पंजाब / खुफ‍िया एजेंसियों का अलर्ट, करतारपुर कॉर‍िडोर का आतंकी गतिविधियों में हो सकता है इस्‍तेमाल



पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुघर। पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुघर।
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पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुघर।पाकिस्तान के करतारपुर स्थित गुरुघर।

  • एक दिन पहले ही खुले रास्ते को लेकर समाचार एजेंसी ने किया खुफिया एजेंसियों के हवाले से खुलासा
  • लिखा-पाकिस्तान में अमेरिका, इंग्लैंड और कनाडा जैसे कई देशों से पहुंचे अलगाववादियों और खालिस्तानी तत्वों की मौजूदगी और भारत से जाने वाले श्रद्धालुओं की संभावित मुलाकात चिंता का विषय

Dainik Bhaskar

Nov 10, 2019, 07:55 PM IST

जालंधर. गुरदासपुर के डेरा बाबा नानक से पाकिस्तान के करतारपुर तक स्पेशल कॉरिडोर खुलने से सिख संगत की 7 दशक से ज्यादा पुरानी अरदास पूरी हो गई। धार्मिक पहलू अपनी जगह है, लेकिन इसके खुलने का एक नुकसान भी हो सकता है। दरअसल भारतीय खुफ‍िया एजेंसियों ने सचेत किया है कि पाकिस्‍तान में मौजूद खालिस्‍तानी तत्‍व इस गलियारे का दुरुपयोग भारत में अलगाववाद भड़काने में कर सकते हैं।

 

समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट में कहा गया है कि मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्‍छेद 370 खत्‍म किए जाने के बाद पाकिस्‍तान में मौजूद आतंकी संगठनों में भारी बेचैनी है। पाकिस्‍तान के आतंकी संगठन भारत को अस्थिर करना चाहते हैं। इसके लिए वो भारत में हथियारों की तस्‍करी कर रहे हैं। वो चीनी ड्रोन की मदद भी ले रहे हैं। भारतीय खुफ‍िया एजेंसियों ने इसे लेकर भी चिंता जताई है। एजेंसियों ने चेताया है कि अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा जैसे दूसरे देशों में मौजूद खालिस्‍तानी एलिमेंट और सिख फॉर जस्टिस यानि एसएफजे जैसे संगठन पाकिस्‍तान पहुंचकर अलगाववाद को हवा दे सकते हैं।

दरअसल, पाकिस्‍तानी में बैठे हैंडलर एसएफजे के जरिए पंजाब के स्‍थानीय आतंकियों को आर्थिक और सैन्‍य मदद पहुंचाते हैं। वैसे भारत इस बारे में चिंता जता चुका है कि पाकिस्‍तान अपने यहां मौजूद गुरुद्वारों का इस्‍तेमाल खालिस्‍तानी संदेशों को फैलाने में कर रहे हैं। एसएफजे का प्रमुख अवतार सिंह पन्नुन और गुरपतवंत सिंह पन्नुन भारत से अलग खालिस्‍तानी राज्‍य की वकालत करते रहे हैं। यही कारण है कि भारत खालिस्तान लिबरेशन फोर्स, बब्बर खालसा इंटरनेशनल, खालिस्तान कमांडो फोर्स, खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन जैसे प्रतिबंधित संगठनों को पुनर्जीवित करने के पाक के प्रयासों से चिंतित है।

 

हाफ‍िज सईद का सहयोगी गोपाल सिंह चावला को करतारपुर साहिब कॉरिडोर की प्रबंधन समिति का सदस्य बनाए जाने के बाद भारत ने आपत्ति जताई थी। पाकिस्‍तान का यह कदम भी उसके मंसूबों की ओर इशारा करता है।

 

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