सोर्स स्पोर्शमेंट स्टडी / पंजाब की आबोहवा को जहरीला करने वाले कारणों का पता लगाएगी अब आईआईटी दिल्ली की टीम



IIT Delhi will find out reasons for poisoning climate of Punjab
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IIT Delhi will find out reasons for poisoning climate of Punjab

  • जुलाई से अक्टूबर तक चलेगी, 31 मार्च 2020 को साैंपेगी रिपाेर्ट, खर्च 30 लाख
  • पहले फेज में पटियाला, जालंधर,  गाेबिंदगढ़, डेराबाबा नानक, नंगल, खन्ना की हाेगी स्टडी

Dainik Bhaskar

Jun 10, 2019, 07:42 AM IST

पटियाला. पंजाब में बढ़ते वायु प्रदूषण की सही वजह तलाशने को लेकर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) और आईआईटी दिल्ली के बीच करार हुआ है। आईआईटी की टीम स्टडी करेगी। स्टडी जुलाई से शुरू हाेगी और अक्टूबर तक पूरी हो जाएगी। जिसकी रिपाेर्ट आईआईटी दिल्ली 31 मार्च 2020 को साैंपेगी।

 

दिल्ली की तर्ज पर कराई जा रही सोर्स स्पोर्शमेंट स्टडी पहले फेज में सूबे 7 जिलाें में स्डटी करेगी, इनमें पटियाला, जालंधर, मंडी गाेबिंदगढ़, डेराबाबा नानक, नंगल, डेराबस्सी व खन्ना का नाम शामिल है। यह स्टडी कराने पर 30 लाख रुपये का खर्च अाएगा अाैर प्राेजेक्ट की शुरुअात जालंधर से हाेगी। अाईअाईटी के इंजीनियर गर्मी और बारिश में वायु प्रदूषण के आंकड़े एकत्र कर उनका रिपाेर्ट तैयार करेंगे। उसकी चार टीमें शहर में जुटेंगी।

 

अब तक नहीं चलता था प्रदूषण बढ़ने का कारण... पंजाब में वायु प्रदूषण तो सामने आता रहा है। लेकिन उसके कारणों की पहचान नहीं हो सकी है। पंजाब में गैस व बिजली आधारित उद्योगों के चलते उद्यमी प्रदूषण से इन्कार करते रहे हैं। वायु प्रदूषण के कारणों की जांच को आईआईटी, कानपुर से  सीपीसीबी और  पीपीसीबी अध्ययन करा रहे हैं। पीपीसीबी के परिवेश में शॉर्ट टर्म करेक्टराइजेशन स्टडी करा रहा है। जिसमें तीन से चार माह का समय लग सकता है।

 

आईआईटी ऐसे करेगी स्टडी... शहर काे दाे-दाे किलाेमीटर के ग्रिड में बांट दिया जाएगा। अलग-अलग स्थानाें पर पाॅल्यूशन जांचने के लिए विशेष एक्यूपमेंट इंस्टाॅल करके माॅनिटरिंग की जाएगी। इससे पता लग सकेगा कि कहां पर क्या स्थिति काैन से माैसम में रहेगी। एमवे वेयर क्वाॅलिटी निकालते हैं। स्टडी में पता चलेगा कि काैन-काैन से साेर्स हैं, जिन्हें कंट्राेल करना हैं। उदाहरण के ताैर पर वाहनाें से कितना प्रदूषण फैला रहे हैं। राेड के किनारे ढाबाें से कितना, इंडस्ट्री से कितना और अन्य साेर्स से कितना प्रदूषण फैल रहा है।  

 

लुधियाना की रिपोर्ट आनी बाकी... 'लुधियाना की स्टडी प्रदूषण की मॉनीटरिंग का काम पंजाब स्टेट काउंसिल ऑफ साइंड टेक्नाेलाॅजी द्वारा लगभग कर चुकी हैं। विश्लेषण के बाद ही पता चलेगा कि यहां की हवा में कौन से प्रदूषक तत्व घुले हुए हैं। लुधियाना की रिपाेर्ट केवल आना बाकी है, फाइनल स्टडी चल रही है।’ - करूनेश गर्ग, मेंबर सेक्रेटरी, पीपीसीबी

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