पंजाब / 1.63 करोड़ रुपए के घालमेल के मामले में जनरल सहायक डॉ. अनुप्रीत कौर सस्पेंड



विवाद में घिरीं पीसीएस अधिकरी अनुप्रीत कौर। विवाद में घिरीं पीसीएस अधिकरी अनुप्रीत कौर।
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विवाद में घिरीं पीसीएस अधिकरी अनुप्रीत कौर।विवाद में घिरीं पीसीएस अधिकरी अनुप्रीत कौर।

  • राजस्थान-जम्मू कश्मीर नेशनल हाईवे के निर्माण के वक्त भूमिहीन लोगों को अधिग्रहण का लाभ दिलवाने का आरोप
  • पट्टी में 5 सितंबर को किया गया था केस दर्ज, डीसी प्रदीप सभ्रवाल की रिपोर्ट पर की सरकार ने कार्रवाई

Dainik Bhaskar

Sep 13, 2019, 03:28 PM IST

जालंधर. जालंधर में तैनात जनरल सहायक डॉ. अनुप्रीत कौर को 1 करोड़ 63 लाख 975 रुपए का गबन के मामले में सस्पेंड कर दिया गया है। इस मामले में आरोपी चार लोगों के खिलाफ अभी जांच जारी है। आरोप है कि राजस्थान-जम्मू कश्मीर नेशनल हाईवे के निर्माण के वक्त सरकार द्वारा भूमि अधिग्रहण के दौरान तत्कालीन तरनतारन की एसडीएम डॉ. अनुप्रीत कौर ने उन लोगों को लाभ पहुंचाया, जिनके पास जमीन नहीं थी।

 

मिली जानकारी के अनुसार पट्टी के मौजूदा एसडीएम नवराज सिंह बराड़ ने डीसी प्रदीप सभ्रवाल को 5 सितंबर 2018 को इस गबन के संबंध में शिकायत दी थी। आरोप है कि 9 जनवरी 2018 से 11 फरवरी 2019 बीच जमीन अधिग्रहण के एवज में सरकार की ओर से जारी 1 करोड़ 63 लाख की राशि 5 अपात्र लोगों के खातों में ट्रांसफर कर दी गई। इन लोगों के नाम जसबीर कौर निवासी मानांवाला अमृतसर, राजविंदर कौर निवासी फताहपुर अलगो महमूदपुरा तरनतारन, सरताज सिंह निवासी कोट दसौंधी मल्ल, बिक्रमजीत सिंह निवासी होशियार नगर अमृतसर और गुरजीत कौर निवासी कोट दसौंधी मल्ल हैं। बराड़ की जांच के आधार पर हाल ही में 5 सितंबर 2019 को थाना सिटी पट्‌टी में मुकदमा नंबर 47 जुर्म 419, 420, 409, 120बी आईपीसी के तहत दर्ज हुआ।

 

एफआईआर के लिखा है कि माल विभाग रिकॉर्ड के मुताबिक केस में नामजद अपात्र 5 लोगों की जमीन नेशनल हाईवे-54 के लिए एक्वायर नहीं की गई। न ही माल विभाग में इनका कोई रिकार्ड है। केंद्र सरकार की ओर से 5 जुलाई 2013 के पब्लिश गजट ऑफ इंडिया में सब डिवीजन पट्टी के आते 6 गांवों, ततला, हरिके, नत्थूपुर, बूह, मरहाना, जौनेके, में नेशनल हाईवे 54 के लिए जमीन एक्वायर करने का नोटिफिकेशन जारी किया गया था। जांच में पर पाया गया कि इन पांच व्यक्तियों के नाम नोटिफिकेशन में शामिल नहीं हैं। इसी के आधार पर बैंक खातों की जांच की गई। इसमें पाया कि तत्कालीन एसडीएम पट्टी अनुप्रीत कौर के हस्ताक्षरों के बाद राशि जारी की गई थी। यह एक गंभीर मामला है। सरकारी पैसे का गबन है, क्योंकि बिना माल विभाग के रिकार्ड के तसदीक किए नेशनल हाईवे-54 के लिए प्राप्त हुई रकम गलत व्यक्तियों के खाते में डाल कर सरकारी पैसे का गबन किया गया है।

