पंजाब / कॉलेजों ने 3.30 लाख स्टूडेंट्स की रोकी डिग्रियां, परेशान 1.19 लाख छात्रों ने छोड़ी पढ़ाई



प्रतीकात्मक फोटो। प्रतीकात्मक फोटो।
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प्रतीकात्मक फोटो।प्रतीकात्मक फोटो।

  • सूबे में पोस्ट मैट्रिक के तहत एससी व एसटी छात्रों को बीते चार साल से नहीं मिल रही स्काॅलरशिप

Dainik Bhaskar

Oct 09, 2019, 03:18 AM IST

जालंधर. प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर पिछड़ी जाति, अनुसूचित एवं अनुसूचित जन जाति के लाखों स्टूडेट्स का भविष्य अंधकारमय हो गया है। राज्य के 1625 कॉलेजेज ने यहां पढ़ने वाले 3.30 लाख छात्रों की डिग्रियां रोक दी हैं। स्टूडेंट्स को यह डिग्रियां तभी दी जाएंगी, जब सरकार की ओर से इन छात्रों की पढ़ाई पर खर्च हुए रुपए कॉलेजेज को मुहैया करा दिए जाएंगे। छात्रों को यह पैसा पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के तहत मिलता है। बीते 4 साल से राज्यभर के इन छात्रों को स्कॉलरशिपका एक रुपया तक नहीं मिला है।
इसके चलते इनकी एजुकेशन पर अब ग्रहण लगने लगा है। पोस्ट मैट्रिक छात्रों की स्काॅलरशिप नहीं आने और डिग्रियां रोके जाने से राज्यभर में सत्र 2019- 20 में करीब 1.19 लाख स्टूडेंट्स ने परेशान होकर पढ़ाई छोड़ दी है। साल 2018-19 में 3.25 लाख एसटी व एससी के स्टूडेंट सभी काॅलेेजों में पंजीकृत रहे हैं। इस बार इनकी संख्या 2.06 लाख रह गई है।

 

स्टूडेंट्स का आरोप, सरकार ने खाते खुलवाए लेकिन पैसे जमा नहीं करवाए
स्टूडेंट्स का आरोप है कि बीते साल सरकार ने अकाउंट में स्कॉलरशिप भेजने के लिए खाते खुलवाए थे। सरकार ने दावा किया गया था कि आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी और एससी व एसटी के सभी पोस्ट मैट्रिक स्टूडेंट के खातों में स्काॅलरशिप दी जाएगी। लेकिन 6 महीने बीत जाने के बाद सरकार द्वारा न तो कोई पोर्टल ऑनलाइन किया गया और न ही खातों में स्कॉलरशिप भेजी। इसके चलते स्कूल संचालक ने सेमेस्टर की परीक्षाओं में रोल नंबर और एडमिट कार्ड देने से हाथ खड़े कर दिए हैं।

 

ये है योजना
भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से से प्रदेश सरकार को आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी एससी व एसटी स्टूडेंट को शिक्षा प्रदान करने के लिए पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप दी जाती है। इसके तहत छात्रों को उनके पाठ्यक्रम के अनुसार पूरे वर्ष का एजूकेशन शुल्क के साथ हॉस्टल आदि का शुल्क दिया जाता है। सरकार का मानना है कि इसी शुल्क से गरीब तबके के बच्चे पढ़ाई कर अपने पैरों पर खड़ी हो सके।

 

पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप का वार्षिक विवरण (प्रति स्टूडेंट)
बीए 20 हजार
एमए 15 हजार
हॉस्टल 12 हजार
नोट: प्रोफेशनल कोर्स के लिए यह स्कॉलरशिप अधिक है।

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