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जो पनीर हम-आप आंख बंद कर मार्केट से खरीदते हैं, जरा जान लीजिए आखिर वो बनता कैसे है..., WHO ने चेताया- नहीं रुकी मिलावटखोरी तो 2025 तक भारत के 87% नागरिक कैंसर से पीड़ित होंगे

मिलावट के 4 तरीके: तेल, यूरिया, कास्टिक सोडा, चीनी और सपरेटा दूध।

Dainik Bhaskar

Nov 29, 2018, 12:40 PM IST
Fake Paneer in Punjab Market

पंजाब के खानपान के शौक को मिलावट माफिया ने बनाया मोटी कमाई का जरिया, भास्कर ने मिल्क प्रोडक्शन का एनालिसिस किया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए... यहां रोज 360 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है, खपत 680 लाख लीटर, 320 लाख लीटर मिलावटी। 220 लाख लीटर मिलावटी दूध से पनीर बनाया जा रहा...।

जालंधर. पंजाब में पनीर अब 'शाही' नहीं रहा है। ब्रेकफास्ट से लेकर डिनर तक समोसे से लेकर पावभाजी, नॉन और नूडल तक में पनीर का भरपूर इस्तेमाल होता है। खानपान के इस शौक को मिलावट माफिया ने मोटी कमाई का जरिया बना लिया है। भास्कर ने प्रदेश में पनीर की खपत और प्रोडक्शन का एनालिसिस किया तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। देश में प्रति व्यक्ति दूध उपलब्धता (1035 एमएल) में नंबर वन पंजाब मिलावटखोरी का हब बन चुका है। यहां प्रतिदिन 360 लाख लीटर स्टैंडर्ड दूध का उत्पादन होता है। जबकि प्रदेश में खपत 680 लाख लीटर दूध की हो रही है। यानी 320 लाख लीटर दूध मिलावटी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भारत सरकार को चेताया है कि अगर दूध और दुग्ध उत्पादों की मिलावट को तुरंत नहीं रोका गया तो 2025 तक भारत के 87% नागरिक कैंसर से पीड़ित होंगे।

मिलावट के 4 तरीके: तेल, यूरिया, कास्टिक सोडा, चीनी और सपरेटा दूध


1. दूध बनाने के लिए तेल, यूरिया, कास्टिक सोडा, नमक, पानी और चीनी को मिलाया जाता है।
2. सूरजमुखी तेल, खाद्य तेल, सपरेटा दूध, यूरिया, नमक, पानी और चीनी को मिलाया जाता है।
3. कैस्टर आयल, सपरेटा, दूध, यूरिया।
4. तैयार पेस्ट में पानी और सपरेटा दूध मिलाया जाता है। इन्हीं चार तरीकों से दूध, पनीर, खोया तैयार होता है।

3 तरीकों से करें नकली पनीर की पहचान

1. पनीर का टुकड़ा हाथ में मसलकर देखें। अगर यह टूटकर बिखरे तो समझ लीजिए मिलावटी है क्योंकि इसमें मौजूद 'स्किम्ड मिल्ड पाउडर' दबाव नहीं सह पाता।
2.पनीर को पानी में उबाल ठंडा कर लें। ठंडा हो जाए तो उस पर कुछ बूंदें आयोडीन टिंचर की डालें। अगर पनीर का रंग नीला पड़ जाए तो समझ लीजिए कि यह मिलावटी है।
3.नकली पनीर ज्यादा टाइट होता है। उसका टैक्सचर रबड़ की तरह होता है।

समझिए पनीर बनाने का मैकेनिज्म...


मिलावटी पनीर : 20 रुपए लीटर दूध का घोल, बनाने में Rs.100/ kg खर्च


जितना पनीर बनाना है उससे 25% सपरेटा दूध लिया जाता है। फिर सोडियम बाइकार्बोनेट और पाम ऑयल मिलाया जाता है। पाम ऑयल दूध में फैट को पूरा करता है। कई सपरेटा की जगह स्किम्ड मिल्क भी मिलाते हैं। यह घोल 20-25 रु प्रतिलीटर में बनता है। इससे 1 किलो पनीर 100 रु में तैयार होता है जो होलसेल में 150-170 रु में बिकता है।

स्टैंडर्ड पनीर : 50 रुपए लीटर दूध, बनाने में Rs.300/kg तक का खर्च


पंजाब के सहकारी दुग्ध संस्थान वेरका के जनरल मैनेजर असित शर्मा बताते हैं कि एक किलो स्टैंडर्ड पनीर बनाने के लिए 5 लीटर दूध की जरूरत पड़ती है। 1 लीटर दूध 50 रुपए में आता है। एक किलो पनीर के लिए 250 रुपए का तो दूध ही लगता है। फिर प्रोसेसिंग एंड प्रोडक्शन का चार्ज। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि 150 रुपए किलो वाला पनीर कैसे बिक रहा होगा?

स्टैंडर्ड पनीर 4.5% फैट का, बाजार में 2% से नीचे बिक रहा
एफएसएसएआई के मुताबिक- स्टैंडर्ड दूध में कम से कम 4.5% फैट और 8.5% एसएनएफ (सॉलिड नॉट फैट) यानी प्रोटीन, लेक्टोज, मिनरल और विटामिन होना चाहिए। मानक से नीचे तैयार किए जाने वाले प्रोडक्ट सब स्टैंडर्ड और जो सेहत के लिए घातक हो उन्हें अनसेफ कहते हैं। बाजार में 2% फैट वाला पनीर बिक रहा है। एक किलो स्टैंडर्ड पनीर बनाने के लिए 5 लीटर दूध चाहिए। एक लीटर दूध 45-से 50 रुपए में आता है। बिना मिलावट के 150 रुपए किलो वाला पनीर संभव ही नहीं। सूबे में दुधारू पशु की संख्या घट रही है। मिलावटखोर इसका फायदा उठा रहे हैं। सरकार को कड़े कानून बनाने चाहिए और लोगों को भी जागरूक होना चाहिए।

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