• Hindi News
  • Punjab
  • Jalandhar
  • 5 अफसरों पर 10 हजार फैक्ट्रियों, 350 अस्पतालों, निगम और 2.90 लाख हेक्टेयर लैंड का पॉल्यूशन रोकने की जिम्मेदारी
--Advertisement--

5 अफसरों पर 10 हजार फैक्ट्रियों, 350 अस्पतालों, निगम और 2.90 लाख हेक्टेयर लैंड का पॉल्यूशन रोकने की जिम्मेदारी

Dainik Bhaskar

Apr 17, 2018, 03:25 AM IST

Jalandhar News - गेहूं की नाड़ जलने के मामले आने शुरू हो गए हैं लेकिन अभी तक पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और जिला प्रशासन ने आगजनी की...

5 अफसरों पर 10 हजार फैक्ट्रियों, 350 अस्पतालों, निगम और 2.90 लाख हेक्टेयर लैंड का पॉल्यूशन रोकने की जिम्मेदारी
गेहूं की नाड़ जलने के मामले आने शुरू हो गए हैं लेकिन अभी तक पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड और जिला प्रशासन ने आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए टीमों का गठन भी नहीं किया है। बोर्ड के पास पर्याप्त कर्मचारी भी नहीं हैं। जालंधर रीजनल ऑफिस में बोर्ड की टीम में मात्र एक एक्सईएन, 4 एसडीओ और 1 जेई हैं। न कोई इंस्पेक्टर और न ही कोई सुपरवाइजर। यह टीम जालंधर के अलावा कपूरथला की निगरानी भी करती है।

जिले के मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. बलविंदर सिंह छीना के मुताबिक अकेले जालंधर जिले में ही 1.79 हेक्टेयर जमीन पर गेहूं की खेती होती है। जबकि कपूरथला में यह क्षेत्र लगभग 1.11 लाख हेक्टेयर है। कुल 2.90 लाख हैक्टेयर एरिया जालंधर रीजनल आॅफिस की सीमा में आता है। जिले में लगभग 10 हजार औद्योगिक इकाइयां, 350 अस्पताल, एक नगर निगम और एक नगर पालिका से निकलने वाले प्रदूषण को रोकने की भी जिम्मेदारी है।

भास्कर एक्सक्लूसिव

प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के दफ्तर के स्टोर में पड़ी शराब और बियर की खाली बोतलें। इस स्टोर का इस्तेमाल बोर्ड सैंपल रखने के लिए करता है।

43 साल से वाटर एक्ट लागू नहीं कर पाया बोर्ड

प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के बारे में सबसे हैरानी की बात यह है कि 43 साल पहले जिस काम के लिए इसका गठन हुआ था उस पहले काम को यह पूरा नहीं कर पाया है। 1974 में वाटर एक्ट बना था। इसे लागू करने के लिए सरकार ने एक साल बाद 1975 में पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड का गठन किया। इसका प्रमुख काम पंजाब की इंडस्ट्री द्वारा नदियों में बहाए जाने वाले जहरीले पानी को रोकना था। यह आज तक रुक नहीं पाया है।

जालंधर के अलावा कपूरथला की निगरानी भी करती है प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की टीम

कपूरथला की टीमें तैयार हो रही हैं : एक्सईएन कक्कड़



क्या कहते हैं अधिकारी

हम सरकार को बार-बार लिख रहे हैं, हमें अधिकारी दिए जाएं : पन्नू



बोर्ड किन-किन नियमों की पालना सुनिश्चित कराने के लिए बना है














एक्ट और नियमों को मिलाकर...कुल 19 लक्ष्य हैं जिन पर बोर्ड काम करता है। बोर्ड पंजाब में फैक्ट्रियों को एनओसी भी जारी करता है। उन्हें तभी एनओसी दी जाती अगर इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाला पानी ट्रीट कर नदी में छोड़ा जा रहा होता है।

X
5 अफसरों पर 10 हजार फैक्ट्रियों, 350 अस्पतालों, निगम और 2.90 लाख हेक्टेयर लैंड का पॉल्यूशन रोकने की जिम्मेदारी
Astrology

Recommended

Click to listen..