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9 साल बाद भी नहीं बनी निफ्ट की बिल्डिंग, 48 लाख एडवांस लेने के बावजूद कंपनी ने काम नहीं किया, हाेगी ब्लैक लिस्ट

Jalandhar News - फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के वाले स्टूडेंट्स को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। वजह शहर में नेशनल...

Bhaskar News Network

Nov 11, 2019, 07:55 AM IST
Jalandhar News - nift building not built even after 9 years despite taking 48 lakh advance the company did not work will get black list
फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में करियर बनाने के वाले स्टूडेंट्स को अभी और इंतजार करना पड़ेगा। वजह शहर में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) बनाने की योजना अफसरों की लापरवाही की भेट चढ़ चुकी है। साल 2010 में निफ्ट की बिल्डिंग की कंस्ट्रक्शन शुरू करने के लिए सृष्टि कंस्ट्रक्शन को टेंडर अलॉट किया गया था।

टेंडर मिलने के बाद कंपनी ने निर्माण शुरू करवा दिया, लेकिन भुगतान में देरी के कारण आगे काम करने से मना कर दिया था। इसके बाद 2018 में इंप्रयोमेंट कंपनी को निर्माणाधीन बिल्डिंग की फिनिशिंग के लिए 79 लाख का टेंडर अलॉट किया गया। टेंडर कंपनी को डेढ़ साल के लिए दिया गया था। काम जल्द पूरा होने के लिए डिपार्टमेंट ने 48 लाख रुपए कंपनी को एडवांस दिए थे। दिसंबर से टेंडर की अवधि पूरी होने वाली है। अभी तक कंपनी ने 30 फीसदी काम भी नहीं किया। इसे लेकर निफ्ट कंपनी काे ब्लैक लिस्ट करने के साथ रिकवरी के लिए रिपाेर्ट कराने की तैयारी में है।

सूर्या एनक्लेव में 2.75 एकड़ में बनना है प्राेजेक्ट, अब तक Rs.9.15 करोड़ खर्च

सूर्या एंक्लेव इलाके में 2.75 एकड़ पर बनने वाले प्राेजेक्ट के तहत दो ब्लाक बनने हैं। इसमें 6 साल में अभी तक निर्माणाधीन एक ब्लाक में केवल 80 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। दूसरे ब्लाक में अभी तक काम शुरू नहीं हो सका है। इस प्रोजेक्ट में अब तक 9.15 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। डिपार्टमेंट चाहता था कि निर्माणाधीन ब्लाक की फिनिशिंग करवाकर यहां पर स्टूडेंट्स की एजुकेशन शुरू की जाय। इसके बाद दूसरे ब्लाक के निर्माण के लिए नए सिरे से टेंडर निकाले जाएंगे। यही वजह रही कि विभाग की ओर से कंपनी को समय से काम पूरा करने के लिए एडवांस में फंड भी दे दिया। दूसरी कंपनी ने पैसा ले लिया लेकिन काम करवाने के नाम पर केवल खानापूर्ति की गई। बताते चलें कि यहां पर स्टूडेंट्स के लिए होस्टल और क्लास रूम भी अलग से बनने हैं। इनका काम अभी तक शुरू नहीं हो सका है।

2010 में पूर्व सीएम बादल ने शुरू किया था प्रोजेक्ट

पूर्व सीएम परकाश सिंह बादल ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर प्रोजेक्ट को साल 2010 में शुरू किया था। उस समय जालंधर के विधायक मनोरंजन कालिया इंडस्ट्री मिनिस्टर थे। यह काम इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के अंडर में आने वाली निफ्ट संस्था के तहत हो रहा है। निर्माण कार्य में देरी के चलते निफ्ट के खाते में 4.50 करोड़ रुपए डंप पड़े हैं।

साल दर साल बढ़ती रही प्रोजेक्ट कास्ट

शहर में निफ्ट खोलने की योजना साल 2007 में बनी, उस समय प्राेजेक्ट कास्ट 9 करोड़ थी। कार्य योजना बनने के बाद साल 2010 में निफ्ट के निर्माण के लिए 16.38 करोड़ के टेंडर एक कंपनी को अलॉट हुए। साल 2018 में निफ्ट की प्रोजेक्ट कास्ट 18.82 करोड़ हो गई है।

कंपनी को समय से काम पूरा करने के दिए गए निर्देश

इस संदर्भ में रजिस्ट्रार निफ्ट इंद्रजीत सिंह का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर निफ्ट के इस प्राेजेक्ट को संचालित कर रहे हैं। इसके निर्माण कार्य में जो भी धन खर्च हो रहा है, उसमें केंद्र व राज्य की बराबर की हिस्सेदारी है। टेंडर लेने वाली कंपनी को निर्धारित समय काम पूरा करने के लिए कहा गया है। यदि काम समय पर नहीं पूरा होता है, तो कार्रवाई होगी।

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