी ने फोन किया तो लोकल टीम भेजी गई पर तब तक डॉ. कंग फरार हो गए थे।

 

दलाल का दसूहा की डॉक्टर पुरी के साथ था लिंक, डॉ. पुरी ने टीम के सामने कबूल किया डॉ. कंग को दिए 2000 रुपए

अंबाला सिविल सर्जन दफ्तर के पीएनडीटी नोडल अफसर डॉ. विपिन भंडारी ने बताया कि पुख्ता जानकारी मिलने पर हमने एक गर्भवती महिला को दलाल के पास भेजा। वह उसे जालंधर की ओर ले चली। हमने अपनी गाड़ियां पीछे लगा लीं। दलाल हरजीत कौर का दसूहा की बीएएमएस डॉ. निरोत्मा पुरी के साथ लिंक था। डॉ. पुरी, एक नर्स, एक दाई और एक अन्य महिला कुलविंदर कौर गर्भवती महिला बाघा अस्पताल पहुंचीं। डॉ. पुरी को 10 हजार दिए जा चुके थे। डॉ. पुरी ने बताया कि 2 हजार डॉ. कंंग को दिए और बाकी मेरे पर्स में हैं।

 

बिना आईडी कार्ड के स्कैनिंग की... डॉ. पुरी ने बताया कि डॉ. कंग ने महिला की स्कैनिंग से पहले की है। उन्होंने कोई भी आईडी प्रूफ नहीं लिया। लिंग जांच नहीं की गई है।

 

डॉ. कंग लंच करने गए थे : सिविल सर्जन
एक तरफ डॉ. गुरमीत दुग्गल का कहना है कि डॉ. कंग अस्पताल नहीं आए वहीं, सिविल सर्जन डॉ. जसप्रीत ने बताया कि दोपहर को डॉ. कंग लंच करने भी तो जा सकते हैं। पक्के तौर पर नहीं कह सकते कि वह लिंग निर्धारण  टेस्ट कर रहे थे। अंबाला की टीम को सहयोग न करने के सवाल पर बोलीं, सहयोग किया है। पीएनडीटी टीम में डॉ. मुकेश गुप्ता, एनजीओ मेंबर पंकज मेहता, कॉर्डिनेटर पंकज बोपारिया और डॉ. गुरमीत दुग्गल मौजूद थीं।

 

भतीजे की मौत हुई गढ़दीवाल में हूं
मैं दोपहर 2 बजे अस्पताल से निकल गया था। गढ़दीवाल में 40 साल के भतीजे की मौत हो गई थी। मैंने भ्रूण जांच नहीं की।’
-डॉ. एचएस कंग, गाइनीकोलॉजिस्ट बाघा हॉस्पिटल. भोगपुर

 

डॉ. कंग को कॉल की लेकिन वह नहीं आए
डॉ. कंग को हमने कॉल की तो फोन नहीं उठाया। बाद में वह बोले कि उन्हें जरूरी काम से कहीं गए हैं और आ नहीं सकते।
-डॉ. गुरमीत कौर दुग्गल, जिला परिवार कल्याण अधिकारी

 

 

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