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श्रद्धा स्थिर होनी चाहिए न कि परिवर्तनशील

जालंधर | आचार्य प्रवर श्री दिव्यानंद सुरीश्वर महाराज साहिब निराले बाबा का रामेश्वर कालोनी में भक्तों ने किया...

Danik Bhaskar | Apr 17, 2018, 03:30 AM IST
जालंधर | आचार्य प्रवर श्री दिव्यानंद सुरीश्वर महाराज साहिब निराले बाबा का रामेश्वर कालोनी में भक्तों ने किया स्वागत। प्रवचन सभा में उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति में जनसाधारण से विशेष गुण शक्ति का विकास देख उसके संबंध में जो एक स्थायी आनंद हृदय में स्थापित हो जाता है। उसे श्रद्धा कहते हैं।

हमारी श्रद्धा पानी में पड़े पत्थर के समान होनी चाहिए ना कि मिट्टी के गोले की तरह की पानी का स्पर्श होने पर बिखर जाए। हमारी श्रद्धा स्थिर होनी चाहिए ना कि परिवर्तनशील। श्रद्धा महत्व की आनंदपूर्ण स्वीकृति के साथ-साथ बुद्धि का संचार है। यदि हमें निश्चय हो जाएगा कि वह मनुष्य बड़ा वीर, सज्जन, गुणी, धर्मी, विद्वान, परोपकारी, धर्मात्मा है तो वह हमारे आनंद का विषय हो जाएगा। हम उसका नाम आने पर प्रशंसा करने लगेंगे। उसे सामने देख कर आदर से शीश झुकाएंगे। किसी प्रकार कि स्वार्थ ना रहने पर भी हम सदा उसका भला चाहेंगे। उसकी तरक्की से प्रसन्न होंगे। यहां अरिहंत जैन, अर्चना जैन, गुलशन जैन, कंचन जैन, सौरभ जैन, गौरव जैन, कशिश जैन, आंचल जैन, गौरीका जैन, आरव जैन, प्रदीप कुमार, सुनील कुमार, हरकमल, कमल जैन, पुनीत, गौरव, रुपिंदर सिंह, आशा रानी, आर्यन जैन थे।

रामेश्वर कॉलोनी में करवाई प्रवचन सभा

श्री दिव्यानंद सुरीश्वर महाराज साहिब निराले बाबा का भक्तों ने किया स्वागत।