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एसजीएल जन सेवा केंद्र में समागम

स्वामी जी ने कहा कि हमें मिलकर एेसे पर्व श्रद्धा भावना से मनाने चाहिए। जालंधर|साहिबे कमाल, अमृत के दाते श्री गुरु...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 03:25 AM IST
स्वामी जी ने कहा कि हमें मिलकर एेसे पर्व श्रद्धा भावना से मनाने चाहिए।

जालंधर|साहिबे कमाल, अमृत के दाते श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज की ओर से सजाया खालसा पंथ 17वीं सदी का एक अलौकिक कारनामा था, जब उन्होंने दबे कुचले हुए लोगों में से 5 प्रतिनिधि चुनकर उनको पांच प्यारों के रूप में सम्मान दिया और उनको अमृत की दात बख्श कर उनमें एक नई आत्मा का संचार कर गिदड़ों से शेर बना दिया। यह विचार एसजीएल जन सेवा केंद्र द फाउंडर चेयरमैन स्वामी कश्मीरा सिंह ने गांव सेमी में संस्था के केंद्र में डाले गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के भोग के बाद आए हुक्मनामा साहिब की कथा करते हुए प्रकट किए। उन्होंने कहा कि गुरु जी ने सभी को एक बाटे से अमृत की दात देकर ऊंच-नीच और जात-पात का भेद मिटा दिया । इस मौके स्वामी जी ने बैसाख महीने की कथा की। गुरु का अटूट लंगर भी बांटा गया।