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5वीं पास पति और 10वीं पास पत्नी ने लोगों से ठगे 50 लाख, खुद की बूढ़ी मां और बहन तक को नहीं छोड़ा

लोगों को देते थे ऐसी लालच कि वो पैसे देने को हो जाते थे मजबूर, बोलते थे सरकार ने लगाई है हमारी ड्यूटी।

Danik Bhaskar | Sep 12, 2018, 04:18 PM IST

पटियाला (पंजाब)। चेन सिस्टम पर चलने वाली कंपनीज की तर्ज पर सरहिंद रोड स्थित कालवां गांव का दंपति प्रधानमंत्री के नाम से चल रही सरकारी स्कीमों के नाम पर 15 गांवों के 285 लोगों से 50 लाख रुपए ठग कर रफूचक्कर हो गया। ठगी का यह कारोबार दंपति डेढ़ साल से चला रहा था। इन्होंने अपनी मां तक को नहीं बख्शा। उल्टा मां के जरिए 10 अन्य लोगों को ठग लिया। जब तक लोगों के मन में शक पैदा हुआ दंपति 8 साल की बेटी को लेकर भाग गया। सैंकड़ों लोगों को ठगने वाला जतिंदर सिंह 5वीं पास जबकि उसकी पत्नी गुरमीत 10वीं पास है। 15 गांवों के लोगों ने इकट्ठा होकर उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया।

बंद लिफाफे में दिया जाता था फर्जी चैक

नोटरी से अटेस्टेड करवाकर फर्जी चैक बंद लिफाफे में दिया जाता था अौर कहा जाता था कि यह लिफाफा तभी खोलना जब वह कहेंगे। जब कुछ लोगों ने बंद लिफाफा खोलकर देखा तो उसमें फर्जी चैक था। पीड़ित लोगों ने जब अारोपी दंपति को फोन करने शुरू किए तो दोनों घर छोड़ कर फरार हो चुके थे। 14 वर्षीय दिव्यांग हरमन की पेंशन के लिए 10 हजार ठगे।

मां, भाई-बहन, ताया- चाचा सबको ठगा

अारोपी दंपति ने खुद के परिवार को भी नहीं बख्शा। ताया-चाचा के परिवार के अलावा मां, भाई-बहनों के परिवार को भी ठगी का शिकार बनाया। अारोपी जतिंदर ने अपने साले के साले को भी रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 2 लाख रु. ठगे।

रेलवे अौर राजिंदरा अस्पताल में भर्ती के नाम पर भी ठगी

अारोपी दंपति ने रेलवे अौर राजिंदरा अस्पताल में नौकरी दिलाने के नाम पर भी ठगी की। तरनतारन के हरपाल सिंह को रेलवे में नौकरी का झांसा देकर 51 हजार रुपए लिए। इसी तरह राजिंदरा अस्पताल में ड्राइवर की पोस्ट के लिए फैजगढ़ के खिंदर सिंह को ठगी का शिकार बनाया। खिंदर को तो बाकायदा राजिंदरा अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के नाम का फर्जी नियुक्ति पत्र भी सौंप दिया था।