पाकिस्तान के झंडे लगाने की गलतफहमी पर बवाल, पहले उतरवाए तो फिर खुद लगाए पुलिस ने

3 वर्ष पहले
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जालंधर में टायरों को आग लगाकर रोष जताते मुस्लिम समुदाय के लोग। - Dainik Bhaskar
जालंधर में टायरों को आग लगाकर रोष जताते मुस्लिम समुदाय के लोग।
  • पाकिस्तान के झंडे लगे होने की सूचना पर पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे थे शिवसेना नेता इशांत शर्मा
  • 10 नवंबर को पैगम्बर हजरत मोहम्मद का जन्मदिन मनाए जाने को लेकर मोहल्ले को झंडों से सजाया था मुस्लिम समुदाय के लोगों ने
  • गरीब नवाज फाउंडेशन के पंजाब प्रधान मोहम्मद अकबर अली बोले-पाकिस्तान के नेशनल फ्लैग जैसा निशान बना होने के कारण लग रहा ऐसा

जालंधर. जालंधर में सोमवार को उस वक्त माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब यहां कुछ घरों पर पाकिस्तान के झंडे फहराए जाने के सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने हिंदू नेताओं की मौजूदगी में इन झंडों को उतरवा दिया। पहले तो कोई ऐतराज नहीं होने की बात कह इस्लाम समुदाय के लोगों ने खुद ही ये झंडे उतार दिए, मगर बाद में धरने पर बैठ गए। समुदाय के लोगों का कहना था कि यह पाकिस्तान का नहीं, बल्कि इस्लामिक धार्मिक झंडा है। रोष के बाद आखिर पुलिस को गलतफहमी का अंदाजा हुआ और फिर पुलिस ने खुद इलाके में झंडों को लगवाया तब कहीं जाकर माहौल शांत हो पाया।
 
मामला विजय नगर स्थित 66 फीट रोड वाइट डायमंड पैलेस के सामने लगती गली का है। दरअसल, 10 नवंबर को पैगम्बर हजरत मोहम्मद का जन्मदिन मनाया जाना है। इसी को लेकर यहां मुस्लिम समुदाय के लोगों ने मोहल्ले को झंडों से सजाया था। पाकिस्तान के झंडे लगे होने की सूचना पर शिवसेना नेता इशांत शर्मा थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस को लेकर मौके पर पहुंचे और घरों की छतों पर लगे हुए ये झंडे उतरवा दिए। बाद में मुसलमान समुदाय के लोगाें ने प्रशासन के खिलाफ टायर फूंक प्रदर्शन कर हिंदू नेता के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
 
मुसलमान समुदाय के लोगों का कहना है कि यह पाकिस्तान के झंडे नहीं हैं। गरीब नवाज फाउंडेशन के पंजाब प्रधान मोहम्मद अकबर अली और अन्य की मानें तो पैगम्बर हजरत मोहम्मद के जन्मदिन के चलते झंडे लगाए गए हैं, लेकिन झंडों पर पाकिस्तान के नेशनल फ्लैग का निशान बना होने के कारण दूर से ही वह पाकिस्तानी झंडा ही प्रतीत हो रहा है। वहीं शिवसेना नेता ईशांत शर्मा ने कहा कि भारत में रहते हुए देश विरोधी गतिविधियां करने वाले इन लोगों पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया जाए।
 
इशांत शर्मा ने कहा कि बचपन से वह पंजाब में रह रहे हैं, लेकिन आज तक उन्होंने मुसलमान समुदाय का ऐसा कोई पर्व नहीं देखा, जिसमें इस तरह के झंडे लगाए गए हों। यह जान-बूझकर किया गया है। मुसलमान समुदाय ने पाकिस्तान के झंडे ही अपने घरों की छतों पर लगाए हुए थे, लेकिन अब मामला दर्ज होने के डर के कारण व प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उधर, दिनभर की खींचतान के बीच आखिर मामला तब ठंडा हुआ, जब पुलिस ने फिर से इन झंडों को लगवा दिया।
 
 
 

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