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नामधारी इलेवन टीम में पटका बांधकर खेलते थे ओलंपियन संजीव

हरियाणा के जिला कुरुक्षेत्र में शाहबाद मार्कंडा गांव के रहने वाले ओलंपियन संजीव कुमार डांग का सामान्य परिवार में...

Bhaskar News Network | Last Modified - May 01, 2018, 03:25 AM IST

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    हरियाणा के जिला कुरुक्षेत्र में शाहबाद मार्कंडा गांव के रहने वाले ओलंपियन संजीव कुमार डांग का सामान्य परिवार में हुआ। अपनी मेहनत और लग्न से भारतीय हॉकी टीम की तरफ से 1996 ओलंपिक्स खेली। 1989 से 2003 तक पंजाब एंड सिंध बैंक की तरफ से कई नेशनल टूर्नामेंट खेलने के बाद भारतीय टीम व बैंक की टीम के साथ कोच कम मैनेजर के रूप में साथ रहे हैं ।

    ओलंपियन संजीव कुमार ने बताया कि 1985 में पंजाब एंड सिंध बैंक ने अपनी हॉकी टीम का गठन किया। इसी टीम से खेलते हुए कई नेशनल व इंटरनेशनल खिलाड़ियों ने भारत का नाम रोशन किया है। पंजाब, हरियाणा, नामदारी इलेवन व पंजाब एंड सिंध बैंक की तरफ से कई नेशनल खेली हैं। हरियाणा सरकार की तरफ से 1995-96 में भीम अवार्ड व 2007 में महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड।

    नेशनल लेवल वॉलीबॉल प्लेयर से लव मैरिज : ओलंपियन संजीव कुमार ने दिल्ली की रहने वाली लवली के साथ 1992 में लव मैरिज की। लवली जो खुद वॉलीबॉल की नेशनल स्तरीय खिलाड़ी रही है।

    1989 में नेशनल स्टेडियम दिल्ली में हॉकी कैंप के दौरान ही दोनों में बातचीत शुरू हुई और करीब चार साल यह बातचीत लव कम अरेंज मैरिज में तबदील हुई। प|ी लवली का 2005 में ब्लड कैंसर से देहांत हो गया था।

    हरियाणा सरकार की तरफ से 1995-96 में भीम अवार्ड व 2007 में महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड

    1984 में स्टेट चैंपियनशिप में जीता गोल्ड...हरियाणाके शाहबाद मार्कंडा में डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 8वीं क्लास में पढ़ाई के दौरान ही हॉकी खेलनी शुरू की। 1982-83 में द्रोणाचार्य अवॉर्डी बलदेव सिंह कोच के रूप में हॉकी के विंग की शुरुआत हुई। ट्रायल दिए और स्कूल की तरफ से हॉकी खेलनी शुरू की। 1983 में डिस्ट्रिक व 1984 में स्कूल की तरफ से स्टेट चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल हासिल किया था।

    टीम में होते थे सभी सिख प्लेयर...ओलंपियन संजीव कुमार अच्छी हॉकी खेलते थे इसी दौरान नामधारी इलेवन की तरफ से भी उन्होंने 1988 में हॉकी खेलनी शुरू की क्योंकि टीम में सभी सरदार प्लेयर थे, अपने लंबे बालों को संजीव कुमार जूड़ी कर पटका बांध कर खेलते थे और कछ्हरा डालते थे। जिससे वह बाकी प्लेयर्स की तरह ही लगते थे।

    संजीव कुमार डांग

    कॉलेज में फारवर्ड इन साइड लेफ्ट के रूप में खेले

    1986 से 1989 तक संजीव ने लुधियाना के सरकारी कॉलेज से हॉकी खेलने के साथ ग्रेजुएशन की। कॉलेज की टीम में “फारवर्ड इन साइड लेफ्ट” के रूप में खेलते हुए 1986 में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी में पंजाब यूनिवर्सिटी की टीम ने संभल यूनिवर्सिटी को हराकर गोल्ड मेडल, 1988 में ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप में पंजाब यूनिवर्सिटी की टीम ने चंडीगढ़ को हराकर गोल्ड मेडल हासिल किया।

    1996 ओलंपिक टूर्नामेंट1996 को यूएसए अटलांटा में ओलंपिक टूर्नामेंट हुआ। इसमें टीम को 8वां स्थान मिला। टूर्नामेंट में भारत ने अर्जेंटिना से 1-0 से हार के बाद, जर्मनी के साथ 1-1 से ड्रा, यूएसए को 4-0 से हराया, इंडिया वर्सेज पाक 0-0 पर ड्रा, इंडिया वर्सेज कोरिया 3-3 से ड्रा के बाद टाई ब्रेकर में हार गए। टीम की कमान विधायक ओलंपियन परगट सिंह के हाथ थी जबकि जालंधर से हरप्रीत सिंह मंडेर, बलजीत सिंह सैनी, बलजीत सिंह ढिल्लों, रमनदीप सिंह भी टीम में शामिल थे।

