ऑनलाइन साइट ने बेचा दो साल पुराना सेट बेचा, कंज्यूमर फोरम ने एप्पल कंपनी को लगाया जुर्माना

3 वर्ष पहले
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जालंधर। ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से कई बार कंपनियां ग्राहकों को धोखे में रख कर नकली और गलत चीजें डिलिवर कर देती हैं। ऐसा ही एक केस जालंधर के कुंदन सिंह के साथ हुआ। पता चला कि उसे बेचा गया फोन 2 साल पुराना है। अब इस मामले में कंज्यूमर फोरम ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग कंपनी एप्पल को जुर्माने का फैसला सुनाया है।

 

डीएलएफ में नौकरी करने वाले कुंदन सिंह जालंधर में रहते हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने करीब डेढ़ साल पहले ऑनलाइन शॉपिंग साइट ई-बे से 20100 की कीमत का एप्पल आईफोन 5एस 32 जीबी गोल्ड खरीदा था। कुछ दिनों के बाद मोबाइल में प्रोब्लम होने लगी। कुंदन सिंह ने मोबाइल को एप्पल के सर्विस सेंटर में दिखाया तो उन्होंने आईएमईआई नंबर के माध्यम से जांच के बाद बताया कि इस मोबाइल से पहले ही छेड़खानी की जा चुकी है और मोबाइल दो साल पुराना है। कुंदन सिंह को लगा कि ई-बे कंपनी ने उनके साथ धोखा किया तो उन्होंने कंज्यूमर कोर्ट का रास्ता अपनाया।

 

एडवोकेट अरविंद शारदा ने एप्पल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ ई-बे इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सहित कुल चार कंपनियों के खिलाफ कंज्यूमर फोरम में केस दायर किया। कंज्यूमर फोरम में अपना पक्ष रखते हुए एप्पल कंपनी ने कहा कि यह मोबाइल फाेन नकली है और इसी कारण उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। फोरम में अपनी दलील पेश करते हुए एडवोकेट अरविंद शारदा ने कहा कि फोन खराब है, लेकिन करीब एक साल से कंप्लेंट चल रही है। ई-बे प्राइवेट लिमिटेड एप्पल कंपनी का खुलेआम मिसयूज कर रही है और इन्होंने कंपनी के खिलाफ शिकायत तक दर्ज नहीं करवाई।

 

इसके बाद कोर्ट ने एप्पल कंपनी को 21100 रुपए रिफंड करने के साथ 10000 रुपए शिकायतकर्ता को हर्जाने के साथ 5 हजार रुपए लिटिगेशन चार्ज को देने का फैसला सुनाया है। अगर कंपनी की तरफ से कुंदन सिंह को एक महीने के अंदर यह पैसे नहीं दिए गए तो शिकायतकर्ता 12 फीसदी जुर्माने के साथ पैसे लेने का हकदार होगा।

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