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बैकफुट / ईडी के डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह ने वीआरएस का फैसला बदला, रद्द करने के लिए भेजी मेल



ED Deputy Director Niranjan Singh withdraws his VRS after 6 Days
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ED Deputy Director Niranjan Singh withdraws his VRS after 6 Days
  • हाईकोर्ट में बयान दिया था, \'विभाग के आला अधिकारी देते हैं मुअत्तल करने की धमकी\'
  • 6 दिन पहले ईडी दफ्तर के प्रमुख गिरीश बाली को सौंपा था डिप्टी डायरेक्टर ने वीआरएस संबंधी पत्र

Dainik Bhaskar

Oct 11, 2018, 06:53 PM IST

जालंधर। पंजाब के बहुचर्चित भोला ड्रग रैकेट मामले में पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से पूछताछ करने वाले एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट के डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का फैसला बदल लिया है। गुरुवार को उन्होंने जालंधर स्थित विभाग के जोनल ऑफिस में ई-मेल भेज उनके द्वारा पहले किए गए कम्युनिकेशन को रद्द करने की बात कही है। वैसे भी सामान्य तौर पर अभी उनकी सर्विस के तीन साल बाकी हैं।

 

कोलकाता हो गया था तबादला: निरंजन सिंह वही अफसर हैं, जिन्होंने भोला ड्रग रैकेट मामले में पंजाब के पूर्व मंत्री और अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया से पूछताछ की थी। निरंजन सिंह ने दो सप्ताह पहले मोहाली की अदालत में कहा था कि मजीठिया ने पूछताछ के दौरान पूरा सहयोग नहीं दिया था। साल 2015 की शुरुआत में ड्रग्स केस में मजीठिया की जांच के दौरान निरंजन सिंह का तबादला जालंधर से कोलकाता कर दिया गया था। उनके तबादले का मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंचने पर अदालत ने उनके तबादले पर रोक लगा दी थी। साथ ही ड्रग्स केस के जांच अधिकारी के तौर पर भी उन्हें बरकरार रखने के आदेश दिए गए थे। साल 2016 में निरंजन सिंह एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट के डिप्टी डायरेक्टर पदोन्नत हुए थे। दूसरी ओर निरंजन सिंह का कार्यकाल अभी तीन साल बाकी है।

 

तीन महीने में लेना था विभाग को फैसला: दरअसल हाल ही में 6 दिन पहले यानि 5 अक्टूबर को एन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट के डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह ने स्वैच्छिक रूप से पद छोड़ने का फैसला किया था। निरंजन सिंह ने इस फैसले का कारण व्यक्तिगत बताया था, लेकिन सूत्रों की मानें तो वह विभाग की कारगुजारी से नाराज चल रहे थे। साथ ही यह बात भी ध्यान देने वाली है कि काफी वक्त पहले उन्होंने हाईकोर्ट में विभाग के आला अधिकारियों द्वारा उन्हें मुअत्तल करने की धमकी दिए जाने का बयान भी दिया था। उन्होंने ईडी दफ्तर के प्रमुख गिरीश बाली को सौंपे पत्र में लिखा था कि वह निजी कारणों के चलते पद छोड़ रहे हैं। विभाग को तीन महीने के भीतर इस संवाद पर मंजूरी या नामंजूरी का फैसला करना था, लेकिन इसी बीच गुरुवार को निरंजन ने अपना फैसला बदल लिया।

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