    हॉकी के दम पर आरसीएफ से पंजाब एंड सिंध बैंक में जॉब

    1988-98 में हॉकी के दम पर ओलंपियन संजीव ने आरसीएफ कपूरथला में कलेरिकल जॉब की और आरसीएफ की तरफ से भी नेशनल टूर्नामेंट खेले। 1989 में पंजाब एंड सिंध बैंक में गेस्ट प्लेयर के रूप में खेलते हुए बैंक ने उन्हें अपने साथ जुड़ने की ऑफर दी। ऑफिसर की पोस्ट से जॉब की शुरुआत की। संजीव अब जोनल ऑफिस में चीफ मैनेजर है। रमेश चंद्र हॉकी टूर्नामेंट, लाल बहादुर शास्त्री हॉकी टूर्नामेंट, गुरमीत हॉकी टूर्नामेंट व सुरजीत हॉकी टूर्नामेंट में बेस्ट प्लेयर रहे हैं।

    1989 में भारत की ओर से खेली चैंपियन ट्राफी

    1988 में भारतीय जूनियर टीम की तरफ से दिल्ली में वर्ल्ड कप क्वालिफायर राउंड खेलते हुए ब्रांज मेडल हासिल किया। इसके बाद 1989 में भारत की मुख्य हॉकी टीम में शामिल हुए। इसी साल जर्मनी में खेली गई चैंपियन ट्राफी में भारतीय टीम को 5वां स्थान दिलाया। 1989 में ही इंग्लैंड के साथ टैस्ट मैच और यूएसए में सीनियर वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफायर राउंड में भारत ने ब्रांज मेडल जीता।

    1991 में इंदिरा गांधी गोल्ड कप में जीता ब्रांज

    1991 में इंदिरा गांधी गोल्ड कप में ब्रांज मेडल, टूर्नामेंट में 1 गोल किया। स्पेन, जर्मनी, हॉलैंड, के साथ टैस्ट मैच खेले। 1993 जापान में हुए चौथे सीनियर एशिया कप में सिल्वर मेडल, शिवाजी स्टेडियम में इंडिया ए को हराकर गोल्ड मेडल जीता, 1994 जापान एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल, सीनियर वर्ल्ड कप में पांचवां स्थान, 1995 में 8वें इंदिरा गांधी गोल्ड कप हॉकी टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल, 1995 में मलेशिया को हराकर टेस्ट सीरीज जीती, 1995 में सिंगापुर टेस्ट सीरीज में गोल्ड मेडल टूर्नामेंट में तीन गोल किए। इसी साल सुलतान अजलान शॉह हॉकी टूर्नामेंट मलेशिया में गोल्ड मेडल, 1996प्री ओलंपिक टूर्नामेंट में सिल्वर मेडल। मद्रास में चौथे नेशनल टूर्नामेंट में साउथ अफ्रीका को 3-2 से हराकर गोल्ड जीता जो जिंदगी का सबसे बेहतरीन मैच रहा।

    पंजाब-हरियाणा की तरफ से खेले नेशनल हॉकी टूर्नामेंट

    हरियाणा की तरफ से 1994 फेडरेशन कप में सिल्वर मेडल, 1994 मुंबई, 1987 पूणे, 1992 बीकानेर में नेशनल हॉकी चैंपियनशिप खेली। पंजाब की तरफ से 1991 में फर्स्ट फेडरेशन कप में सिल्वर, 1992 में सेकं फेडरेशन कप, चौथे फेडरेशन कप हैदराबाद में सिल्वर मेडल जीता। 1997 में बैंगलोर नेशनल गेम्स में गोल्ड, 1990 में जम्मू-कश्मीर व 1992 में तमिलनाडु़ में पंजाब की तरफ से नेशनल हॉकी चैंपियनशिप खेली।

    खिलाड़ी, कोच व मैनेजर के रूप में...1989से 2003 तक ओलंपियन संजीव ने पंजाब एंड सिंध बैंक की तरफ से कई नेशनल टूर्नामेंट खेले। 1991-92 में टीम के कप्तान भी बने। 2003 में पंजाब एंड सिंध बैंक के मैनेजर कम कोच बने। 2005-06 में टीम ने सीनियर नेशनल में गोल्ड जीता। पंजाब एंड सिंध बैंक की एकेडमी के कोच रहे। 2017 में पंजाब एंड सिंध बैंक की टीम ने सिल्वर मेडल जीता। 2012-13 में हॉकी पंजाब टीम के मैनेजर रहे हैं। इसके अलावा हॉकी पंजाब के सिलेक्टर भी हैं। 2012 में लाहौर में हुई इंडो-पाक पंजाब गेम्स में टीम के कोच टीम ने गोल्ड मेडल जीता था।

    फैमिली

    पिता लेट ओम प्रकाश बिजनेसमैन थे। मां सत्या राणी। प|ी लेट लवली नेशनल स्तर की वॉलीबॉल प्लेयर थीं। बेटी लक्षिता। बेटा शिवांशु न्यूजीलैंड में स्टडी कर रहा है। टेबल टैनिस का खिलाड़ी रहा है। ़

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