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यज्ञ के बिना मानव जीवन अधूरा

आर्य समाज मंदिर मॉडल टाउन में साप्ताहिक सत्संग हुआ। पं. सत्य प्रकाश शास्त्री, पं. बुद्धदेव वेदालंकार ने यज्ञ किया।...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 03:30 AM IST
आर्य समाज मंदिर मॉडल टाउन में साप्ताहिक सत्संग हुआ। पं. सत्य प्रकाश शास्त्री, पं. बुद्धदेव वेदालंकार ने यज्ञ किया। जोगिंदर भंडारी, सुदेश भंडारी, रमेश चंद्र चोपड़ा यजमान थे। सुशील कुमार शर्मा ने कहा कि मानव जीवन को सार्थक करना है कि यज्ञ विज्ञान व योग विज्ञान को जीवन में अपनाना होगा। परमात्मा स्वयं यज्ञ स्वरूप है तथा संसार को यज्ञमय ही बनाया है। भौतिक जगत में आग में डाला हुआ पदार्थ जलकर गैस के रूप में परिवर्तित हो जाता है। जिससे जल व वायु की शुद्धि होती है। यज्ञ मानव जीवन का एक अभिन्न अंग है अर्थात यज्ञ बिना अधूरा है।

यज्ञ हीन मानव पतन की ओर चला जाता है। इसलिए यज्ञ को संसार का केंद्र बिंदू अर्थात नाभि बताया है। यज्ञ का साधारण विवेचन से पता चलता है कि परोपकार करना। पं. बुद्धदेव ने आसरा इस जहां के मिले न मिले मुझको तेरा सहारा सदा चाहिए-चांद तारे फलक में दिखे न दिखे मुझको तेरा नजारा सदा चाहिए। अध्यक्षता प्रधान अरविंद घई ने की। यहां एमआर भगत, रामचंद्र ठेकेदार, जगदीश शर्मा, रमेश चोपड़ा, राज किरण अरोड़ा, केपी सिंह, विजय चोपड़ा, सुशील बत्तरा, प्रोमिला आदि थे।

आर्य समाज मंदिर मॉडल टाउन और शहीद भगत सिंह नगर में साप्ताहिक यज्ञ

मुख्य यजमान राजेश वधवा, पारुल वधवा थे। पं. शिवा शास्त्री ने मंत्रोच्चारण किया। सोनू भारती ने यज्ञ प्रार्थना की।

ये रहे मौजूद : यहां हर्ष लखनपाल, भुपेंद्र उपाध्याय, चो. हरीचंद, विजय चावला, सुरेंद्र अरोड़ा, बैजनाथ, उर्मिल भगत, कुबेर शर्मा, नंदिनी शर्मा, नलिनी उपाध्याय, केदारनाथ शर्मा, राजीव शर्मा, बलराज मिश्रा, रैना शर्मा, अमित सिंह, ललित मोहन कालिया, सुनीत भाटिया, डिंपल भाटिया, हरविंद्र सिंह बेदी, हरविंद्र कौर बेदी, स्वर्ण शर्मा, सुभाष आर्य, इंदु आर्य, दिव्या आर्या, रानी अरोड़ा, पवन शुक्ला, लवलीन कुमार, मीनू शर्मा, जसबीर सिंह, शादी लाल, हरीचंद जसवाल, रविंद्र आर्य, दिनेश शर्मा, वंश आर्य, जसवाल, हरमेश शर्मा, लवलीन कुमार, अशोक शर्मा, प्रिया मिश्रा, मोहन लाल, मनु आर्य, विनोद कुमार, राजेश बजाज, उमा शुक्ला और राजीव कुंद्रा आदि थे।

जालंधर |आर्य समाज मंदिर शहीद भगत सिंह नगर में साप्ताहिक यज्ञ हुआ। मुख्य यजमान राजेश वधवा, पारुल वधवा थे। पं. शिवा शास्त्री ने मंत्रोच्चारण किया। सोनू भारती ने यज्ञ प्रार्थना की। सुरिंद्र सिंह गुलशन ने जोड़ के हाथ झुका के मस्तक मांगते है वरदान- प्रभु द्वेष मिटाये प्रेम पढ़ाये नेक बने इंसान भजन गाया।

मुख्य वक्ता पारुल वाधवा ने कहा कि आर्य समाज व स्वामी दयानंद सरस्वती की ही देन है कि हम सभी वेद मंत्रोच्चार कर रहे है और महिला आज उच्च पदों पर विराजमान है। मेरा सौभाग्य है ओर मुझे गर्व है कि मै स्वामी श्रद्धानंद जी की पड़पोत्री हूं मुझे परिवार से संस्कार मिले और मंच से विचार प्रकट करने का मौका मिला। प्रधान रणजीत आर्य ने सभी का स्वागत किया।