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क्रिकेट छाेड़ जूडाे अपनाई, इंग्लैंड में खेलेगा माेहित

2 वर्ष पहले
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बर्मिंघम यूनिवर्सिटी इंग्लैंड में इसी महीने 25 अगस्त से शुरू होने वाली ब्लाइंड जूडो कॉमनवेल्थ गेम्स में जालंधर का मोहित भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। सूबे का एकमात्र खिलाड़ी मोहित इस चैंपियनशिप में 66 किलो भारवर्ग में खेलेगा। सरकारी मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल लाडोवाली रोड में 11वीं का स्टूडेंट मोहित कुछ देख नहीं पाता। लेक्चरर फिजिकल एजुकेशन सुरिंदर कुमार के साथ प्रेक्टिस कर रहे मोहित ने बताया कि बचपन में उसकी आंख पर चचेरी भाई ने लाठी मार दी थी। इसके बाद उसे पूरी तरह दिखना बंद हो गया। तीन साल से जूडाे खेल रहे मोहित ने 3 बार नेशनल चैंपियनशिप में पंजाब का प्रतिनिधित्व किया है। जनवरी में यूपी के शहर गोरखपुर में हुई नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड माेहित ने मेडल हासिल किया। मोहित ने बताया कि वह राष्ट्रीय अंध-विद्यालय में टीचर आत्मा राम से पढ़ने के साथ क्रिकेट भी खेलता है। क्रिकेट में वह ब्लाइंड एसोसिएशन की 3 नेशनल गेम्स चुका है। गेंदबाजी में 4 बार हैट्रिक की अाैर सर्वाेच्च स्काेर 50 है। क्रिकेट में कुछ ज्यादा नहीं कर पाने पर वह निराश था। एक दिन स्कूल में कोच सुरिंदर कुमार अाए ताे उन्होंने जूडो के लिए मोटिवेट किया। माेहित अब 4 साल से जूडाे खेल रहा है।

बर्मिंघम में होने वाली ब्लाइंड जूडो गेम्स की तैयारी में जुटा मोहित।

काेच बोले- माेहित मेहनती, मिलेगी कामयाबी

मोहित का कहना है कि पहला इंटरनेशनल टूर खेलने जा रहा हूं। पूरी उम्मीद है कि देश के लिए मेडल हासिल करूंगा। मोहित के पिता रमेश कुमार बिजली रिपेयर का काम करते हैं। मां शारदा रानी हाउस वाइफ हैं। कोच सुरिंदर कुमार ने बताया कि मोहित काफी मेहनती है। दिमाग तेज होने के जूडो की कई बारीकियों को जल्दी सीख लिया है। इंग्लैंड में होने वाली जूडो चैंपियनशिप में मोहित देश का नाम रोशन करेगा।

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