गगनेजा हत्याकांड / आरएसएस नेता को गोलियां मारने के बाद चोरी की बाइक पर झंडे लगा चिंतपूर्णी निकल गए थे शूटर



NIA started investigation for RSS leader Jagdeesh Gagneja Murder case
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NIA started investigation for RSS leader Jagdeesh Gagneja Murder case

  • 6 अगस्त, 2017 की देर शाम पूर्व एसएसपी दफ्तर के बाहर मारी थी ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) जगदीश गगनेजा को गोलियां
  • शुक्रवार को नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले की जांच शुरू कर दी
  • विशेष टीम लुधियाना पुलिस के विशेष कमांडोज के साथ दोपहर 12 बजे शूटर रमन दीप को लेकर जालंधर पहुंची

Dainik Bhaskar

Jul 13, 2019, 01:01 PM IST

जालंधर. जालंधर में आरएसएस नेता ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) जगदीश गगनेजा की सरेआम गोलियां मारकर हत्या के मामले में एनआईए ने बड़ा खुलासा किया है। दरअसल 6 अगस्त, 2017 की देर शाम सिटी के भीड़-भाड़ वाले वाल्मीकि चौक के पास पूर्व एसएसपी दफ्तर के बाहर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नेता ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) जगदीश गगनेजा की सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। शुक्रवार को नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। पूछताछ में रमन ने माना था कि लुधियाना से बाइक चोरी की थी। गगनेजा को गोलियां मारने के बाद वे सिटी से निकल कर रामामंडी पहुंच गए और चेहरे से नकाब हटा दिया थे। चिंतपूर्णी का मेला शुरू हो चुका था तो उन्होंने होशियारपुर रोड रामामंडी से पूजा सामग्री बेचने वाली एक शॉप से दो झंडे खरीदकर बाइक पर लगा दिए।


एनआईए की एक विशेष टीम लुधियाना पुलिस के विशेष कमांडोज के साथ दोपहर 12 बजे शूटर रमन दीप को लेकर जालंधर पहुंची। टीम ने दीप नगर के रंजीत नगर स्थित गगनेजा के घर से लेकर उनके सैर करने तक की निशानदेही शूटर से करवाई। यहां से रमन को लेकर टीम 2 बजे सिटी के अंदर पूर्व एसएसपी दफ्तर के बाहर पहुंची। यहां पर आरोपी ने बताया कि वह गगनेजा की कार का पीछा करते आए थे। बाइक के पीछे शूटर शेरा बैठा था। देखा कि गगनेजा ने कार खड़ी कर दी। कार से उनकी पत्नी भी उतरी थी। गगनेजा बाथरूम करने लगे तो उसने बाइक मोड़ ली। बाइक से उतरे शेरा ने दो पिस्टल से उन्हें गोलियां मार दी थीं। वे तेजी से स्काईलार्क चौक की ओर निकल रहे थे कि उनकी बाइक भीड़ में फंस गई थी तो शेरा ने हवा में गोली चला दी थी। इलाका भगवान वाल्मीकि चौक का था और चहल-पहल भी काफी ज्यादा होती है तो उन्हें भीड़ का भी डर था। वे वहां से निकलना चाहते थे। इसलिए हवाई फायर करके उन्होंने वहां से जल्द से जल्द निकलने की कोशिश की।

 

सैर करते गोलियां मारने की थी साजिश
पूछताछ में शूटर रमन ने माना था कि इटली से टारगेट मिलने के बाद वह पहली बार 3 अगस्त 2016 को रंजीत नगर में आया था। यहां पर देखा था कि गगनेजा सुबह अपने दफ्तर चले जाते हैं तो शाम को अकसर सैर करते हैं। कार का नंबर तक नोट किया था। दो दिन की रेकी के बाद उसने इटली में बैठे आका को बताया था कि शाम को बड़े आराम से गगनेजा को मारा जा सकता है क्योंकि गगनेजा पुलिस सिक्योरिटी लेते ही नहीं हैं। शाम को सैर करने की उनकी रुटीन है। 6 अगस्त की शाम वह दीप नगर में दूसरे शूटर शेरा के साथ आ गया था। यहां पर दोनों इंतजार कर रहे थे कि गगनेजा सैर करने पैदल निकले तो वे उन्हें टारगेट कर सकें। इस बीच देखा कि गगनेजा सैर करने नहीं आए, मगर पत्नी संग कार में निकल गए। इसलिए उनके पीछे बाइक दौड़ा दी थी। वे परागपुर से उनका पीछा करते हुए क्राइम सीन तक आए थे।

 

किए जा चुके 12 आरोपी ट्रेस

राज्य में 7 टारगेट किलिंग के मामले में पुलिस ने केस में 12 आरोपी ट्रेस किए थे। इनमें एक साजिशकर्ता आतंकी हरमिंदर सिंह मिंटू की मौत हो चुकी थी। मामले से जुड़े कुछ आरोपी इटली में हैं। पुलिस ने केस में शूटर हरदीप सिंह शेरा, रमनदीप सिंह बग्गा, एनआरआई जगतार सिंह जौहल, धरमिंदर गुगनी, अमनिंदर सिंह, मनप्रीत सिंह, अनिल कुमार काला, रवि पाल, परवेज, मलूक व पहाड़ सिंह पकड़ चुकी हैं। सभी मामले की जांच अब एनआईए कर रही है।

 

एनआईए के सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने लुधियाना से बाइक चोरी की थी। गगनेजा को गोलियां मारने के बाद वे सिटी से निकलकर रामामंडी पहुंच गए और चेहरे से नकाब हटा दिया थे। चिंतपूर्णी का मेला शुरू हो चुका था तो उन्होंने होशियारपुर रोड रामामंडी से पूजा सामग्री बेचने वाली एक शॉप से दो झंडे खरीद कर बाइक पर लगा दिए। उन्होंने ऐसा इसलिए किया था, ताकि पुलिस उन्हें श्रद्धालु समझ कर उनकी बाइक को न रोकें।

 

किया था रूट प्लान

गगनेजा को गोलियां मारने के बाद पहले से भागने के लिए ये रूट उन लोगों ने प्लान किया हुआ था। वे जानते थे कि गगनेजा को गोलियां सरेआम मारी हैं तो पब्लिक ने उनकी बाइक भी देखी है। वे चिंतपूर्णी मंदिर नहीं गए, मगर वहां से निकलकर आनंदपुर साहिब होते हुए तड़के माछीवाड़ा पहुंच गए। वहां बाइक नहर में फेंक दी। इसके बाद शेरा वेपन के साथ निकल गया था और रमन भी।


जंडियाला का एनआरआई जगतार सिंह करता था फंडिंग

नवंबर 2017 में पुलिस ने ब्रिटिश नागरिक व होटलियर जगतार सिंह जौहल को अरेस्ट किया था। वह जंडियाला गांव का रहने वाला है और मैरिज के लिए इंडिया आया था। उसने अक्टूबर में मेहतपुर के गांव सोहल जगीर की रहने वाली गुरप्रीत कौर से मैरिज की थी। यह मैरिज नकोदर के पैलेस में हुई थी। पुलिस ने उसे धन्नोवाली फाटक के पास से उस समय पकड़ा था, जब वह अपनी पत्नी और मौसेरी बहन के साथ कार में चंडीगढ़ जा रहे थे। चंडीगढ़ में बहन का पेपर था तो जगतार हनीमून पर जाने के लिए पत्नी संग चंडीगढ़ में शॉपिंग करना चाहता था।

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