पंजाब / पुलिस अफसरों के तबादले पर कैप्टन ने कहा- जिन्हें मेरा फैसला पसंद नहीं, केंद्र में डेपुटेशन ले लें

captain Amrinder Singh challenged dissatisfy police officers openly
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captain Amrinder Singh challenged dissatisfy police officers openly

  • 2017 में पंजाब कैडर के अधिकारी हरप्रीत सिंह सिद्धू को छत्तीसगढ़ से बुला बनाया था एसटीएफ चीफ
  • नाराजगी के बाद शनिवार को मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को दिया दो टूक फैसला

दैनिक भास्कर

Jul 20, 2019, 06:09 PM IST

जालंधर. प्रदेश की पुलिसिंग में बीते दिनों किए गए बड़े बदलाव को लेकर जहां नाराजगी के स्वर मुखर हो रहे हैं, वहीं उन पर मुख्यमंत्री का भी पलटवार आया है। असल में गुरुवार को पंजाब पुलिस में तैनात 24 आईपीएस और 5 पीपीएस का ताबदला आदेश आया था। इनमें एक नाम हरप्रीत सिंह सिद्धू का भी है, जिन्हेें स्पेशल टास्क फोर्स में दोबारा जगह दी गई है। इसी बात से विभाग के कई अफसरान नाराज हैं, जिन पर कैप्टन अमरिंदर ने तल्ख लहजे में वार किया है, 'जिनको मेरे फैसले मंजूर नहीं हैं वे केंद्र की डिपुटेशन पर चले जाएं'।

 

 

 

 

ये है नाराजगी का मसला

2017 में सत्ता संभालने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ड्रग को खत्म करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया था। पंजाब कैडर के अधिकारी हरप्रीत सिंह सिद्धू को छत्तीसगढ़ से बुलाकर एसटीएफ का प्रमुख बनाया गया था। कुछ जरूरी बदलाव के चलते हरप्रीत की जिम्मेदारी दूसरी जगह लगा दी गई थी, लेकिन अब गुरुवार को फिर से स्थानांतरण आदेश जारी हुए तो इनके मुताबिक हरप्रीत सिंह सिद्धू को फिर से एसटीएफ चीफ बनाया गया है। 

 

इस कदम की वजह के बारे में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि नशे को राज्य से खत्म करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने इसके लिए केंद्र से राष्ट्रीय ड्रग पॉलिसी भी बनाने के लिए कहा हुआ है। पंजाब सीमावर्ती इलाका होने के कारण यहां सीमा पार से नशा तस्करी होती है। इसी बात को लेकर मीडिया में इस तरह की खबरें थी कि कुछ अधिकारी हरप्रीत सिंह सिद्धू के दोबारा एसटीएफ चीफ बनने से नाराज हैं। हालांकि मुख्यमंत्री के पास किसी भी अधिकारी ने कोई शिकायत नहीं की है।

 

कैप्टन का ओपन चैलेंज

नाराजगी के बाद शनिवार को ट्विटर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पुलिस अधिकारियों को दो टूक कहा है कि पुलिस फोर्स में किसी भी तरह की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेंगे। किस अफसर को कहां लगाना है, यह उनका (गृह विभाग संभाले हुए खुद सीएम) अधिकार क्षेत्र है। अगर किसी को उनके आदेशों पर कोई दिक्कत है तो वह अधिकारी केंद्र में डेपुटेशन पर पर जा सकता है। मुख्यमंत्री ने साथ साफ कहा कि वह अपने फैसले को नहीं बदलेंगे।

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