स्मार्ट ड्रग डिलीवरी सिस्टम के लिए केंद्र सरकार ने प्रदान किया पेटेंट

Jalandhar News - जालंधर | स्मार्ट ड्रग डिलीवरी सिस्टम के लिए केंद्र सरकार ने एलपीयू के स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसिज को पेटेंट...

Dec 04, 2019, 08:11 AM IST
जालंधर | स्मार्ट ड्रग डिलीवरी सिस्टम के लिए केंद्र सरकार ने एलपीयू के स्कूल ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसिज को पेटेंट प्रदान किया है। वर्ष 2010 में कोलन कैंसर के लिए उपयोग की जाने वाली दवाओं के प्रति किया गया यह पेटेंट अब कई अलग-अलग दवाओं तक विस्तारित किया गया है, जिनमें इंप्लेमेटरी आंत्र रोग और हेल्मिन्थिसिस आदि शामिल हैं। स्मार्ट (लक्षित) ड्रग डिलीवरी तकनीक दवा को रोगी के दूसरे अंगों की बजाए शरीर के आवश्यक हिस्सों में ही मौजूदगी बढ़ाने की अनुमति देती है।

यूनिवर्सिटी में सीनियर डीन डॉ. मोनिका गुलाटी ने कहा-‘ड्रग डिलीवरी तकनीक का अनुकूलन करने के लिए एलपीयू द्वारा लक्षित दवा वितरण प्रणाली विकसित की गई है। इस टेक्नोलॉजी के प्रति एलपीयू के फार्मास्युटिकल साइंसिज स्कूल के सात एम फार्म के विद्यार्थियों और एक पीएचडी स्कॉलर द्वारा सुधार पिछले कुछ वर्षों में किया गया है। बेहतर ओरल लक्षित दवा वितरण प्रणाली संबंधित पेटेंट प्रमाण पत्र नंबर 325490 है। इस पेटेंट से मानवता को बहुत लाभ होने वाला है। सूजन आंत्र रोग (आईबीडी) एक आम बिमारी के समान ही है। यह वह बीमारी है जिसमें पाचन तंत्र में पुरानी सोजिश होती है जैसे कि अल्सरेटिव कोलाइटिस और क्रोहन रोग आदि हैं। ‘हेल्मिंथियासिस’ परजीवी कीड़े के कारण होने वाली बीमारी है,जब लोग मिट्टी को छूने, पानी पीने या खाना खाने से ऐसे कीड़े के संपर्क में आते हैं।

ओरल नियंत्रित रिलीज दवा वितरण प्रणाली की अवधारणा अधिकतम सक्रिय सतह क्षेत्र के लिए विभिन्न दवाओं के लिए सबसे पसंदीदा और सुविधाजनक विकल्प है। आमतौर पर पारंपरिक खुराक के रूप में (गोलियों और कैप्सूल के रूप में) ब्लड स्ट्रीम और टिश्यू में दवा अवांछनीय विषाक्तता और खराब परिणाम ही लाती है। इसके बाद पीएचडी स्टूडेंट अंकित यादव, एमफार्म स्टूडेंट रुपिंदरजीत कौर, प्रुधवी राज , सौविक मोहंता, अभिनव शर्मा, हरीश राठी, मोहित बसोत्रा, दीपक घई ने सीनियर डीन डॉ. मोनिका गुलाटी और डॉ. सचिन सिंह के नेतृत्व में रिसर्च किया।

रिसर्च की जानकारी देते स्टूडेंट व अन्य।

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