 

इसके बाद डीसी प्रदीप सभ्रवाल की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया, जिसमें एडीसी (जनरल) संदीप ऋषि, एसडीएम खडूर साहिब कुलप्रीत सिंह, एसडीएम नवराज सिंह बराड़ शामिल थे। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर डीसी प्रदीप सभ्रवाल ने राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट भेजी। इसके बाद चीफ सचिव पंजाब करण अवतार सिंह ने फौरी कार्रवाई करते हुए डॉ. अनुप्रीत कौर को सस्पेंड करने के आदेश देते हुए उनको हेड क्वार्टर चंडीगढ़ में हाजिर होने के आदेश जारी किए। कार्य पर उस समय सवाल उठाए गए थे, किंतु बावजूद इसके शिअद नेता डा. अनुप्रीत कौर पर मेहरबान रहे।

 

किसके खाते में कितने पैसे ट्रांसफर

  • जसबीर कौर निवासी मानांवाला जंडियाला गुरु, अमृतसर को एसडीएम के खाते से दो चेकों के जरिए 40 लाख 63 हजार 320 रुपए दिए गए।
  • राजविंदर कौर निवासी फतेहपुर अलगो कोठी महमूदपुरा तरनतारन को एक चेक से 42,23,121 रुपए में भेजे गए।
  • सरताज सिंह निवासी कोट दसौंधी मल्ल तरनतारन दो चेकों के जरिए 15.63 लाख और 3.25 लाख रुपए दिए गए।
  • बिक्रमजीत सिंह निवासी होशियार नगर अमृतसर चार चेकों के जरिए 10.82 लाख, 2.63 लाख, 18.35 लाख और 7.93 लाख रुपए दिए गए।
  • गुरमीत कौर निवासी कोट दसौंधी मल्ल तरनतारन को दो चेकों के जरिए 21.83 लाख और 58 हजार रुपए दिए गए।

 

 

डेढ़ घंटा लुका-छिपी खेलती रही अनुप्रीत

हालांकि पीसीएस अधिकारी डॉ. अनुप्रीत कौर मीडिया से बचने लिए डेढ़ घटे तक लुका-छिपा का खेल खेलती रही। आखिर गुरुवार दोपहर 1 बजे जांच कमेटी के समक्ष पेश हुई। डॉ. अनुप्रीत कौर को कमेटी ने पौने तीन बजे फारिग कर दिया। राज्य सरकार द्वारा डा. अनुप्रीत कौर को सस्पेंड करने के बाद उनकी गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। तरनतारन के एसएसपी ध्रुव दहिया का कहना है कि मामले से जुड़े सभी आरोपियों की गिरफ्तारी लिए कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि गबन के बड़े मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी जरूरी है, इसमें किसी का भी लिहाज नहीं होगा।

 

पति पर भी कभी दहेज प्रताड़ना तो कभी पाकिस्तान से ताल्लुक होने के आरोप लगाए

डॉ. अनुप्रीत कौर की तरफ से भी अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी बचित्तर सिंह पर कई बार आरोप लगाए गए। 2015 में अनुप्रीत ने पति पर दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था तो 2017 में नशे का आदी बताते हुए कहा कि हेरोइन तस्करी के मामले की पुलिस जांच में ढिल्लों के पाकिस्तान के तस्करों से संबंधों का पता चला था। उधर, एसडीएम के पति व कबड्डी खिलाड़ी बचित्तर सिंह ढिल्लों ने कहा था कि मुझे झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजा गया है। अनुप्रीत ने पद का दुरुपयोग कर मुझे बदनाम किया। मैं न तो नशा करता हूं और न ही कभी लालबत्ती गाड़ी का प्रयोग किया है। एक मामले में बचित्तर सिंह को ढाई साल की सजा भी हो चुकी है।

 

 

 

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