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फॉरेंसिक ऑडिट की टीम पहुंची, निगम के अफसरों को रिकाॅर्ड तैयार रखनेे के निर्देश

Jalandhar News - अकाली-भाजपा गठबंधन के कार्यकाल के दौरान हुए काम की चैकिंग के लिए फॉरेंसिक जांच एजेंसी ग्रांट थ्रोटन ने काम संभाल...

Dainik Bhaskar

May 01, 2018, 03:25 AM IST
फॉरेंसिक ऑडिट की टीम पहुंची, निगम के अफसरों को रिकाॅर्ड तैयार रखनेे के निर्देश
अकाली-भाजपा गठबंधन के कार्यकाल के दौरान हुए काम की चैकिंग के लिए फॉरेंसिक जांच एजेंसी ग्रांट थ्रोटन ने काम संभाल लिया है। नगर निगम कमिश्नर डॉ बसंत गर्ग, चीफ विजिलेंस अफसर सुदीप मानक और कंपनी के प्रतिनिधियों ने नगर निगम में निगम, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट, सीवरेज बोर्ड के अफसरों से मीटिंग की और उन्हें जांच का शेड्यूल दे दिया है। सबसे पहली जांच अकाउंट ब्रांच की होगी। इसकी जांच के दौरान कैश लेनदेन और डेवलपमेंट वर्क के लिए हुई पेमेंट की जांच होगी।

निगम कमिश्नर डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि पेमेंट के लिए किस तरह का प्रोसीजर अपनाया गया है। जांच कंपनी सिर्फ गड़बड़ियां ही नहीं पकड़ेगी, इसका कारण भी ढूंढेगी। जांच टीम 15 दिन में तेजी पकड़ लेगी। जुलाई तक जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है।

एक अप्रैल, 2007 से लेकर 31 मार्च, 2017 तक के लेन-देन की जांच होगी। इस दौरान जांच से जुड़े विभागों का रिकॉर्ड जुटाया जाएगा। जिनमें प्रमुख रूप से बीएंडआर डिपार्टमेंट, वाटर सप्लाई डिपार्टमेंट, ट्यूबवेल मेंनटनेंस, स्ट्रीट लाइट्स, सीवरेज बोर्ड के काम, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के काम की जांच होगी। बिल्डिंग डिपार्टमेंट को मीटिंग में नहीं बुलाया गया था, लेकिन उनका रिकॉर्ड देखा जाएगा।

बिल्डिंग डिपार्टमेंट का भी रिकॉर्ड देखा जाएगा

जांच 15 दिन में तेजी पकड़ेेगी और रिपोर्ट जुलाई तक आने की उम्मीद है।

सिटी रिपोर्टर | जालंधर

अकाली-भाजपा गठबंधन के कार्यकाल के दौरान हुए काम की चैकिंग के लिए फॉरेंसिक जांच एजेंसी ग्रांट थ्रोटन ने काम संभाल लिया है। नगर निगम कमिश्नर डॉ बसंत गर्ग, चीफ विजिलेंस अफसर सुदीप मानक और कंपनी के प्रतिनिधियों ने नगर निगम में निगम, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट, सीवरेज बोर्ड के अफसरों से मीटिंग की और उन्हें जांच का शेड्यूल दे दिया है। सबसे पहली जांच अकाउंट ब्रांच की होगी। इसकी जांच के दौरान कैश लेनदेन और डेवलपमेंट वर्क के लिए हुई पेमेंट की जांच होगी।

निगम कमिश्नर डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि जांच के दौरान यह भी देखा जाएगा कि पेमेंट के लिए किस तरह का प्रोसीजर अपनाया गया है। जांच कंपनी सिर्फ गड़बड़ियां ही नहीं पकड़ेगी, इसका कारण भी ढूंढेगी। जांच टीम 15 दिन में तेजी पकड़ लेगी। जुलाई तक जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है।

एक अप्रैल, 2007 से लेकर 31 मार्च, 2017 तक के लेन-देन की जांच होगी। इस दौरान जांच से जुड़े विभागों का रिकॉर्ड जुटाया जाएगा। जिनमें प्रमुख रूप से बीएंडआर डिपार्टमेंट, वाटर सप्लाई डिपार्टमेंट, ट्यूबवेल मेंनटनेंस, स्ट्रीट लाइट्स, सीवरेज बोर्ड के काम, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के काम की जांच होगी। बिल्डिंग डिपार्टमेंट को मीटिंग में नहीं बुलाया गया था, लेकिन उनका रिकॉर्ड देखा जाएगा।

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